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दिल्ली ब्लास्ट पर इटली का भारत को समर्थन, टेरर फंडिंग पर साझी लड़ाई का ऐलान...मेलोनी-मोदी के बीच डील से उड़ी PAK की नींद
PM मोदी और इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी ने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ लड़ाई के लिए एक संयुक्त पहल की शुरुआत की. इस पहल के बाद पाकिस्तान जैसे देश जो आतंकियों को अपनी स्टेट पॉलिसी के रूप में इस्तेमाल करते हैं, उस पर भी नकेल कसी जाएगी. मेलोनी और मोदी के बीच बनी सहमति एक बड़ी पहल मानी जा रही है, क्योंकि इटली न सिर्फ यूरोप का एक बड़ा देश है बल्कि G7 का भी हिस्सा है. वहीं मेलोनी की शख्सियत ऐसी है कि उनसे डोनाल्ड ट्रंप भी सलीके से बात करते हैं. अब इस पहल के बाद पाकिस्तान को FATF की लिस्ट में डलवाना आसान हो जाएगा.
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दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में हुए G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच मुलाकात हुई. इस मुलाकात ने दोनों देशों के रिश्तो को और मजबूत कर दिया है. इस बैठक में PM मेलोनी ने 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के बाहर हुए आतंकी धमाके पर भारत के प्रति पूरा समर्थन जताया और साफ कहा क इटली आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है. यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे को दिखाता है. बैठक में सबसे अहम फैसला रहा ‘इंडिया-इटली जॉइंट इनिशिएटिव टू काउंटर फाइनेंसिंग ऑफ टेरररिज्म’. यह संयुक्त पहल आतंकवाद और उसके फंडिंग नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए बनाई गई है.
दिल्ली धमाकों पर इटली ने किया भारत का समर्थन!
इतना ही नहीं इस बैठक में इटली की PM ने दिल्ली में हुए बम धमाकों के प्रति भारत को अपना समर्थन व्यक्त किया है. उन्होंने साफ कहा कि इटली आतंकवाद के मुद्दे पर, इसकी लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है. इस बयान को कूटनीतिक लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है. इस कदम से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत हुई है.
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इसके अलावा आतंकवाद को की जारी वैश्विक फंडिंग के खिलाफ भी समझौता हुआ. इसको लेकर ‘इंडिया-इटली जॉइंट इनिशिएटिव टू काउंटर फाइनेंसिंग ऑफ टेरररिज्म’ पर भी दोनों देशों की सहमति बनी है. इसका मकसद है कि कैसे आतंकवाद और उसके फंडिंग नेटवर्क पर नकेल कसी जाए.
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FATF में भारत को मिलेगा फायदा
इसको लेकर विदेश मंत्रायल का भी बयान सामने आया है. विदेश मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो दोनों देशों के बीच हुई ये पहल क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म विशेषकर इसे स्टेट पॉलिसी के रूप में इस्तेमाल कर रहे देशों पर दबाव बनाने में मददगार साबित होगा. यह पहल भारत और इटली को FATF और GCTF जैसे वैश्विक मंचो पर भी एकसाथ काम करने में मदद करेगी.
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एक्स पर पोस्ट में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की. उनकी बातचीत व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, एआई, रक्षा और सुरक्षा, अंतरिक्ष, अनुसंधान, नवाचार और संस्कृति के क्षेत्रों में भारत-इटली संबंधों को गहरा करने पर केंद्रित थी. दोनों नेताओं ने 2025–29 की संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना पर हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं और उनके नागरिकों के लिए लाभदायक होगी. नेताओं ने आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए भारत-इटली संयुक्त पहल को अपनाया, जो आतंकवाद से लड़ने के हमारे साझा संकल्प को दोहराती है. प्रधानमंत्री मेलोनी ने 2026 में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले एआई शिखर सम्मेलन के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त किया.”
इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्रता से अंतिम रूप देने और 2026 में भारत द्वारा आयोजित किए जाने वाले एआई इम्पैक्ट समिट की सफलता के लिए इटली के मजबूत समर्थन को दोहराया. नेताओं ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEEEC) पहल के तहत संपर्क को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने पर भी सहमति व्यक्त की, विदेश मंत्रालय ने बताया.
इटली और भारत के बीच किन मुद्दों पर बनी सहमति!
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दोनों नेताओं की इससे पहले इस साल जून में कनाडा के कनानास्किस में हुए 51वें जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी. प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इटली के बीच बढ़ती दोस्ती पर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत होते रहेंगे, जिससे दोनों देशों को लाभ मिलेगा.एक्स (X) पर पोस्ट में, भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहान्सबर्ग में प्रधानमंत्री Giorgia Meloni से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, नवाचार, एआई, अंतरिक्ष और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत करने पर सार्थक चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त पहल की भी शुरुआत की, जो वैश्विक सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करती है.”
दोनों नेताओं ने जोहान्सबर्ग में बातचीत की, जो विभिन्न क्षेत्रों में भारत-इटली संबंधों को गहरा करने पर केंद्रित थी. उनकी चर्चा में व्यापार, निवेश, रक्षा, नवाचार, एआई, अंतरिक्ष और शिक्षा में प्रगति को रेखांकित किया गया.
मेलोनी ने भारत में होने वाले AI समिट पर किया भारत का समर्थन!
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दोनों नेताओं ने 2025–29 की संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना का स्वागत किया, जो सहयोग को और बढ़ावा देगी. मेलोनी ने 2026 में भारत द्वारा आयोजित की जाने वाली एआई शिखर सम्मेलन का समर्थन किया, जिससे वैश्विक एआई सहयोग को प्रोत्साहन मिलेगा.