Advertisement

Loading Ad...

PM मोदी की कूटनीति के आगे झुके मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू, पूरी कैबिनेट के साथ पहुंचे एयरपोर्ट, गले लगाकर किया स्वागत

भारत और मालदीव के रिश्तों में आई तल्खी को कम करने की पहल करते हुए मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 26 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस की 60वीं वर्षगांठ पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. पीएम मोदी ने निमंत्रण स्वीकार कर ब्रिटेन दौरे के बाद सीधे माले पहुंचकर इस अवसर पर शिरकत की. एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति मुइज्जू और उनकी पूरी कैबिनेट ने गर्मजोशी से स्वागत किया.

Image: X/ @narendramodi
Loading Ad...

भारत और मालदीव के रिश्तों में लंबे समय से चली आ रही तल्खी को पिघलाने की एक नई कोशिश सामने आई है. मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह की 60वीं वर्षगांठ पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया, जिसे मोदी ने न केवल स्वीकार किया, बल्कि ब्रिटेन का ऐतिहासिक दौरा समाप्त करते ही सीधे माले पहुंचकर यह संदेश भी दे दिया कि भारत अपने पड़ोसियों को महत्व देता है, बशर्ते सम्मान और भरोसे की भावना बनी रहे.

PM मोदी के स्वागत में पहुंची मुइज्जू की कैबिनेट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का माले हवाई अड्डे पर बेहद भव्य स्वागत किया गया. राष्ट्रपति मुइज्जू की पूरी कैबिनेट एयरपोर्ट पर मौजूद रही. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों ने भारत-मालदीव की दोस्ती का रंग भरा. मोदी ने भी बाल कलाकारों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया. प्रवासी भारतीयों ने ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ हाथ में तिरंगा थामे उनका स्वागत किया. ये दृश्य न केवल भावनात्मक था, बल्कि यह एक साफ संकेत था कि भले ही राजनीतिक संबंधों में उतार-चढ़ाव आएं, मगर लोगों का जुड़ाव आज भी गहरा है.

Loading Ad...

राजनयिक समीकरण और मोदी की दोहरी कूटनीति

Loading Ad...

इस यात्रा का समय और संदर्भ बेहद महत्वपूर्ण है. एक ओर मोदी ने ब्रिटेन में किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात की और भारत-ब्रिटेन के मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत की, वहीं दूसरी ओर मालदीव जैसे रणनीतिक पड़ोसी से रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाने का प्रयास किया. विदेश मंत्रालय ने भी इस यात्रा को “ऐतिहासिक” करार दिया, जो भारत के वैश्विक प्रभाव की ओर इशारा करता है.

कब और कैसे टूटी थी यह दोस्ती?

Loading Ad...

दरअसल, 2023 में मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही भारत और मालदीव के रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई थी. चुनाव प्रचार के दौरान मुइज्जू ने “India Out” अभियान छेड़ दिया, जिसमें उन्होंने भारतीय सैनिकों की मौजूदगी पर सवाल उठाए और उन्हें हटाने की बात कही. मुइज्जू के चीन की तरफ झुकाव ने भारत को सतर्क कर दिया. जनवरी 2024 में मालदीव ने तीन एयरबेस से भारतीय सैनिकों को हटाने का आदेश दे दिया और भारतीय हेलिकॉप्टरों से जुड़ा समझौता भी सस्पेंड कर दिया.

 

सोशल मीडिया की जंग और लक्षद्वीप विवाद

Loading Ad...

भारत के लक्षद्वीप में प्रधानमंत्री मोदी की ट्रैवल पोस्ट पर मालदीव के तीन डिप्टी मिनिस्टर्स ने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां कर दीं. इसके बाद भारत में मालदीव के खिलाफ जनाक्रोश फूट पड़ा. एक्स पर #BoycottMaldives ट्रेंड करने लगा. बॉलीवुड सितारों, ट्रैवल इंफ्लुएंसर्स और आम जनता ने मालदीव टूरिज्म का बहिष्कार करने की अपील की. इसका असर तुरंत मालदीव की टूरिज्म आधारित अर्थव्यवस्था पर पड़ा. मालदीव की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा भारतीय टूरिस्ट्स पर टिका है. जब भारतीय यात्रियों ने जाना कम कर दिया, तो होटल बुकिंग्स गिर गईं, रेवेन्यू कम हुआ और मालदीव की करेंसी 'रुफिया' पर दबाव बढ़ गया. विदेशी निवेशकों ने भी दूरी बनानी शुरू कर दी. शायद यही वजह रही कि राष्ट्रपति मुइज्जू को भारत के साथ रिश्तों की गर्मी लौटाने की कोशिश करनी पड़ी.

क्या ये दोस्ती फिर से बहाल हो पाएगी?

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश है. भारत शांति चाहता है, लेकिन सम्मान और सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा. मुइज्जू सरकार को यह बात अच्छी तरह समझ आ गई है कि भारत को नजरअंदाज करना न तो भू-राजनीतिक दृष्टि से संभव है, और न ही आर्थिक रूप से.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

बताते चले कि भारत और मालदीव के रिश्ते फिर से एक मोड़ पर हैं. जहां एक ओर गर्मजोशी से भरे स्वागत ने उम्मीद जगाई है, वहीं पीछे की कुछ घटनाएं याद दिलाती हैं कि भरोसा एक दिन में नहीं बनता. प्रधानमंत्री मोदी की माले यात्रा ने साफ कर दिया कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ सहयोग चाहता है, मगर गरिमा और आत्मसम्मान के साथ. अब यह मुइज्जू सरकार पर निर्भर है कि वह इस मैत्री के पुल को मजबूत करती है या फिर दोबारा दरार की राह पकड़ती है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...