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'इजरायल अब हमारा देश छीन रहा...', एक और पड़ोसी मुल्क ने नेतन्याहू पर लगाया बड़ा आरोप, जानें पूरा मामला

ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच इजरायल पर साइप्रस के एक विपक्षी दल के महासचिव ने देश हड़पने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि 'इजरायली नागरिकों का उनके देश के आसपास महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों के पास जमीन खरीदना एक गंभीर खतरा बन सकता है. इजरायली सरकार साइप्रस में अपने देश के लोगों को बसाने की रणनीति अपना रहा है.'

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ईरान और इजरायल के बीच चल रहा तनाव अभी पूरी तरीके से खत्म भी नहीं हुआ कि एक और यहूदी देश ने नेतन्याहू पर बड़ा आरोप लगाना शुरू कर दिया है. उसने कहा है कि इजराइल फिलिस्तीन की तर्ज पर हमारे देश को भी छीनने की कोशिश में है. बता दें यह चौंकाने वाला दावा दुनिया के खूबसूरत देशों में शामिल साइप्रस के विपक्षी पार्टी के महासचिव ने किया है. उनका कहना है कि इजरायली नागरिक देश के संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाकों के पास जमीन खरीद रहे हैं. यह आने वाले समय में उनके देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन सकता है. इसके लेकर उन्होंने अपनी सरकार से ध्यान केंद्रित करने को कहा है. 

'इजरायल पर लगा देश हड़पने का आरोप'

ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच इजरायल पर साइप्रस के AKEL विपक्षी दल के महासचिव स्टीफेनोस स्टेफानू ने एक अधिवेशन में कहा है कि 'इजरायली नागरिकों का उनके देश के आसपास महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाकों के पास जमीन खरीदना एक गंभीर खतरा बन सकता है. इजरायली सरकार साइप्रस में अपने देश के लोगों को बसाने की रणनीति अपना रहा है. वहां ज्यादा से ज्यादा धार्मिक संस्थान, जायनिस्ट स्कूल और यहूदी पूजा स्थल बनाए जा रहे हैं. यह पैटर्न बिल्कुल वैसा ही है, जैसे इजरायल ने फिलीस्तीन क्षेत्र में अपनाया था. इस पर हमारी सरकार को जल्द ध्यान देना होगा'

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'इजरायल के लोगों द्वारा संपत्ति खरीदने पर रोक लगानी होगी'

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साइप्रस के विपक्षी दल के महासचिव ने यह भी कहा है कि इजरायल हमारा देश हमसे ही छीन रहा है, लेकिन सत्ता में मौजूद सरकार चुप बैठी है. यहां पर इजरायल के लोगों द्वारा अंधाधुंध संपत्ति खरीदने पर रोक लगानी होगी. इसके अलावा कई अन्य विश्लेषकों ने भी लगातार इजरायली प्रवासियों की साइप्रस में बढ़ रही संप्रभुता को देश के लिए बड़ा खतरा बताया है. 

'साइप्रस के आरोप पर इजरायल का जवाब'

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साइप्रस द्वारा लगाए गए इस गंभीर आरोप के बाद इजरायल के राजदूत ओरन अनोलिक ने इसे यहूदी विरोधी करार दिया है. उन्होंने साइप्रस की आलोचना करते हुए कहा कि 'यह भाषा पूरी तरीके से अस्वीकार्य है.' 

'इजरायल कभी भी आलोचना नहीं सुनता'

साइप्रस के विपक्षी दल के महासचिव ने यह भी कहा है कि 'इजरायल कोई भी आलोचना सहन नहीं करता है. वह हर बात को नियंत्रित करना चाहता है. गाजा में चल रहे नरसंहार पर भी संयुक्त राष्ट्र महासचिव की आलोचना को भी उसने यहूदी विरोधी ही बताया था.'

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'साइप्रस में लगातार बढ़ रही इजरायलियों के बसने की संख्या'

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एक न्यूज़ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्तमान में साइप्रस में सिर्फ 2,500 इजरायली स्थाई रूप से रहते हैं, लेकिन आने वाले कुछ महीनों या सालों में यह संख्या 12,000 से 15,000 के बीच हो सकती है. इनमें अधिकतर यूरोपीय पासपोर्ट के जरिए प्रवेश कर रहे हैं. यही वजह है कि साइप्रस उनके बसने को अपने लिए बड़ा खतरा मान रहा है. फिलहाल इस पर इजरायल की सरकार उतनी गंभीर नजर नहीं आ रही है. वहीं साइप्रस सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है. यह देखने वाली बात होगी.

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