Advertisement
Loading Ad...
तुर्की के साथ मिलकर नई साजिश रच रहा पाकिस्तान? शहबाज-मुनीर ने एर्दोगन से की मुलाकात, जानिए क्या हैं इसके मायने
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तुर्की पहुंच गए हैं. उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से मुलाकात की. इस दौरान शहबाज शरीफ के साथ पाकिस्तानी सेना का प्रमुख आसिम मुनीर भी मौजूद रहे.
Advertisement
Loading Ad...
आतंकवाद पर भारत के एक्शन और वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रहार के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तुर्की की चौखट पर पहुंच गए हैं. उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन से मुलाकात की. इस दौरान शहबाज शरीफ के साथ पाकिस्तानी सेना का प्रमुख आसिम मुनीर भी मौजूद रहे. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि, क्या पाकिस्तान के पीएम भारत से जंग के दौरान तुर्की द्वारा दी गई मदद पर 'शुक्रिया' कहने गए हैं या फिर कोई और प्लानिंग चल रही है. अगर यह मुलाकात दो देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत और क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय मसलों पर चर्चा के लिए है तो इसमें सेना प्रमुख का क्या काम है?
शहबाज ने जताया तुर्की का आभार
पाकिस्तान की सरकार और सेना के द्वारा पाले जा रहे आतंकवादी संगठनों के ठिकानों का भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के तहत जो हश्र किया उसे पूरी दुनिया ने देखा है. इसके अलावा भारत पूरी दुनिया में पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए प्रतिनिधिमंडल की सात टीमों को विदेश यात्रा पर भेजा है. इस बीच तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से मुलाकात करने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पहुंचे. जिसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया के एक्स दी है. शहबाज शरीफ ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा "तुर्की के समर्थन के लिए आभार जताया". लेकिन राजनीतिक जानकारों की माने तो इसे कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, खासतौर पर शहबाज तुर्की ऐसे समय पर पहुंचे हैं, जब भारत-पाकिस्तान को हर मोर्चे पर वैश्विक स्तर पर घेर रहा है.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की तुर्की यात्रा को लेकर पाकिस्तान के सरकारी चैनल पीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति एर्दोगन के बीच प्रतिनिधि मंडल स्तर की वार्ता हुई. इसमें विदेश मंत्री इशाक डार, सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ और सेना प्रमुख शामिल थे. इसके अलावा दोनों देशों के रक्षा मंत्री की अलग मुलाकात भी हुई. जिसने इस मुलाकात को और भी गंभीर बना दिया. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग रणनीतिक साझेदारी पर भी चर्चा हुई है. इसे कई जानकर भारत के खिलाफ पाकिस्तान की गठजोड़ की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है.
चार देशों की यात्रा करेंगे शहबाज
जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चार देशों की यात्रा पर निकले हुए हैं. जो 25 मई से 30 मई तक चलेगा. यात्रा के इस दौर में शहबाज शरीफ सबसे पहले तुर्की पहुंचे. इसके बाद वो ईरान, अजरबैजान और ताजकिस्तान भी जाने वाले है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की इन देशों की यात्रा को भले ही द्विपक्षीय संबंधो को और प्रगाढ़ करने की बात कही जा रही हो, लेकिन हकीकत तो यह है कि भारत के सख्त कदम से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री घबराए हुए है वो इन देशों से सहयोग की अपील कर रहे हैं.
बैकअप तैयार कर रहा पाकिस्तान
एक तरफ भारत आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए काम कर रहा है वही दूसरी तरफ पाकिस्तान भविष्य के लिए राजनयिक बैकअप तैयार करने की कोशिश कर रहा है. भारत के साथ सीधे टकराव की स्थिति में वह यह दिखाना चाहता है कि उसके पास अंतरराष्ट्रीय समर्थन है.
भारत और तुर्की के रिश्तों में आई खटास
ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के बाद जिस तरह से पाकिस्तान की सेना ने तुर्की के ड्रोन और मिसाइल के जरिए भारत के कई शहरों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. इसका खुलासा होने के बाद भारत और तुर्की के रिश्तों में दूरी आ गई है. भारत-पाक संघर्ष के बीच तुर्की का सैन्य विमान C-130 भी पाकिस्तान पहुंचा था. और इसके दो दिन बाद 2 मई को तुर्की का युद्धपोत भी कराची बंदरगाह पर पहुंचा. इसके साथ ही तुर्की ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन भी किया था.
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...