Advertisement

Loading Ad...

बांग्लादेश में भारत के दुश्मन उस्मान हादी को मारी गई गोली, हिंदुस्तान विरोधी ताकतों को कौन भेज रहा जहन्नुम?

भारत के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखने वाला बांग्लादेशी कट्टरपंथी और नेता उस्मान हादी पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की गई है. खबर तो यह भी है कि हादी को सीधी गोली मारी गई है. इसके बाद उसे फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां उसकी हालत काफी खराब बताई जा रही है. कहा जा रहा है कि हादी हमले से पहले भी एक भारत-विरोधी कार्यक्रम और गतिविधि में शामिल होकर निकला था.

Loading Ad...

जिस भारत की वजह से बांग्लादेशी लोगों को पाकिस्तानी फौज और एलीट पंजाबी मुसलमानों के संस्थागत भेदभाव, नस्लवाद, अत्याचार, बलात्कार और नरसंहार से मुक्ति मिली और एक नए व अपने मुल्क में आज़ादी से सांस लेने का मौका मिला, उसी देश के खिलाफ आज, उसी ISI और जमात-ए-इस्लामी के इशारों पर साजिश रची जा रही है. उसी हिंदुस्तान के पूर्वोत्तर और ‘चिकन नेक’ पर उसके कट्टरपंथियों की नजर है. उस देश को तोड़ने का सपना देख रहे हैं, जिस देश को उनके आका पाकिस्तानी भी कई जंगों के बाद नहीं हरा पाए, यहां तक कि बाल भी बांका नहीं कर पाए. फिर भी हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी कि दिल्ली की सत्ता को चुनौती देने वाली विरोधी ताकतें सिर उठा रही हैं. खैर, आंख दिखाने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उसका अंजाम क्या होगा, यह अब पता लगने लगा है.

आपको बता दें कि बांग्लादेश में भारत-विरोधी ताकतों का बुरा अंजाम होने जा रहा है. उनकी भी वही हालत हो रही है, जैसी पाकिस्तानी आतंकियों, भारत के दुश्मनों और साजिशों में लगे गुर्गों की हो रही है. खबर के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के साथ बेहद संवेदनशील ‘चिकन नेक’ के इर्द-गिर्द दौरे करने और भारत के नक्शे के साथ छेड़छाड़ करने वाले गुर्गे उस्मान हादी के साथ किसी अज्ञात शख्स ने एक बड़ी घटना को अंजाम दिया है.

भारत के दुश्मन उस्मान हादी को किसने मारी गोली?

Loading Ad...

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उस्मान हादी पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की गई है. खबर तो यह भी है कि हादी को सीधी गोली मारी गई है. इसके बाद उसे फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां उसकी हालत काफी खराब बताई जा रही है. कहा जा रहा है कि हादी हमले से पहले भी एक भारत-विरोधी कार्यक्रम और गतिविधि में शामिल होकर निकला था.

Loading Ad...

कैसे हुआ भारत के दुश्मन पर हमला?

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में इस्लामिक संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता और आगामी चुनावों में ढाका से निर्दलीय उम्मीदवार उस्मान हादी के ऊपर यह हमला 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉय नगर इलाके में दिनदहाड़े मोटरसाइकिल सवार तीन हमलावरों ने किया. यह घटना उस वक्त हुई, जब वह शुक्रवार की जुमे की नमाज पढ़कर निकला था. फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और वह ढाका के एक अस्पताल में लाइफ सपोर्ट पर है. उसका इलाज चल रहा है.

Loading Ad...

वहीं, ‘द डेली स्टार’ के अनुसार, निर्दलीय उम्मीदवार और इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी को आज दोपहर ढाका के पल्टन इलाके में रिक्शा से जाते समय गोली मारी गई. चश्मदीदों ने बताया कि हादी रिक्शा पर बिजॉय नगर की ओर जा रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर हेलमेट पहने दो लोगों ने बैतुस सलाम जामे मस्जिद के सामने उन पर गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए.

भारत को तोड़ना चाहता था हादी!

आपको बता दें कि हादी कट्टरपंथी कार्यकर्ता संगठन ‘इंकलाब मंच’ का प्रवक्ता था. वह ढाका-8 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने वाला था. कहा जाता है कि वह लगातार भारत-विरोधी साजिशों और बयानबाजी में शामिल रहा है. जानकारी के मुताबिक, हमले से कुछ घंटे पहले भी उस्मान हादी ने कथित ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का एक विवादित नक्शा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर के 7 राज्यों (सेवन सिस्टर स्टेट्स) को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था. वहीं, हादी पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जानकारी देने वाले को 50 लाख टका (बांग्लादेशी मुद्रा) का इनाम रखने की घोषणा की गई है.

Loading Ad...

शेख हसीना का धुर विरोधी था उस्मान हादी?

इतना ही नहीं, उस्मान हादी को भारत में रह रहीं बांग्लादेश की निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का घोर विरोधी माना जाता है. 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान वह बढ़-चढ़कर चीखता-चिल्लाता नजर आया था. उसने आवामी लीग पर छात्र हत्याओं में शामिल होने का आरोप लगाया था और शेख हसीना को मौत की सजा पर खुशी जाहिर की थी.

बांग्लादेश में चुनाव का ऐलान, हिंसा के दौर की शुरुआत!

Loading Ad...

गुरुवार को शाम छह बजे चुनाव आयोग ने बांग्लादेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान किया. बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव होने जा रहा है. संसदीय चुनाव के लिए नामांकन 29 दिसंबर 2025 तक दाखिल किए जाएंगे. 30 दिसंबर से 4 जनवरी 2026 तक नामांकन की स्क्रूटनी होगी. 20 जनवरी नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है. वहीं, 21 जनवरी को चुनाव चिह्न का आवंटन और अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी होगी. इसके साथ ही 22 जनवरी से 10 फरवरी सुबह 7:30 बजे तक चुनाव प्रचार की अनुमति होगी.

बता दें कि चुनावी हिंसा का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले बीएनपी के दो गुटों के बीच भी हिंसा के मामले सामने आ चुके हैं. बीएनपी में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है. आए दिन दो गुटों के बीच हिंसक झड़प की घटनाएं सामने आ रही हैं. यूनुस की अंतरिम सरकार के नेतृत्व में देशभर में हिंसा और अराजकता की स्थिति बनी हुई है. आलम यह है कि देशभर में पूर्व पीएम शेख हसीना सरकार के समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है.

‘ऑपरेशन डेविल हंट फेज-2’

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

वहीं, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने ‘ऑपरेशन डेविल हंट फेज-2’ शुरू करने का ऐलान किया है. सरकार ने इसे लेकर तर्क भी दिया है. कहा गया है कि यह फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों से पहले अवैध हथियारों से होने वाली असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया कदम है. गृह मामलों के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) जहांगीर आलम चौधरी ने ढाका में पत्रकारों को बताया कि कानून-व्यवस्था पर कोर कमिटी की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया. यह बैठक शरीफ उस्मान हादी पर हुए गोलीकांड के एक दिन बाद हुई.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...