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ईरान का पलटवार पड़ा कई देशों पर भारी, तबाह किए कई मिलिट्री बेस

Iran-Israel War: यह हमला सामान्य सीमा तनाव जैसा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बड़े स्तर की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.इसके जवाब में ईरान ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी है और मिसाइल दागने की खबरें सामने आई हैं.

Image Source: Social Media
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Iran-Israel War: इज़रायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर सीधा सैन्य हमला किया है. इस ऑपरेशन को “Lions Roar” यानी “शेर की दहाड़” नाम दिया गया बताया जा रहा है. यह हमला सामान्य सीमा तनाव जैसा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बड़े स्तर की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.इसके जवाब में ईरान ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी है और मिसाइल दागने की खबरें सामने आई हैं. इससे पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तनाव बहुत तेजी से बढ़ गया है और हालात क्षेत्रीय युद्ध जैसे बनते दिखाई दे रहे हैं.कतर और बहरीन के बाद ईरान ने UAE में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमला किया. है.UAE में अमेरिकी मिलिट्री बेस का नाम अल दाफ्रा एयर बेस है.

ईरान का पलटवार और मिसाइल हमला

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी एयरबेस अल धफरा पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है. अल धफरा एयरबेस अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना माना जाता है. हमले के बाद इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. इससे यह साफ होता है कि ईरान सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है.

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ईरान की रणनीति कई स्तरों पर हो सकती है. वह सीधे हमले कर सकता है, अपने सहयोगी संगठनों के माध्यम से अप्रत्यक्ष कार्रवाई कर सकता है, या अलग-अलग इलाकों में दबाव बना सकता है. ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़ा जखीरा है और क्षेत्र में उसके कई सहयोगी नेटवर्क भी सक्रिय हैं, जो हालात को और जटिल बना सकते हैं.

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लड़ाकू विमानों की हलचल

खबरें यह भी बता रही हैं कि करीब 20 अमेरिकी और इजरायली लड़ाकू विमान दारा इलाके के ऊपर से उड़ते हुए ईरान की ओर बढ़ रहे थे. इससे यह संकेत मिलता है कि हवाई हमले भी इस संघर्ष का हिस्सा हो सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो यह टकराव और ज्यादा गंभीर रूप ले सकता है.

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ईरान के सामने दोहरी चुनौती

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ईरान के सामने अब दो बड़ी चुनौतियाँ हैं. पहली, अपनी जमीन और सैन्य ठिकानों की रक्षा करना. दूसरी, जवाबी कार्रवाई करके अपनी ताकत और संदेश दोनों को दुनिया के सामने रखना. इसी बीच तेहरान में “वॉर सॉन्ग” यानी जंग के गीत बजने की खबरें भी आ रही हैं, जो यह दिखाती हैं कि देश के भीतर माहौल भावनात्मक और तनावपूर्ण है. यह टकराव अब सिर्फ दो देशों के बीच सीमित नहीं रह गया है. अगर हालात पर काबू नहीं पाया गया, तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है.

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