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Israel-Iran War: ‘ये हत्या अस्वीकार्य’ खामेनेई की मौत पर चढ़ा पुतिन का पारा, चीन-नॉर्थ कोरिया भी भड़का
सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने के बाद दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं कि अब ईरान का अगला कदम क्या होगा? इस बीच रूसी प्रेसिडेंट पुतिन ने खामेनेई की मौत पर अमेरिका की कड़े शब्दों में निंदा की.
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Iran-Israel War: इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने ईरान के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में सकते में डाल दिया. खामेनेई की मौत पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का रिएक्शन भी आया है. उन्होंने खामेनेई की मौत पर दुख जताया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता ने रूसी राष्ट्रपति का संदेश जारी किया.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.
खामेनेई की मौत पुतिन ने क्या कहा?
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रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, ‘यह हत्या मानवीय नैतिकता और अंतर्राष्ट्रीय कानून की घोर अवहेलना करते हुए की गई थी.’ उन्होंने कहा, रूस में खामेनेई को एक उत्कृष्ट राजनेता के रूप में याद किया जाएगा. जिन्होंने रूस और ईरान के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. इसके साथ ही पुतिन ने पेजेशकियन से खामेनेई के रिश्तेदारों और प्रियजनों के साथ-साथ ईरान की सरकार और लोगों के प्रति अपनी हार्दिक सहानुभूति और समर्थन व्यक्त करने के लिए भी कहा है.
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रूसी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका-इजरायल को हमले रोक कर बातचीत की राह अपनाने की सलाह देते हुए इसे बिना उकसावे के की गई कार्रवाई बताया. रूस ने कहा कि स्थिति को राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की राह पर वापस लाया जाना चाहिए. रूस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सिफारिश की है कि वह इन घटनाओं का निष्पक्ष आकलन करे.
चीन और नॉर्थ कोरिया ने भी जताई नाराजगी
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अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम नेता खामेनेई की मौत के बाद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. चीन और उत्तर कोरिया ने भी नाराजगी जाहिर की है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि खामेनेई पर हमला ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है. यह यूएन चार्टर के मकसद और सिद्धांतों और इंटरनेशनल रिलेशन के बेसिक नियमों को रौंदता है. चीन इसका कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है. हम सैन्य ऑपरेशन को तुरंत रोकने, तनावपूर्ण स्थिति को और न बढ़ाने और मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर कोशिश करने की अपील करते हैं.
वहीं, उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया, कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा है कि ईरान पर इजरायल के हमले और वहां अमेरिकी सैन्य अभियान गैरकानूनी हमले और राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन हैं.
खामेनेई की मौत के बाद भड़का ईरान
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अपने सुप्रीम लीडर की मौत के बाद ईरान में रोष है. ईरान ने इजरायल और अमेरिका से बदला लेने की कसम खाई है. ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने अमेरिका के दिल में चाकू घोंपने की बात कही. लारीजानी ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ और जवाबी कार्रवाई का वादा किया. उन्होंने कहा, 'हमारी सेना का रिएक्शन और भी ज्यादा मजबूत होगा. उन्हें पता होना चाहिए कि वे बस हमला करके भाग नहीं सकते.’
इजरायल के हमले में मारे गए टॉप अधिकारी
इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले को 'प्रिवेंटिव अटैक' करार दिया. यानी एहतियातन सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम. 28 फरवरी 2026 को हुए इस हमले में अली खामेनेई के अलावा ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह और उसकी आर्म्ड फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ दोनों के मारे जाने की पुष्टि की थी. इनके अलावा ईरान ने IRGC के नेता मेजर जनरल मोहम्मद पाकपुर और डिफेंस काउंसिल सेक्रेटरी अली शमखानी की मौत की भी पुष्टि की थी.
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इजरायल-अमेरिका की हमले की टाइमिंग काफी अहम है. अमूमन कोई भी देश दूसरे देश पर हमले के लिए रात की टाइमिंग चुनता है, लेकिन अमेरिका ने दिन के उजाले में हमला किया. भारतीय समय के अनुसार सुबह 8.15 बजे ये हमला हुआ है. जो ईरान तो क्या कोई भी नहीं सोच सकता. जबकि ईरान की पूरी तैयारी और डिफेंस सिस्टम रात के हमले पर टिका हुआ था. इससे पहले इजरायल ने ईरान पर देर रात और आधी रात को हमला किया था. इजरायल के हमले के बाद ईरान ने गुस्से में मिडिल ईस्ट के 8 देशों को धुआं-धुआं कर दिया. ईरान ने एक साथ उन पर हमला किया. जिससे ईरान अब मुस्लिम देशों की रडार पर भी आ गया.