अमेरिका-इजरायल के लिए पाकिस्तान के परमाणु हथियार बना बड़ा खतरा, ट्रंप उठाएंगे बड़ा कदम; तुलसी गबार्ड ने दिए संकेत
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने अपनी एक रिपोर्ट में चौंकने वाला दावा किया है. भारत-पाक के बीच परमाणु तनाव का खतरा बरकरार बताया गया है. सीनेट में पेश रिपोर्ट के दौरान तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान को अमेरिका के लिए संभावित खतरा भी बताया.
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अमेरिकी खुफिया विभाग जब कोई नई रिपोर्ट जारी करता है तो उसकी वैश्विक स्तर पर चर्चा जरूर होती है. ऐसे में इस बार खुफिया विभाग की नई रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान का जिक्र किया गया है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया हैं भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध का खतरा लगातार बना हुआ है. इसके साथ ही रिपोर्ट में पाकिस्तान की नापाक हरकतों के बारे में भी बताया गया है. इस रिपोर्ट को विभाग ने बुधवार को अमेरिकी सीनेट में पेश की है. इसे पेश करते हुए US इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गबार्ड ने एक बड़ा बयान भी दिया है. इसमें उन्होंने अमेरिका के लिए पाकिस्तान को खतरा भी बताया है. सबसे अहम बात तो उन्होंने यह बताया है कि आने वाले दिनों में अमेरिका को पाकिस्तान के परमाणु हथियारों से बड़ा खतरा हो सकता है.
दरअसल, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की वार्षिक खतरा मूल्यांकन रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर चिंता जताई गई है. बता दें कि करीब 34 पन्नों की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देश सीधे टकराव से बचना चाहते हैं, लेकिन आतंकी गतिविधियां ऐसी स्थिति बना सकती हैं, जिससे तनाव बढ़कर गंभीर रूप ले सकता है.
MASSIVE:
U.S. DIR OF NATIONAL INTELLIGENCE TULSI GABBARD NAMES PAK AS STATE ACTOR THAT IS DEVELOPING NUCLEAR WEAPONS THAT POSE A THREAT TO U.S. HOMELAND pic.twitter.com/tcCcMN3aGT— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) March 18, 2026
रिपोर्ट में आतंकवाद का जिक्र
खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले साल मई में हुए भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए बताया गया है कि उस समय परमाणु तनाव चरम पर था. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद हालात कुछ हद तक सामान्य हुए. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश फ़िलहाल खुले संघर्ष से बचना चाहते हैं. लेकिन आतंकी गतिविधियां अब भी ऐसे हालात पैदा कर सकते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव दोबारा बढ़ सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया था बड़ा दावा
जानकारी देते चलें कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के बीच मध्यस्ता का दावा किया था. जिसे भारत ने खारिज करते हुए कहा था कि युद्धविराम की अपील पाकिस्तान की तरफ से की गई थी. इसके बाद दोनों देशों के डीजीएमओ स्तर पर बातचीत के बाद ही युद्धविराम लागू हुआ. जानकारी देते चलें कि इस हमले में पाक समर्थित आतंकियों ने 26 लोगों की बर्बरता से हत्या कर दी थी. इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू कर पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया था.
पाकिस्तान को अमेरिका से कैसा खतरा?
अमेरिका की खुफिया प्रमुख तुलसी गबार्ड ने अपनी रिपोर्ट में बुधवार को सांसदों को जानकारी दी कि पाकिस्तान की ओर से विकसित की जा रही लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें भविष्य में अमेरिका तक मार करने में सक्षम हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका की मजबूत परमाणु प्रतिरोधक क्षमता देश को ऐसे खतरों से सुरक्षित बनाए हुए है. गबार्ड के मुताबिक, रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान जैसे देश लगातार नई और उन्नत मिसाइल तकनीकों पर काम कर रहे हैं. ये मिसाइलें परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम हैं, जो आने वाले समय में अमेरिका की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती हैं.
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बहरहाल, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि दक्षिण एशिया में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं और जरा सी चूक बड़े संकट में बदल सकती है. ऐसे में आने वाले समय में भारत-पाक रिश्तों के साथ-साथ वैश्विक सुरक्षा पर भी सभी की नजर बनी रहेगी.
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