Advertisement

Loading Ad...

इजरायल के दिल में भारत! ‘द यरूशलम पोस्ट’ की वो हेडलाइन, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया

9 साल बाद प्रधानमंत्री मोदी इजरायल दौरे पर पहुंचे हैं. पीएम के इस दौरे को इजरायली मीडिया ने भारत और इजरायल के रिश्तों के एक नए दौर में प्रवेश के रुप में बताया है.

Loading Ad...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिन के लिए इजरायल दौरे पर हैं. इस बीच 'द यरूशलम पोस्ट' के फर्स्ट पेज में बुधवार के अंक में भारत और इजरायल के रिश्तों को एक नए दौर में प्रवेश करते हुए दिखाया गया है. अखबार में 'दो प्राचीन राष्ट्रों ने एक नया अध्याय शुरू किया' शीर्षक के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे को ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है. 

इजरायल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी इजरायल पहुंच चुके हैं. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देशों के संबंधों में पिछले कुछ महीनों से तेज गतिविधि देखी जा रही है. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पीएम मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे और रक्षा एवं सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार, अर्थव्यवस्था और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में अगले कदमों पर चर्चा करेंगे. 

Loading Ad...

‘इजरायल लंबे समय से भारत को मित्र के रूप में देखता रहा है’

Loading Ad...

अखबार में छपी रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल लंबे समय से भारत को एक महत्वपूर्ण मित्र के रूप में देखता रहा है और पीएम मोदी की यह यात्रा भारत को शीर्ष रणनीतिक प्राथमिकता देने का अवसर मानी जा रही है. दोनों देशों के रिश्तों में भरोसा, इतिहास और राजनीतिक समझ दिखाई देती है, लेकिन संभावनाओं के मुकाबले क्रियान्वयन की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है. 

मोदी के ऐतिहासिक यात्रा से बदला नजरिया

Loading Ad...

अखबार में 'द मोदी डॉक्ट्रिन' शीर्षक से प्रकाशित लेख में लेखक अमिचाई स्टर्न ने 2017 की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख किया, जब मोदी पहली बार इजरायल पहुंचे थे. उस समय वे बेन-गुरियन एयरपोर्ट पर उतरने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे. उस यात्रा को दशकों की कूटनीतिक झिझक के अंत के रूप में देखा गया था. पूर्व विदेश मंत्रालय महानिदेशक और भारत में इजरायल के पूर्व राजदूत अलोन उश्पिज ने कहा कि नई दिल्ली के रवैये में बदलाव स्पष्ट और व्यक्तिगत था. उनके अनुसार मोदी इजरायल को समझते हैं और उसकी सराहना करते हैं. 

1947 के विरोध से 2026 की रणनीतिक साझेदारी तक

विश्लेषणात्मक लेख में लेखक हर्ब केइनोन ने लिखा कि यह दौरा केवल औपचारिकता या समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल में हो रहा है. 2017 में नेतन्याहू ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा था कि इजरायल लंबे समय से इस क्षण का इंतजार कर रहा था. बता दें कि 1947 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के गठन के खिलाफ मतदान किया था और दोनों देशों के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध 1992 में स्थापित हुए थे. 

Loading Ad...

‘यह दौरा प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है’

यह भी पढ़ें

एक अन्य रिपोर्ट में पत्रकार ज्विका क्लीन ने भारत में इजरायल के राजदूत जेपी सिंह के हवाले से लिखा कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में 'नए चरण' की शुरुआत करेगी. लगभग नौ वर्षों बाद हो रहा यह दौरा प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...