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अमेरिका को भारत का ‘जीरो टैरिफ’ ऑफर? ट्रंप के दावे पर जयशंकर का बयान

ट्रंप का दावा है कि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर “जीरो टैरिफ" का ऑफर दिया है. जानकारी देते चलें कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात चल रही है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस पर समझौता भी हो जाएगा.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक दावे से हड़कंप मचा हुआ है. ट्रंप का दावा है कि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर “जीरो टैरिफ" का ऑफर दिया है. इसी बीच उन्होंने एप्पल कंपनी की भारत में मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर नाराजगी भी जाहिर की. उन्होंने कंपनी के CEO टिम कुक से साफतौर पर कहा कि वह नहीं चाहते कि एप्पल कंपनी अपनी मैन्यूफैक्चरिंग भारत में करे. जानकारी देते चले कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात चल रही है, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस पर समझौता भी हो जाएगा.

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा 
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है, ‘भारत में कुछ बेचना काफी मुश्किल है, और वे हमें डील ऑफर कर रहे हैं, सच बताऊं तो वे हमें शून्य टैरिफ का ऑफर दे रहे हैं.’ ट्रंप ने ये बड़ा दावा मिडिल ईस्ट के दौरे के दौरान दोहा में किया है. आपको बता दें कि अमेरिका ने भारत पर 26% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था. लेकिन तमाम मुल्कों के लिए उन्होंने इस पर 90 दिनों की रोक लगा दी थी, और भारत को भी इसका फायदा हुआ - जहां भारतीय प्रोडक्ट्स पर फिलहाल 10% टैरिफ लग रहा है

‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट से मिली जानकारी
जानी मानी समाचार संस्था रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अमुसार, भारत ने 60% टैरिफ लाइंस तक जीरो टैरिफ लगाने का ऑफर दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक नई दिल्ली ने सौदे के पहले चरण में 60% टैरिफ लाइनों पर शुल्क को जीरो करने की पेशकश की है, जिस पर बातचीत चल रही है. यानी कि भारत ने अमेरिका को इंपोर्ट किए जाने वाले लगभग 90% सामानों तक प्रीफेरेंशियल एक्सेस देने की पेशकश की है, और इसमें कम टैरिफ भी शामिल है. आसान शब्दों में कहे तो अमेरिका भारत में अपना ज्यादा-से-ज्यादा सामान सस्ते दामों में बेच सकेगा.

रॉयटर्स ने ये जानकारी भारतीय सरकारी सूत्रों से मिलने का हवाला दिया था. मसलन, अगर अमेरिका अपने 10 प्रोडक्ट्स भारत को सप्लाई करता है, तो उसे अपने छह प्रोडक्ट्स पर जीरो टैरिफ लगाना होगा और बाकी प्रोडक्ट्स पर तय समझौते के मुताबिक, चार्ज लगेंगे. भारत को उम्मीद है कि इससे ज्यादा से ज्यादा ट्रेड होगा, जिससे लॉन्ग टर्म में फायदा हो सकता है.

मामले पर विदेश मंत्री जयशंकर का बयान 
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता चल रही है. ये जटिल वार्ताएं हैं. जब तक सब कुछ तय नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी तय नहीं होगा. कोई भी व्यापार सौदा परस्पर लाभकारी होना चाहिए, इसे दोनों देशों के लिए कारगर होना चाहिए. व्यापार सौदे से हमारी यही अपेक्षा होगी. जब तक ऐसा नहीं हो जाता, इस पर कोई भी निर्णय जल्दबाजी होगी.’
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