×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

थाईलैंड में प्रकृति का कहर, भीषण बाढ़ और भूस्खलन से 145 लोगों की हुई मौत

सरकारी प्रवक्ता सिरिपोंग अंगकासाकुलकियात ने कहा कि दक्षिणी इलाके में कुल 145 मौतें हुई हैं, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत सोंगखला में सबसे ज्यादा 110 मौतें हुई हैं.

Author
28 Nov 2025
( Updated: 10 Dec 2025
10:32 PM )
थाईलैंड में प्रकृति का कहर,  भीषण बाढ़ और भूस्खलन से 145 लोगों की हुई मौत
Advertisement

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में प्रकृति का प्रकोप देखने को मिल रहा है. एक तरफ श्रीलंका में तूफान दितवाह ने भारी तबाही मचाई है, तो दूसरी ओर थाईलैंड में भी भीषण बाढ़ और भूस्खलन का प्रकोप देखने को मिला है. थाईलैंड में कुदरत के कहर ने कई जिंदगी को निगल लिया.

दक्षिणी थाईलैंड में मौतों का आंकड़ा 145 तक पहुंचा

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि दक्षिणी थाईलैंड में आई भयंकर बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 145 हो गई है.

Advertisement

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, सरकारी प्रवक्ता सिरिपोंग अंगकासाकुलकियात ने कहा कि दक्षिणी इलाके में कुल 145 मौतें हुई हैं, जिसमें सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत सोंगखला में सबसे ज्यादा 110 मौतें हुई हैं.

मौतों के ताज़ा आंकड़े

इससे पहले सिन्हुआ ने जानकारी दी थी कि सोंगखला प्रांत में मरने वालों की संख्या 55 हो गई है. अधिकारियों ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि जैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ेगा, ये संख्या बढ़ने की उम्मीद है.

सरकारी प्रवक्ता सिरिपोंग ने कहा कि गुरुवार तक सोंगक्लानागरिंद अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार प्रांत में कुल 85 मौतें हुई हैं, जिनमें से 55 मौतें सीधे बाढ़ की वजह से हुईं और बाकी 30 मौतें संकट के दौरान हुईं, लेकिन दूसरे कारणों से हुईं.

स्थिति में सुधार की उम्मीद

Advertisement

प्रवक्ता ने कहा कि गुरुवार शाम तक पानी का स्तर नदी के किनारों से नीचे जाने की उम्मीद है. पानी का स्तर अगर नीचे जाता है तो इससे बचाव कार्यों में आसानी होगी और सरकार बड़े पैमाने पर सफाई अभियान शुरू कर सकेगी.

प्रधानमंत्री ने की इमरजेंसी घोषित

इससे पहले दक्षिणी इलाके में आई बाढ़ की वजह से हालात को देखते हुए थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने मंगलवार को सोंगखला प्रांत में इमरजेंसी की घोषणा की थी.

Advertisement

बहुत ज्यादा बारिश और बाढ़ से निपटने के लिए बचाव कार्यों के लिए रेस्क्यू टीमों के बीच तालमेल बिठाने के लिए एक खास कमांड सेंटर बनाया गया. बाढ़ से ना केवल संपत्तियों का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ, बल्कि यह लोगों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है.

यह भी पढ़ें

डिपार्टमेंट ऑफ डिजास्टर प्रिवेंशन एंड मिटिगेशन के अनुसार, मानसून से आई बाढ़ ने थाईलैंड के दक्षिणी इलाके के नौ प्रांतों पर असर डाला है. इसकी वजह से लगभग 2.20 मिलियन लोग प्रभावित हुए हैं.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें