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'हमारा ब्रांड टॉयलेट में नजर आ रहा है... ट्रंप ने भारत को किया चीन के करीब', अपने ही राष्ट्रपति पर भड़के पूर्व अमेरिकी NSA

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आई है. इसी बीच अमेरिका के पूर्व एनएसए जैक सुलिवान ने कहा है कि ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीति भारत को मजबूर कर रहा हैं कि वह चीन के साथ अपने संबंधों पर फिर से काम करे.

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अमेरिका और भारत के खराब होते संबंधों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ पर लिए फैसलों को लेकर उन्ही के देश में उनकी आलोचना शुरू हो गई है. वाशिंगटन के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने भारत के खिलाफ आक्रामक टैरिफ नीति अपनाने के लिए ट्रंप प्रशासन की आलोचना कर दी है. 

भारत को चीन के करीब धकेल रहे ट्रंप 

जेक सुलिवन के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति अपनी इन नीतियों की वजह से भारत को जानबूझकर चीन की ओर धकेल रहे हैं, जो कि अमेरिका के हितों के बिल्कुल विपरीत है. बाइडेन के समय में सुरक्षा सलाहकार रहे सुलिवन ने दुनियाभर के देशों में अमेरिका के प्रति बढ़ते अविश्वास के मुद्दे पर भी बात की. 

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सुलिवन कहते हैं कि आज हमारे सहयोगी देश हमें एक विघटनकारी देश के रूप में देखते हैं, आज चीन लोकप्रियता और स्थायी नीतियों के मामले में हमसे आगे निकल गया है. उन्होंने कहा, "जब मैं अब इन जगहों पर जाता हूं और नेताओं से बात करता हूं, तो वे संयुक्त राज्य अमेरिका से जोखिम कम करने की बात कर रहे होते हैं. वह अब अमेरिका को एक विघटनकारी देश के रूप में देखते हैं, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता. 

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टॉयलेट में पहुंचा अमेरिकी ब्रांड 

आज हालात यह हैं कि चीन वैश्विक स्तर पर एक लोकप्रिय खिलाड़ी बना हुआ है, जबकि हमारा अमेरिकी ब्रांड टॉयलेट में नजर आता है. टिम मुलर के साथ किए पॉडकॉस्ट में जैक ने अपनी बात पर जोर देते हुए भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका-भारत के गहरे और अधिक टिकाऊ संबंध बनाने को लेकर पिछले कई सालों से काम किया जा रहा था. हालांकि, अब ट्रंप ने नई दिल्ली के ऊपर भारी टैरिफ लगा दिए, जिससे भारत को मजबूरन चीन के साथ बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा. 

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उन्होंने कहा, "एक उदाहरण के तौर पर भारत को ले लीजिए, यह एक ऐसा देश है, जिसके साथ हम मजबूत और टिकाऊ द्विपक्षीय संबंध बनाने के लिए वर्षों से काम कर रहे थे. हमारे सामने चीन के रूप में एक चुनौती भी थी. अब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के खिलाफ ही अभियान छेड़ दिया है. ऐसे में भारतीयों का मानना है कि उन्हें चीन के साथ अपने संबंधों को सुधारना चाहिए, जो कि वह कर रहे है. पूर्व अमेरिकी अधिकारी का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं. बता दें कि अमेरिका ने भारत के ऊपर 25 फीसदी का व्यापार टैरिफ और रूसी तेल खरीदने के लिए 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया गया है. ट्रंप प्रशासन की तरफ से लगातार भारत को निशाना बनाया जा रहा है. भारत ने इसका भरपूर विरोध किया है. और अपने किसानों के हितों और संप्रभुता को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने की बात कही है.

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