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PAK Army और सरकार के खिलाफ सुलगा PoK, विद्रोह को कुचलने के लिए ISI ने भेजे अपने गुर्गे, चलीं गोलियां, VIDEO

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) पाक आर्मी और सरकार के विरोध में सुलगने लगा है. यहां अब तक के सबसे बड़े विद्रोह का प्लान तैयार हो गया है. PoK में पब्लिक एक्शन कमेटी की ओर से की गई हड़ताल के आह्वान को पाक सेना ने अपने कठपुतलियों के माध्यम से कुचलने की कोशिश की, लेकिन फेल रहे. जानकारी के मुताबिक यहां प्रदर्शनकारियों की वार्ताकारों से वॉर्ता विफल रही है. इस दौरान आम अवाम के बीच घुसपैठ की कोशिश कर रहे पाक सेना के अधिकारी को दबोच लिया गया. वहीं PoK में इस हड़ताल के दौरान भारी गोलीबारी की भी खबर है.

Image: X (Screengrab)
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पाकिस्तान लाख हथियार, गोली, बम, दमन, अत्याचार कर ले, पीओके आजाद होकर रहेगा. यहां आर्मी और पाक सरकार के खिलाफ विद्रोह भड़क गया है. लोग  शहबाज शरीफ सरकार के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. प्रदर्शन को बंदूक की नोक पर दबाया जा रहा है. 29 सितंबर को बुलाए गए हड़ताल को रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया गया. मानवाधिकार के उल्लंघन की हर सीमा लांघ दी गई. यहां ISI के गुंडों ने प्रदर्शनकारियों पर खुलकर गोलीबारी की.

आम लोगों को गोलियों से भूना जा रहा है. लेकिन उनकी तमाम कोशिशें फेल हो रही हैं. लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. अब इस दमकारी शासन का वीडियो घटना-ए-वारदात से सामने आ रहे हैं. इसमें देखा जा सकता है कि कैसे पाकिस्तानी सेना के ही एक अधिकारी को दबोच लिया गया है.

पाक आर्मी के खिलाफ बड़े विद्रोह की ओर बढ़ रहा PoK!

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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सोमवार को पब्लिक एक्शन कमेटी की ओर से की गई हड़ताल के आह्वान के बाद लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर ली और चक्का जाम हड़ताल की. स्थानीय मीडिया के अनुसार 38 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर यह विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया. हड़ताल के चलते मुज़फ्फराबाद सहित पूरे क्षेत्र में बाजार, वाणिज्यिक केंद्र और परिवहन पूरी तरह ठप रहे.

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कहा जा रहा है कि ये प्रदर्शन अनिश्चितकाल के लिए होने जा रहा था. इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. इसने इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी तक कान खड़े कर दिए. विद्रोह की आशंका और नाराजगी की धार को देखकर सरकार ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को भेजा और भीड़ को रोकने के लिए रविवार आधी रात से ही पूरे इलाके में इंटरनेट बैन कर दिया था.

स्थानीय न्यूज टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, होटल और दुकानें बंद रहीं जबकि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से थम गई. स्कूलों में भी कक्षाएं खाली रहीं क्योंकि अधिकांश छात्र पढ़ने नहीं पहुंचे. इस बीच, पीओके में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी बंद रहीं. टेलीफोन सेवाओं में भी बाधा रही, जिससे लोग बाहरी दुनिया से कटे रहे.

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क्या है AAC की 38 सूत्री मांगें?

पब्लिक एक्शन कमेटी ने अपनी 38 सूत्रीय मांगों में शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करने और अभिजात वर्ग को दिए गए विशेषाधिकारों को वापस लेने जैसी बातें शामिल की हैं. समिति ने चेतावनी दी है कि दिन में बाद में एक बड़ी रैली भी निकाली जाएगी.

बता दें कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के लोग लंबे समय से आतंकवाद और सरकारी नीतियों के कारण भारी मानव, आर्थिक और मानसिक संकट झेल रहे हैं. यह मुद्दा हाल ही में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की 60वीं बैठक में भी उठाया गया था, जहां वक्ताओं ने पीओके के लोगों की स्थिति को पाकिस्तान की आतंकवादी नीतियों का परिणाम बताया.

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आतंकवाद और पाक आर्मी के दमन का शिकार है PoK!

ग्रीक सिटी टाइम्स में पॉल एंटोनोपोलोस ने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और खुले स्रोत के आंकड़ों से स्पष्ट है कि यह क्षेत्र आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार है. लगातार हमलों और अस्थिरता ने विकास परियोजनाओं को बाधित किया है. पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार की योजनाएं बार-बार रुक जाती हैं और संसाधन सुरक्षा पर खर्च हो जाती हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जो थोड़ी बहुत उद्योग और पर्यटन की संभावनाएं यहां बनीं, उनका लाभ भी पाकिस्तान सेना से जुड़ी कंपनियां उठा लेती हैं, जिससे स्थानीय लोग खाली हाथ रह जाते हैं.

इस्लामाबाद की बातों पर भरोसा नहीं कर रहे लोग

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PoK में मौजूद कठपुतली सरकार, केंद्र के मंत्रियों और AAC प्रतिनिधियों के बीच करीब तीन घंटे तक वार्ता चली, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका. AAC ने विशेषाधिकार खत्म करने की अपनी मुख्य मांगों पर समझौता करने से साफ इनकार कर दिया. फिलहाल क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण है और प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहने की आशंका है.

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