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नेपाल सरकार ने 'सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म' पर लगाए गए बैन को वापस लिया... कुछ ही घंटों में Gen- Z युवाओं की बड़ी जीत, अब तक 20 की मौत, 300 घायल

9 सितंबर की देर रात नेपाल के संचार, सूचना और प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने अपनी कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की घोषणा की है. इस फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि 'सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया का आदेश दे दिया है.'

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नेपाल सरकार द्वारा 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों को बड़ी जीत मिली है. खबरों के मुताबिक, 9 सितंबर की देर रात नेपाल सरकार ने युवाओं के हिंसक-प्रदर्शनों के बीच अपने फैसले को वापस लेने का ऐलान किया है. बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने को लेकर हिंसक-प्रदर्शन में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा लोग घायल हैं. 

नेपाल में सोशल मीडिया पर लगाए गए बैन को हटाया गया 

9 सितंबर की देर रात नेपाल के संचार, सूचना और प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने अपनी कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की घोषणा की है. इस फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि 'सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया का आदेश दे दिया है.'

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Gen-Z की मांगे हुई पूरी

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नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए बैन के बाद Gen-Z के हजारों युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के कुछ ही घंटे बाद सरकार ने घुटने टेक दिए. Gen-Z प्रदर्शनकारियों की मांग पूरी होने के बाद इसे एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है. बता दें कि नेपाल के हजारों युवाओं ने सरकार द्वारा 26 से ज्यादा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर राजधानी काठमांडू के संसद भवन से लेकर कई सरकारी भवनों में घुसकर और उसपर चढ़कर अपना विरोध-प्रदर्शन जताया था. ऐसे में सरकार को उनकी मांगों को पूरा करने के लिए झुकना पड़ा.

मंत्री की प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील

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नेपाल में 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए बैन को हटाने के बाद प्रसारण मंत्री ने सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वह अपना आंदोलन वापस ले लें. फिलहाल नेपाल सरकार के इस नए फैसले के बाद मंगलवार देर रात से यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, एक्स सहित सभी प्रतिबंधित सोशल मीडिया ऐप्स की सर्विसेज फिर से शुरू हो गई हैं. 

हिंसक प्रदर्शन में 20 की मौत 300 से ज्यादा घायल

बता दें कि नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित कई अन्य शहरों में हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर 20 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. वहीं 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जो अलग-अलग अस्पताल में भर्ती हैं. वहीं नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक ने देश में मौजूदा हालात को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालात बिगड़ने के बाद नेपाली सेना को राजधानी काठमांडू में तैनात किया गया है. सेना के जवानों ने संसद परिसर के आसपास के रास्तों पर नियंत्रण कर लिया है. 

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पीएम केपी शर्मा ओली ने मृतकों के प्रति जताया दुख

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प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने इस विरोध- प्रदर्शन में मारे गए लोगों के प्रति अपना दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कुछ अवांछित तत्वों की घुसपैठ” हुई, जिसके कारण सरकार को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा. सरकार का इरादा सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगाने का नहीं, बल्कि उन्हें नियंत्रित करने का था.' उन्होंने यह भी घोषणा की कि एक जांच समिति गठित की जाएगी, जो 15 दिनों में इस घटना की रिपोर्ट देगी. 

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