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नेपाल में फिर बवाल, मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद भड़की हिंसा, भारत-नेपाल बॉर्डर हुआ सील

भारतीय सीमा से सटे नेपाल के पारसा और धनुषा धाम जिले में हिंसा भड़क उठी है. पूरे इलाके में हाई अलर्ट है और भारत-नेपाल बॉर्डर को सील कर दिया गया है.

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06 Jan 2026
( Updated: 06 Jan 2026
10:33 AM )
नेपाल में फिर बवाल, मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद भड़की हिंसा, भारत-नेपाल बॉर्डर हुआ सील
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वर्तमान समय में दो पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश और नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल है. नेपाल में स्थिति तो बहुत हद तक काबू में है, लेकिन अभी भी कई जगहों पर हिंसक घटनाएं देखने को मिल जाती हैं. अभी हाल ही में एक और घटना को अंजाम दिया गया है. दरअसल, भारतीय सीमा से सटे नेपाल के पारसा और धनुषा धाम जिले में हिंसा भड़क उठी है. पूरे इलाके में हाई अलर्ट है और भारत-नेपाल की सीमा को भी बंद कर दिया गया है.

मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद हिंसा

जानकारी के मुताबिक़ नेपाल के धनुषा जिले में मस्जिद में तोड़-फोड़ के बाद सांप्रदायिक हिंसा शुरु हो गई है, आरोप है कि कुछ लोगों ने इलाके की एक मस्जिद में तोड़-फोड़ की. जिसके बाद वहां सांप्रदायिक माहौल बन गया और देखते ही देखते बवाल हो गया. 

क्या है पूरा मामला?

नेपाल पुलिस के मुताबिक़, धनुषा के सखुवा मारान इलाके में एक मस्जिद है, जिसमें कुछ उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया. वीडियो के वायरल होने के बाद इलाके का माहौल साम्प्रदायिक हो गया. मुस्लिम समुदाय के कुछ युवाओं ने मस्जिद के अंदर तोड़फोड़ के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया और देखते ही देखते इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. 

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पुलिस ने हिंसक भीड़ को किया काबू

प्रदर्शनकारियों ने धनुषा में टायर जलाकर विरोध जताया. पुलिस के मुताबिक़, जब प्रशासन ने हिंसक भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. ऐसे में पुलिस को आंसू गैस के गोले फेंकने पड़े, जिसके बाद ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सका. 

पिछले साल से ही नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता 

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साल 2025 में नेपाल में युवाओं ने बड़े पैमाने पर सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था जिसे ‘Gen Z Protests’ कहा गया. ये प्रदर्शन सितंबर 2025 में शुरु हुए और बहुत तेजी से हिंसक हो गए. जिसके परिणास्वरूप प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की सरकार गिर गई. हालांकि आपको बता दें कि नेपाल में इसी साल आम चुनाव होना है. और ये चुनाव ही देश की अब स्थितरता को तय करेगा.

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