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‘सीमित हमला’ यानी सीधी जंग, ईरान की अमेरिका को दोटूक चेतावनी, गुरुवार की बातचीत पर अब टिकी दुनिया की नजरें!

ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है कि किसी भी ‘सीमित हमले’ को पूरा युद्ध माना जाएगा, जिससे के बाद अब गुरुवार को होने वाली तीसरे दौर की कूटनीतिक बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं.

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24 Feb 2026
( Updated: 24 Feb 2026
06:36 AM )
‘सीमित हमला’ यानी सीधी जंग, ईरान की अमेरिका को दोटूक चेतावनी, गुरुवार की बातचीत पर अब टिकी दुनिया की नजरें!
Image Source: Social Media
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अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि वो किसी भी 'सीमित हमले' की कार्रवाई को 'आक्रामक' मानते हुए उसका जवाब जरूर देगा. तेहरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीमित हमले को लेकर दी टिप्पणी के बाद ये बयान दिया.

सीमित हमले जैसा कुछ नहीं होता- एस्माईल बाकेई

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाकेई ने तेहरान में नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “मुझे लगता है लिमिटेड स्ट्राइक (सीमित हमले) जैसा कुछ नहीं होता है. आक्रामक कार्रवाई को आक्रामक ही माना जाएगा, और कोई भी देश अपने बचाव के अंदरूनी अधिकार के तहत रिएक्ट करेगा, इसलिए हम भी वही करेंगे”. 

ट्रंप ने ईरान पर ‘लिमिटेड स्ट्राइक’ की दी थी धमकी

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ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि अगर तेहरान यूएस के साथ डील नहीं करता है तो वह एक 'लिमिटेड स्ट्राइक' पर विचार कर रहे हैं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैं इस पर विचार कर रहा हूं”. दोनों देशों ने मंगलवार को स्विट्जरलैंड में ओमान की मध्यस्थता में अप्रत्यक्ष बातचीत का दूसरा राउंड पूरा किया. आगे की बातचीत की पुष्टि ईरान और ओमान ने तो की है, लेकिन अमेरिका ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. तीसरे दौर की संभावित बातचीत गुरुवार को हो सकती है.

ईरान ने भी अमेरिका को चेताया

बाकई ने ये भी कहा कि ईरानी सशस्त्र सेना सतर्क है और कूटनीतिक बातचीत के साथ-साथ हर कदम पर नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि जब भी ईरान को लगेगा कि दूसरी तरफ बातचीत को धोखे के टूल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, तो वह परिस्थिति के अनुसार काम करेंगे. ईरान की तरफ से बातचीत का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं, जबकि अमेरिका की तरफ से दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर हैं. विटकॉफ ने हाल ही में फॉक्स न्यूज ब्रॉडकास्ट को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "ट्रंप सोच रहे हैं कि ईरान ने परमाणु प्रोग्राम मामले में वॉशिंगटन की सैन्य तैनाती के सामने “सरेंडर” क्यों नहीं किया”.

‘पूर्वानुमान पर आधारित बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचेगी’

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बकाई ने कहा, "यह पहली बार नहीं है जब हमें अलग-अलग दावों का सामना करना पड़ा है. हम ईरान के बातचीत के तरीके और बदले में, यूएस के बातचीत के तरीके के बारे में फैसला ईरान के लोगों पर छोड़ते हैं. कोई भी बातचीत जो पूर्वानुमान पर आधारित हो वह स्वाभाविक रूप से किसी नतीजे पर नहीं पहुंचेगी.”

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