Advertisement

Loading Ad...

अमेरिका के 'टैरिफ वार' की भारत ने ढूंढ ली काट! विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया 'फुलप्रूफ प्लान'

एक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी टैरिफ प्लान से निपटने के लिए एक खास रणनीति बनाई है। उन्होंने कहा कि "बीते 6 साल के अंदर दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है। इसमें यूक्रेन- रूस जंग, कोविड, अफगानिस्तान मिडिल ईस्ट और अन्य समस्याएं हैं। जो काफी चुनौती पूर्ण हैं।" टैरिफ प्लान से निपटने के लिए एस जयशंकर ने कहा कि "हम अमेरिका के साथ साल के अंत तक ट्रेड डील करने वाले हैं।"

Loading Ad...
अमेरिका के टैरिफ प्लान से पूरी दुनिया में युद्ध छिड़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले ने दोस्त और दुश्मन दोनों को करारा झटका दिया है। सभी देशों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका ने भारत समेत कई देशों पर रेसीप्रोकल टैरिफ लगाया है। भारत के कई उद्योगों पर इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है। इस टैरिफ वॉर को लेकर चीन और अमेरिका दोनों आमने-सामने आ गए हैं। ट्रंप ने चीन पर 104 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। वहीं जो देश अमेरिका में एक्सपोर्ट करते हैं या  वहां की सर्विसेज मुहैया करवाते हैं। वह सभी देश चिंतित है। इनमें चीन, ब्राजील, कनाडा और कई यूरोपीय कंट्री शामिल है। दुनिया भर में मंदी का खतरा मंडरा रहा है। हर जगह हाहाकार मचा हुआ है। सभी देश अपनी तरफ से इस समस्या से निपटने के लिए अपने-अपने स्तर पर रणनीति बना रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए भारत भी अपनी रणनीति तैयार कर रहा है। इस टैरिफ प्लान से निपटने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक सटीक प्लान बताया है। 

अमेरिकी टैरिफ प्लान से निपटने के लिए एस जयशंकर ने बनाई रणनीति 

एक न्यूज़ चैनल के कार्यक्रम में पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी टैरिफ प्लान से निपटने के लिए एक खास रणनीति बनाई है। उन्होंने कहा कि "बीते 6 साल के अंदर दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है। इसमें यूक्रेन- रूस जंग, कोविड, अफगानिस्तान मिडिल ईस्ट और अन्य समस्याएं हैं। जो काफी चुनौती पूर्ण हैं।" टैरिफ प्लान से निपटने के लिए एस जयशंकर ने कहा कि "हम अमेरिका के साथ साल के अंत तक ट्रेड डील करने वाले हैं। भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है। जिसने डोनाल्ड ट्रंप की दूसरी बार सत्ता में आने के बाद ट्रेड डील को लेकर सहमति बनाने पर पहल की है। इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। अभी तक हमें ठीक से पता नहीं है। ट्रंप के साथ कई मसलों पर बातचीत कर रहे हैं। हम द्विपक्षीय समझौते के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। हम ट्रंप सरकार को लेकर काफी गंभीर प्रयास में है। इसकी गंभीरता इसी से देख सकते हैं कि पीएम मोदी के आखिरी अमेरिका दौरे पर गए सिर्फ 6 सप्ताह बीता है। इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत शुरू हो चुकी है। बीते 2 साल के अंदर जितनी द्विपक्षीय बैठके यूरोप के देशों में हुई। उससे कहीं ज्यादा बीते 6 सप्ताह के अंदर अमेरिकी अधिकारियों के साथ हुई है। इस मसले का हल निकाला जाएगा और हम इसको लेकर पॉजिटिव हैं। अमेरिका के साथ हमारी अच्छे माहौल में बातचीत चल रही है।"
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...