Advertisement
पाकिस्तान की नापाक कोशिशें जारी, आपरेशन सिंदूर के बाद अब चीन और तुर्की से हथियार खरीदने की बनाई लिस्ट!
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान इन हथियारों का इस्तेमाल पीओके में तैनात करके साजिश रचने की तैयारी कर रहा है. जिसमे उसकी मदद चीन कर रहा है जो की उससे ड्रोन की खेप देने की तैयारी कर रहा है. दरअसल चीन की एक डेलिगेशन पाकिस्तान के उच्चस्तरीय डेलिगेशन से मुलाकात भी कर चुका है.
Advertisement
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जिस तरह से सैन्य मोर्चे पर मुंह की खाई है उसके बाद से पाकिस्तान और आईएसआई में खौफ का माहौल है. अब ऐसे मे बेचारा पाकिस्तान आर्थिक रूप से परेशान इधर-उधर हाथ फैला रहा है. जहाँ अपनी नापाक हरकतों को पूरा करने के लिए उससे तुर्की और चीन के हथियारों की भीख मांगनी पड़ रही है.
चीन और तुर्किए से हथियार खरीद रहा है पाकिस्तान
Advertisement
Advertisement
सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाई पाकिस्तानी आर्मी और आईएसआई ने चीन और तुर्किए से हथियार खरीद की पूरी लिस्ट तैयार कर ली है. पाकिस्तान ने भारत के साथ युद्ध के दौरान इस्तेमाल किए चीन और तुर्की के ड्रोन और मिसाइल. जो की भारत की मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम के सामने सब फेल हो गए. जिसके बाद पाकिस्तान ने अब चीन से भारी मात्रा में ग्राउंड बेस्ड लॉन्चर खरीदने की तैयारी है. इससे पाकिस्तान रॉकेट, ग्रेनेड और बड़े गोले फेंक सकता है. खुलासा ये भी हुआ है कि पाकिस्तान 30 UAV (Wing Loong) भी चीन से एक बार फिर खरीद रहा हैं.
Advertisement
पाकिस्तान ने लिया 11000 करोड़ का लोन
वही पाकिस्तान को भारत के खिलाफ युद्ध के दौरान अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF से करीब 11000 करोड़ का लोन मिला है. जो की अब इस लोन का इस्तेमाल चीन और तुर्किए से हथियार खरीदने के लिए करेगा. यही नहीं चीन और तुर्किए की मदद से पाकिस्तान ड्रोन की एक बड़ी ब्रिगेड भी तैयार करने में लगा हुआ है.
Advertisement
चीन कर रहा है पाकिस्तान की मदद
Advertisement
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान इन हथियारों का इस्तेमाल पीओके में तैनात करके साजिश रचने की तैयारी कर रहा है. जिसमे उसकी मदद चीन कर रहा है जो की उससे ड्रोन की खेप देने की तैयारी कर रहा है. दरअसल चीन की एक डेलिगेशन पाकिस्तान के उच्चस्तरीय डेलिगेशन से मुलाकात भी कर चुका है.
भारतीय सेना ने मिट्टी मे मिलाया था जैश का हेडक्वार्टर
Advertisement
यह भी पढ़ें
पाकिस्तान राजस्थान के जैसलमेर के करीब इंटरनेशनल बॉर्डर के उस पार सर्विलांस इक्विपमेंट लगा रहा है, जिससे उसने चीन से ख़रीदा है ये ही वो इलाका का जहाँ जैश का हेडक्वार्टर बहावलपुर था, जिससे भारतीय सेना ने मिट्टी मे मिला दिया था.