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ईरान का पाकिस्तान को अल्टीमेटम! ट्रंप से नजदीकी भारी पड़ेगी, जंग में दखल दिया तो गंभीर होंगे परिणाम

इजरायल के हमलों और अमेरिका की धमकियों से घिरे ईरान ने अब पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी दी है. भारत स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख जावेद हुसैनी ने कहा, "यह संघर्ष ईरान और इजरायल के बीच है. किसी तीसरे पक्ष की एंट्री इस युद्ध को और जटिल बना सकती है. उप मिशन प्रमुख के इस बयान को पाकिस्तान के प्रति परोक्ष चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई है.

ईरान का पाकिस्तान को अल्टीमेटम! ट्रंप से नजदीकी भारी पड़ेगी, जंग में दखल दिया तो गंभीर होंगे परिणाम
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इजरायल के हमलों और अमेरिका की धमकियों से घिरे ईरान ने अब पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी दी है. भारत स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख जावेद हुसैनी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि अगर ईरान-इजरायल संघर्ष में कोई तीसरा पक्ष शामिल हुआ, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान, ईरान के साथ खड़ा रहेगा.

दिल्ली में एक न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए जावेद हुसैनी ने कहा, "यह संघर्ष ईरान और इजरायल के बीच है. किसी तीसरे पक्ष की एंट्री इस युद्ध को और जटिल बना सकती है. हम आशा करते हैं कि पाकिस्तान हमारी स्थिति को समझेगा और साथ खड़ा रहेगा. अगर आज इजरायल को नहीं रोका गया, तो आगे कई और देशों को हमले झेलने पड़ सकते हैं." उप मिशन प्रमुख के इस बयान को पाकिस्तान के प्रति परोक्ष चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई है. वही इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए हुसैनी ने कहा, "हमारे पास कुछ अघोषित शक्तियां हैं, जिन्हें हमने भविष्य के लिए सुरक्षित रखा है. अगर कोई तीसरा पक्ष इस युद्ध में हस्तक्षेप करता है तो उसके परिणाम बहुत गंभीर होंगे."

पाकिस्तान तय करे कि वो किसके साथ है: ईरान 
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की कूटनीतिक गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने असीम मुनीर की हालिया अमेरिका यात्रा और वहां डोनाल्ड ट्रंप से हुई मुलाकात को गंभीरता से नोट किया है. इससे पहले असीम मुनीर ईरान का दौरा कर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से भी मिल चुके हैं. इस घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक विश्लेषणों तक में चर्चा गर्म है कि पाकिस्तान किस पक्ष के साथ खड़ा है. ईरान के या फिर अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल के? ईरानी उप मिशन प्रमुख जावेद हुसैनी ने कहा, "यह देखना अहम होगा कि पाकिस्तान किस ओर खड़ा होता है. हम उम्मीद करते हैं कि पड़ोसी देश संघर्ष की गंभीरता को समझते हुए विवेकपूर्ण निर्णय लेगा."

भारत से नहीं कोई नाराज़गी: ईरान 
ईरानी दूतावास के अधिकारी ने यह स्पष्ट किया है कि तेहरान की भारत से किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है. नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख जावेद हुसैनी ने शुक्रवार को कहा, "भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और हमें उससे भविष्य में बेहतर समझ और सहयोग की उम्मीद है."

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हम बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करेंगे
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पश्चिमी देशों की नीतियों को लेकर सख्त नाराज़गी जाहिर की है. नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख जावेद हुसैनी ने IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) और G7 देशों की आलोचना करते हुए कहा कि "IAEA इजरायल के इशारों पर काम कर रही है और G7 देश लगातार पक्षपात कर रहे हैं." उन्होंने दो टूक कहा कि "ईरान NPT यानी परमाणु अप्रसार संधि का हस्ताक्षरकर्ता है और हमेशा नियमों का पालन करता आया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम दबाव में झुक जाएंगे." ईरानी दूतावास से यह बयान तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान से ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ की बात कही थी. इसके जवाब में हुसैनी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “हम बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करेंगे. यह तय है."

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ऑपरेशन सिंधु के लिए ईरान ने भारत को दिया पूरा समर्थन
जावेद हुसैनी ने इस बात को स्पष्ट किया है कि रत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंधु’ को ईरान का पूरा सहयोग मिल रहा है. हुसैनी ने बताया कि ईरान की ‘महन एयर’ की तीन चार्टर्ड फ्लाइट्स जल्द ही मशहद से दिल्ली के लिए रवाना होंगी, जिनके जरिए भारतीय छात्रों को बैचों में सुरक्षित निकाला जाएगा. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ईरान में मौजूदा हालातों के बीच लगभग 10,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें से 1,000 को पहले ही सुरक्षित निकाला जा चुका है. उन्होंने कहा कि बाकी भारतीयों को भी शीघ्र भारत लाने के लिए रेस्क्यू फ्लाइट्स की संख्या और फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा रही है.

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