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उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने किया जंग का ऐलान, कहा - ''हमें युद्ध की तैयारियां पूरी करने की जरुरत है''

Kim Jong Un:योनहाप समाचार एजेंसी ने कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से बताया कि किम ने यह टिप्पणी शुक्रवार को कोरियाई पीपुल्स आर्मी (केपीए) के बटालियन कमांडरों और राजनीतिक प्रशिक्षकों के चौथे सम्मेलन के दौरान की।

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Kim Jong Un: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कहा कि देश की परमाणु ताकत बढ़ाने के लिए कोई सीमा तय नहीं है, इसके साथ ही हमें युद्ध की तैयारियां पूरी करने की जरुरत है। उनका कहना है कि देश के दुश्मनों ने उत्तर कोरिया के साथ 'उन्मादी' सैन्य टकराव बढ़ा दिया है। योनहाप समाचार एजेंसी ने कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से बताया कि किम ने यह टिप्पणी शुक्रवार को कोरियाई पीपुल्स आर्मी (केपीए) के बटालियन कमांडरों और राजनीतिक प्रशिक्षकों के चौथे सम्मेलन के दौरान की।आइए जानते है इस खबर को विस्तार से..... 

केसीएनए ने रिपोर्ट दी कि उत्तर कोरिया के नेता ने 'एक उग्र नारा दिया है'

केसीएनए ने रिपोर्ट दी कि उत्तर कोरिया के नेता ने 'एक उग्र नारा दिया है', जिसे डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के सशस्त्र बलों की तरफ से सभी स्तरों पर बुलंद रखा जाना चाहिए, ताकि क्रांति की जरुरतों और मौजूदा हालात के मुताबिक युद्ध की तैयारियों को पूरा करने के लिए सभी प्रयासों को केंद्रित किया जा सके।" डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है। किंग का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है। जब दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के नेताओं ने त्रिपक्षीय सहयोग के तहत एक सचिवालय की स्थापना की घोषणा की। यह घोषणा पेरू में एक बहुपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान की गई। तीनों देशों ने यूक्रेन में मॉस्को के युद्ध को 'खतरनाक रूप से विस्तारित' करने के उत्तर कोरिया और रूस के गठजोड़ की निंदा की।

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कोरियाई सैनिकों ने यूक्रेनी सेना के खिलाफ युद्ध अभियान शुरू कर दिया है 

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक येओल, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) शिखर सम्मेलन के दौरान लीमा में एक त्रिपक्षीय बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया। नेताओं ने त्रिपक्षीय साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उनके मुताबिक यह क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। तीनों नेताओं ने बैठक में यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध का समर्थन करने के लिए उत्तर कोरिया के लिए अपनी सेना भेजने की निंदा की। बता दें सोल और वाशिंगटन लगातार यह दावा कर रहे हैं कि रूस के पश्चिमी सीमावर्ती कुर्स्क क्षेत्र में कथित तौर पर तैनात उत्तर कोरियाई सैनिकों ने यूक्रेनी सेना के खिलाफ युद्ध अभियान शुरू कर दिया है। 

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