Advertisement
Loading Ad...
युद्धविराम समझौता टूटने पर इजरायल ने हमलों को बढ़ाने की दी चेतावनी
इजरायल के रक्षा मंत्री ने इजराइल काट्ज ने उत्तरी सीमा पर सैन्य कमांडरों को संबोधित करते हुए घोषणा की कि युद्धविराम समझौते का कोई भी उल्लंघन 'अधिकतम प्रतिक्रिया और शून्य सहनशीलता' को बढ़ावा देगा।
Advertisement
Loading Ad...
इजरायल ने हिजबुल्लाह के साथ युद्धविराम समझौता टूटने पर हमलों को बढ़ाने की चेतावनी दी है। इजरायल का कहना है कि इसमें लेबनानी राज्य से जुड़े लक्ष्यों को भी शामिल किया जाएगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, चेतावनी के बाद भी हिजबुल्लाह ने लेबनान, सीरिया और इजरायल के बीच विवादित सीमा पर दो मोर्टार दागे और इजरायल पर बार-बार संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। इसके जवाब में, इजरायल ने लेबनान में 20 से ज्यादा जगहों पर हवाई हमले किए।
युद्धविराम समझौते का कोई भी उल्लंघन ‘शून्य सहनशीलता' को बढ़ावा देगा - इजराइल काट्ज
इजरायल के रक्षा मंत्री ने इजराइल काट्ज ने उत्तरी सीमा पर सैन्य कमांडरों को संबोधित करते हुए घोषणा की कि युद्धविराम समझौते का कोई भी उल्लंघन 'अधिकतम प्रतिक्रिया और शून्य सहनशीलता' को बढ़ावा देगा।
रक्षा मंत्री ने सैनिकों से कहा, "अगर हम युद्ध में लौटते हैं, तो हम और अधिक ताकत से काम करेंगे और अधिक गहराई तक प्रवेश करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लेबनान के लिए अब कोई छूट नहीं होगी।"
उत्तरी इजरायली शहर नहरिया में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दोहराते हुए कहा कि यदि युद्ध विराम विफल हो जाता है तो इजरायल पूर्ण पैमाने पर लड़ाई फिर से शुरू कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "हम फिलहाल युद्ध विराम में हैं, लेकिन यह युद्ध का अंत नहीं। हम इस युद्धविराम को कड़े तरीके से लागू कर रहे हैं, हर उल्लंघन का जवाब दे रहे हैं। हम युद्ध विराम के प्रति प्रतिबद्ध हैं, लेकिन दूसरे पक्ष से किसी भी उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
27 नवंबर को लागू हुए युद्धविराम का उद्देश्य हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच घातक सीमा पार हिंसा को रोकना है।
Input: IANS
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...