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इजरायल ने 5 फेज़ में किए हमले... ईरान को बड़ा नुकसान, 9 परमाणु वैज्ञानिक और 6 शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गए

इजरायल के ताजा हमले में ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है. इसमें ईरान के अब तक 104 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ़्रिन ने जानकारी दी कि इस ऑपरेशन में ईरान की सैन्य और परमाणु संरचना को गंभीर क्षति पहुंचाई गई है.

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पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं और अब स्थिति सीधे युद्ध की ओर बढ़ती दिख रही है. इजरायल के ताजा हमले में ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है. इसमें ईरान के अब तक 104 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. इजरायली सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को इस हमले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए दावा किया कि उनकी कार्रवाई में ईरान के 9 प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के 6 शीर्ष सैन्य कमांडरों को मार गिराया गया है.

इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ़्रिन ने जानकारी दी कि इस ऑपरेशन में ईरान की सैन्य और परमाणु संरचना को गंभीर क्षति पहुंचाई गई है. उन्होंने बताया कि मारे गए सैन्य अधिकारियों में ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी, IRGC प्रमुख हुसैन सलामी, खतम-अल अंबिया सेंट्रल मुख्यालय के प्रमुख घोलम अली राशिद, IRGC वायु सेना प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अमीर अली हाजीजादेह, ड्रोन यूनिट के कमांडर ताहिर पोर और वायु रक्षा यूनिट के कमांडर दावूद शेखियन शामिल हैं. इस हमले को लेकर ईरान की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान के लिए रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों ही स्तर पर बड़ा आघात है.

क्यों किया इजरायल ने हमला?
इजरायल द्वारा बड़ी कार्रवाई करने के पीछे की असल वजह ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा है. इसके लिए इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद लंबे समय से जानकारी जुटा रही थी. खुफिया रिपोर्ट्स और पश्चिमी एजेंसियों के मुताबिक, ईरान बहुत तेजी से एटम बम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस बढ़ते परमाणु खतरे को देखते हुए इज़रायल और अमेरिका दोनों नहीं चाहते कि ईरान एक पूर्ण परमाणु शक्ति बने. इसी आशंका को रोकने के लिए इजरायल ने पहले फेज में बड़ी सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की और सीधे उन लोगों को निशाना बनाया, जो ईरान की सैन्य और परमाणु नीति के केंद्र में हैं. 

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किन-किन को बनाया गया निशाना?
इजरायली एयर स्ट्राइक में अब तक ईरान के 4 शीर्ष सैन्य कमांडर और 20 अन्य अधिकारी मारे जा चुके हैं. इनमें IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) के प्रमुख कमांडर हुसैन सलामी और ईरान के आर्मी चीफ मोहम्मद बाघेरी शामिल हैं. बाघेरी को ईरानी सेना का "रणनीतिक मस्तिष्क" माना जाता था. उनकी मौत को ईरान के सैन्य ढांचे पर एक बड़ा हमला माना जा रहा है. इसके अलावा, इस हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के शीर्ष सलाहकार अली शमखानी को भी निशाना बनाया गया है. शमखानी को ईरान की कूटनीतिक रणनीति का एक प्रमुख चेहरा माना जाता था और वे हाल के वर्षों में क्षेत्रीय वार्ताओं और सुरक्षा चर्चाओं में अग्रणी भूमिका निभा रहे थे.

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इजरायल ने कौन से 5 फेज़ में किए हमले
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब पूरी तरह से सैन्य टकराव का रूप ले लिया है. इजरायल ने खुफिया एजेंसी मोसाद द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर ईरान के ऊपर एक सुनियोजित और चरणबद्ध हमले की श्रृंखला शुरू की है, जिसमें उसने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को सीधे तौर पर निशाना बनाया है. यह हमला कुल पांच फेज में अंजाम दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. 

फेज 1: टॉप सैन्य नेतृत्व और वैज्ञानिक बने निशाना 
इजरायली हमले के पहले चरण में ईरान के नौ परमाणु वैज्ञानिकों और छह शीर्ष सैन्य कमांडरों को निशाना बनाकर मार गिराया गया. इसमें ईरान के आर्मी चीफ मोहम्मद बाघेरी, IRGC प्रमुख हुसैन सलामी और सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली शमखानी जैसे महत्वपूर्ण चेहरे शामिल थे.

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फेज 2: परमाणु ठिकानों पर भारी बमबारी
दूसरे फेज में इज़रायल ने ईरान के शिराज, तबरीज, और सबसे अहम नतांज न्यूक्लियर साइट पर जोरदार हमले किए. नतांज वही ठिकाना है जहाँ यूरेनियम संवर्धन का काम चल रहा था. यानी परमाणु बम निर्माण की नींव। इस हमले में 6 और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि नतांज और ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को इस कार्रवाई से भारी नुकसान पहुँचा है.

फेज 3: राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहर निशाने पर
तीसरे चरण में इज़रायल ने सीधे तेहरान, इस्फहान, अराक, करमनशाह और तबरीज जैसे रणनीतिक शहरों को निशाना बनाया. यहाँ न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर्स और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले हुए. नतांज को फिर से भारी क्षति पहुंचाई गई.

फेज 4: एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला
चौथे फेज में इज़रायली हमले ने ईरान के एयर डिफेंस नेटवर्क, मिसाइल सुरक्षा प्रणाली और रेडार सिस्टम को ध्वस्त करने पर फोकस किया. इससे ईरान की जवाबी हमले की क्षमता पर गहरा असर पड़ा.

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फेज 5: मिसाइल ठिकानों पर दोबारा हमला, फिर ईरानी पलटवार
आखिरी चरण में इज़रायल ने पश्चिमी ईरान में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और बैलिस्टिक सिस्टम को दोबारा निशाना बनाया. लेकिन इसके तुरंत बाद ईरान ने पलटवार किया, और 100 से अधिक ड्रोन से इज़रायल पर हमला बोला.

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बताते चलें कि इन हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने इस हमले के बाद गुस्से में चेतावनी देते हुए कहा, “इज़रायल ने खुद अपने बर्बाद भविष्य की पटकथा लिख दी है. इस दुस्साहस का जवाब ज़रूर मिलेगा. यहूदी राष्ट्र को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.”

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