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Israel Lebanon War : इजरायल के खिलाफ खड़ा हुआ भारत ! सैनिकों को भेजा लेबनान ! संयुक्त राष्ट्र की वजह से लिया बड़ा फैसला ।

इजरायल द्वारा लेबनान के बीच हमले लगातार जारी हैं। दोनों देशों के बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर अब भारत ने चिंता व्यक्त की है। भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है। जो संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में अपनी देशों की सेना का योगदान दे रहे हैं। भारत अब लेबनान के पक्ष में खड़ा हो गया है और इजरायल के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार है।

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इजरायल और लेबनान के बीच  जारी युद्ध अब और भी खतरनाक होता जा रहा है। इजरायल लगातार हमला कर रहा है। दोनों देशों के बीच हो रहे इस युद्ध और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर भारत ने चिंता व्यक्त की है। भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है। जो संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में अपनी देशों की सेना का योगदान दे रहे हैं। भारत अब लेबनान के पक्ष में खड़ा हो गया है और इजरायल के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार है। जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में लेबनान में दो संयुक्त राष्ट्र सैनिक घायल हो गए थे। 

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने पोस्ट पर क्या कहा"एक प्रमुख सैन्य योगदानकर्ता देश के रूप में भारत 34 यूएनआईएफआईएल सैन्य योगदानकर्ता देशों द्वारा जारी संयुक्त बयान के साथ पूरी तरह खड़ा है। शांति सैनिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसे यूएनएससी प्रस्तावों के अनुसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए"

इजरायली सेना के हमले में श्रीलंका के 2 संयुक्त राष्ट्र सैनिक हुए घायल 


इजरायली सेना के मुताबिक उनके द्वारा किए गए हमले में दक्षिणी लेबनान के नाकौरा में उनके वॉचटावर के पास श्रीलंका के 2 संयुक्त राष्ट्र सैनिक घायल हुए हैं। बीते 48 घंटे में दूसरी बार शांति सैनिकों के मुख्य बेस पर विस्फोट हुआ। 

बता दें कि घटना के बाद यूनिफिल बल ने इस पर चिंता जताते हुए मांग की है कि सभी संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और संपत्ति की सुरक्षा दी जानी चाहिए। 

लेबनान में 10,000 से ज्यादा शांति सैनिक तैनात इनमें 900 भारतीय शामिल 


इजराइल और लेबनान के बीच हो रहे इस युद्ध के बीच लेबनान में कई देशों के करीब 10,000 से ज्यादा सुरक्षा सैनिक तैनात हैं। इनमें करीब 900 भारतीय सैनिक शामिल है।


इजरायल की कार्रवाइयों पर भारत ने चिंता व्यक्त की  


आपको बता दें कि बीते एक साल से इजराइल द्वारा हमास और हिजबुल्लाह के बीच हो रहे युद्ध के बीच भारत ने संतुलनकारी रुख अपनाया था। लेकिन अब भारत ने इजरायल के खिलाफ खड़ा होने का फैसला लिया है। दरअसल बीते शुक्रवार को भारत ने दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र सैनिकों के फंसे होने पर सुरक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने कहा " हम ब्लू लाइन पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति से चिंतित है। लेकिन हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं" जानकारी के लिए बता दें कि 120 किलोमीटर की ब्लू लाइन सीमा संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्राप्त सीमांकन रेखा है। जो दक्षिण लेबनान की सेना को इजरायल सेना की वापसी को दर्शाती है। यह लेबनान को इजरायल और गोलान हाइट्स से अलग करती है। यह अंतर्राष्ट्रीय सीमा नहीं है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि " संयुक्त राष्ट्र परिसर की अखंडता का सभी को सम्मान करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की सुरक्षा और उनके जनादेश की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए उपाय करना चाहिए।  

भारत में इजरायली राजपूत का बड़ा बयान 


इजराइल के द्वारा हो रही कार्रवाइयों को लेकर भारत में रह रहे इजरायली राजपूत रूवेन अजार का बड़ा बयान सामने आया है। " रुवेन ने कहा कि हिजबुल्लाह शांति सैनिकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करते हुए यूनीफिल चौकियों के करीब इजराइल पर गोलीबारी  कर रहा है। इजरायल संयुक्त राष्ट्र बलों की सुरक्षा के लिए कदम उठाना जारी रखेगा और सभी देशों के साथ मिलकर बातचीत कर बड़ा कदम उठाएगा। 

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