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पीएम मोदी ने दबाई पाकिस्तान की दुखती रग, घुटनों पर आए पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ

पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर एक के बाद एक कड़ी कार्रवाई की है. भारत के एक्शन के बाद पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ घुटनों पर आ गए. उनके बयान इस ओर इशारा कर रहे हैं कि पाक ने पहलगाम आतंकी हमले में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है.

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पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई CCS की बैठक में सिंधु जल समझौता सस्पेंड करने सहित करीब 5 फैसले लिए गए जिससे पड़ोसी पाक बौखलाया हुआ है. हिंदुस्तान के प्रतिबंधों के बाद उसने भी इन्हीं निर्णयों को कॉपी और पेस्ट कर दिया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे दबाव और भारत को समर्थन के बाद पाकिस्तान अब घुटनों पर आ गया है. प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ झुकते नज़र आ रहे हैं. 

पाकिस्तान ने अप्रत्यक्ष रूप से माना पहलगाम हमले में अपना हाथ!
पाकस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान इस हफ्ते कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों की हत्या की किसी भी 'निष्पक्ष और पारदर्शी' जांच के लिए तैयार है. हालांकि वो इस दौरान विक्टिम कार्ड खेलना नहीं भूले और कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के सभी रुपों की आलोचना की है और देश को खुद इसका शिकार रहा है.

शरीफ ने फिर आरोपों से पल्ला झाड़ा! 
डॉन.कॉम के मुताबिक काकुल में पाकिस्तान मिलिट्री अकादमी में पासिंग-आउट परेड को संबोधित करते हुए, शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत बिना किसी विश्वसनीय जांच या सत्यापन योग्य सबूत के आधारहीन और झूठे आरोप पाकिस्तान पर लगा रहा है.

पाकिस्तानी पीएम ने आगे कहा, "एक जिम्मेदार देश के रूप में अपनी भूमिका को जारी रखते हुए, पाकिस्तान किसी भी निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच में भाग लेने के लिए तैयार है."

शहबाज ने फिर अलापा कश्मीर राग 
इस दौरान शहबाज शरीफ ने एक बार फिर जम्मू कश्मीर का राग अलापा. उन्होंने कहा, "मुझे कश्मीर के महत्व को रेखांकित करना होगा, जैसा कि राष्ट्र के संस्थापक कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने सही कहा था, कश्मीर पाकिस्तान की गर्दन की नस है." 

शहबाज ने आतंकवाद से नुकसान और तबाही का रोना रोया
प्रधानमंत्री ने कहा, "पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की है. उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ दुनिया का अग्रणी देश बताते हुए कहा, "हमने भारी नुकसान उठाया है, जिसमें 90,000 लोग हताहत हुए हैं और 600 बिलियन डॉलर से अधिक की आर्थिक हानि हुई है." शहबाज जब यह बयान दे रहे थे तब वो ये बात भूल गए कि उन्हीं के रक्षा मंत्री ने एक ब्रिटिश टीवी चैनल के साथ बातचीत में स्वीकार किया था कि 'पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद को पाल पोष रहा है और वह यह अमेरिका और यूरोपीय देशों के लिए करता रहा है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद क्या-क्या हुआ?
आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल - पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं. हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. बीते दिनों नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं. इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, जैसे कई कदम उठाए हैं. भारत के इन फैसलों के बाद पाकिस्तान ने शिमला समझौते को स्थगित करना और भारतीय उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने जैसे कुछ कदम उठाए हैं.

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