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'चीन पर लगाम के लिए भारत का साथ जरूरी...', निक्की हेली ने ट्रंप को चेताया, कहा- हिंदुस्तान से सुधार लें रिश्ते

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर उनके ही देश में सवाल उठ रहे हैं. भारत पर 50% टैरिफ लगाने से रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। पीएम मोदी ने किसानों के साथ खड़े होने का संदेश दिया है. इसी बीच अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने चेताया कि भारत-अमेरिका संबंध नाजुक मोड़ पर हैं और चीन को रोकने के लिए वाशिंगटन को जल्द रिश्ते सुधारने होंगे.

Donald Trump/ Nikki Haley (File Photo)
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक ट्रेड पॉलिसी अब उनके ही देश में सवालों के घेरे में है. दुनियाभर में अपनी शर्तें मनवाने के लिए टैरिफ और ट्रेड वॉर का सहारा लेने वाले ट्रंप ने हाल ही में भारत के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 50% तक टैरिफ लागू किया. इस फैसले से दोनों देशों के रिश्ते, जो पहले दोस्ताना माने जाते थे, अब तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गए हैं. ट्रंप भले ही भारत को अपना करीबी साझेदार बताते रहे हों, लेकिन उनकी यह कठोर नीति रिश्तों में दरार डालती नजर आ रही है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत अपने किसानों के हितों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा और देशहित सर्वोपरि है. इसी बीच अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने ट्रंप प्रशासन को चेताया है कि भारत-अमेरिका संबंध इस समय बेहद नाजुक स्थिति में हैं. उन्होंने कहा कि यदि वॉशिंगटन को चीन की बढ़ती वैश्विक महत्वाकांक्षाओं पर अंकुश लगाना है, तो भारत के साथ रिश्तों को तुरंत सुधारना बेहद जरूरी होगा.

निक्की हेली की चेतावनी

अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने ट्रंप प्रशासन को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने चेताया कि यदि इन रिश्तों को सुधारा नहीं गया तो चीन इसका फायदा उठाकर और मजबूत हो जाएगा. हेली ने न्यूजवीक में प्रकाशित अपने लेख में साफ लिखा कि अमेरिका को अपनी सबसे अहम प्राथमिकता नहीं भूलनी चाहिए. चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत दोनों लोकतांत्रिक शक्तियां हैं और इनके बीच दरार पैदा करना एक रणनीतिक गलती होगी.

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रूस के तेल पर बढ़ा तनाव

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भारत और अमेरिका के बीच तनाव केवल टैरिफ तक सीमित नहीं है. रूस के तेल को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं. ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी कि अगर भारत रूसी तेल खरीदता रहा तो उस पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क और 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा. हेली ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि रूस से तेल खरीदना यूक्रेन के खिलाफ पुतिन के युद्ध को मदद देना है. लेकिन उन्होंने यह भी साफ कहा कि भारत के साथ दुश्मन जैसा व्यवहार करना अमेरिका के लिए खतरनाक हो सकता है. एशिया में चीन की बढ़ती ताकत को रोकने के लिए भारत के साथ रिश्ते खराब करना आत्मघाती फैसला साबित होगा.

भारत की अहमियत क्यों

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निक्की हेली ने अपने लेख में बताया कि अमेरिका की आर्थिक और सुरक्षा नीतियों के लिए भारत की भूमिका कितनी जरूरी है. अमेरिका इस समय अपनी आपूर्ति श्रृंखला को चीन से दूर ले जाना चाहता है. ऐसे में भारत उसके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बन सकता है. भारत के पास बड़ी विनिर्माण क्षमता है और वह कपड़ा, फोन और सौर पैनल जैसे उद्योगों के लिए चीन जैसा विकल्प प्रस्तुत कर सकता है. सिर्फ यही नहीं, भारत अमेरिका और इज़रायल के साथ अपने रक्षा संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है. हेली के अनुसार यह सहयोग पूरे मुक्त विश्व की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति है.

चीन बनाम भारत का समीकरण

हेली का मानना है कि भारत का उदय चीन की महत्वाकांक्षाओं को रोकने में सबसे बड़ी बाधा बन सकता है. उन्होंने साफ कहा कि जैसे-जैसे भारत की ताकत बढ़ेगी, चीन की दादागिरी कम होगी. यही कारण है कि अमेरिका को भारत से रिश्ते और मजबूत करने चाहिए. हेली ने यहां तक अपील की कि प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच सीधे संवाद होना चाहिए. ताकि बढ़ते तनाव को खत्म किया जा सके. अगर ऐसा नहीं हुआ तो बीजिंग इस दरार का पूरा फायदा उठाएगा.

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रोनाल्ड रीगन का पुराना संदेश

हेली ने अपने लेख के अंत में हेली ने 1982 में व्हाइट हाउस में हुई एक ऐतिहासिक मुलाकात को याद किया. उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से कहा था कि भले ही भारत और अमेरिका कभी-कभी अलग-अलग रास्तों पर चलें, लेकिन उनकी मंजिल एक ही होनी चाहिए. हेली ने यह संदेश दोहराते हुए कहा कि आज भी वही स्थिति है. यदि भारत और अमेरिका मिलकर काम करेंगे तो न केवल चीन की चुनौती का सामना कर पाएंगे बल्कि पूरी दुनिया को स्थिरता भी दे पाएंगे.

चीन को छूट और भारत पर दबाव

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हेली ने ट्रंप प्रशासन की उस नीति की आलोचना भी की, जिसमें चीन को रूस से तेल खरीदने के लिए 90 दिनों की छूट दी गई, लेकिन भारत पर टैरिफ लगा दिया गया. उन्होंने कहा कि यह दोहरी नीति भारत के साथ अन्याय है और इससे रिश्तों में अनावश्यक तनाव पैदा हो रहा है.

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बता दें कि भारत और अमेरिका दोनों दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक ताकतें हैं. इन दोनों के रिश्ते सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं हैं बल्कि भू-राजनीतिक समीकरणों और वैश्विक सुरक्षा से भी जुड़े हैं. ऐसे में चीन की बढ़ती ताकत को रोकने के लिए अमेरिका को भारत की जरूरत है और भारत को अमेरिका के सहयोग की. ट्रंप की सख्त नीतियों और टैरिफ विवाद ने इन रिश्तों को चुनौती जरूर दी है. लेकिन निक्की हेली का साफ संदेश है कि अब दोनों देशों को अपने मतभेद भुलाकर भविष्य की ओर देखना होगा. 

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