Advertisement

Loading Ad...

"मैं झुकेगा नहीं!" ट्रंप की धमाकेदार चाल से दहली दुनिया की अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार धड़ाम

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को अपने फैसले से झकझोर दिया है। ‘मैं झुकेगा नहीं’ जैसी धमाकेदार लाइन और टैरिफ बढ़ाने के फैसले ने चीन, जापान और भारत जैसे देशों की नींद उड़ा दी है। शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट, व्यापारिक रिश्तों में तनाव और वैश्विक अनिश्चितता की लहर दौड़ पड़ी है।

Loading Ad...
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो पारंपरिक राजनीति नहीं, बल्की बिजनेस माइंड और दबाव की भाषा में दुनिया से बात करते हैं। लेकिन सवाल ये है – क्या ये सिर्फ अमेरिका के फायदे की बात है, या पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी?

डोनाल्ड ट्रंप ने जैसे ही 180 देशों पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया, वैश्विक शेयर बाजारों में हाहाकार मच गया। भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा – कोई भी देश अछूता नहीं रहा। निवेशकों के खरबों डॉलर स्वाहा हो गए। एक झटके में कई देशों के अरबपतियों की संपत्ति अरबों में कम हो गई।

भारत का सेंसेक्स 2,200 से ज्यादा अंक गिरा, निफ्टी 743 अंक टूट गया। एशिया की बात करें तो जापान का निक्केई 8% गिर गया, शंघाई स्टॉक एक्सचेंज 7%, साउथ कोरिया का कॉस्पी 5%, और हांगकांग का हैंगसेंग तो पूरे 13% तक लुढ़क गया। ये सिर्फ नंबर नहीं हैं, ये उस डर का संकेत हैं जो अब वैश्विक व्यापार की रगों में दौड़ने लगा है।

ट्रंप की चेतावनी: "कभी-कभी दवाई देनी पड़ती है"

जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या उन्हें इस आर्थिक तबाही का अंदाजा था, तो उन्होंने बेहद सरल लेकिन सख्त लहजे में कहा – “कभी-कभी आपको कुछ ठीक करने के लिए दवाई लेनी पड़ती है।” ये वाक्य सुनने में जितना सरल लगता है, इसकी गहराई उतनी ही गंभीर है। ट्रंप इस संकेत में कह रहे थे कि अगर वैश्विक व्यापार व्यवस्था अमेरिका के हित में नहीं है, तो वो उसे बदल देंगे – चाहे पूरी दुनिया को इसका इलाज दवाई की तरह ही क्यों न लगे।

जापान पर सीधा वार

ट्रंप की नज़र सिर्फ चीन पर नहीं है, अब वो अपने पुराने सहयोगी जापान को भी कटघरे में ला खड़ा कर चुके हैं। उन्होंने कहा, "जापान हमारे साथ व्यापार में अच्छा व्यवहार नहीं करता। हम उनकी लाखों कारें खरीदते हैं लेकिन वो हमारी कारें नहीं लेते।" ट्रंप ने ये भी कहा कि जापान अब उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल अमेरिका भेज रहा है ताकि बातचीत हो सके – लेकिन ट्रंप का ये भी साफ इशारा था कि अब अमेरिका अपने पुराने व्यापारिक समझौतों में बदलाव चाहता है।

चीन का पलटवार, और तेज़ होगी टैरिफ वॉर?

जहां ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाया, वहीं चीन ने भी जवाबी टैरिफ लागू कर दिए। चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर भारी शुल्क लगाया, जिससे अमेरिकी कंपनियों की भी कमर टूटने लगी। ये एक ट्रेड वॉर नहीं, बल्की एक ‘इकोनॉमिक कोल्ड वॉर’ बनता जा रहा है, जिसमें हर देश अपनी आर्थिक सीमा की रक्षा के लिए मोर्चा ले रहा है।

भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए ये घटनाक्रम और भी खतरनाक है। निवेशक पहले ही वैश्विक अनिश्चितता से डरे हुए हैं और अब जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में व्यापार युद्ध के बिगुल बज चुके हैं, तो भारत जैसे देश प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकते। मुकेश अंबानी, अडानी, दमानी जैसे उद्योगपतियों की संपत्ति में अरबों की कटौती हो चुकी है। और अगर यही रफ्तार रही, तो भारत को आर्थिक मोर्चे पर बहुत सोच-समझकर कदम बढ़ाना होगा।

क्या ये अमेरिका की नई डिप्लोमेसी है?

ट्रंप की ये रणनीति कुछ लोगों को तानाशाही लग सकती है, लेकिन उनके समर्थकों के लिए ये अमेरिका को फिर से महान बनाने की दिशा में एक ‘हार्ड’ कदम है। ट्रंप का मानना है कि बीते दशकों में अमेरिका ने कई देशों को व्यापार में ज़्यादा फायदा दिया और अब वक्त है कि सब बराबर हों। लेकिन सवाल ये है कि क्या दबाव से दोस्ती टिकेगी?

अब जब टैरिफ वॉर शुरू हो चुका है, दुनिया दो राहों पर खड़ी है। एक ओर वो रास्ता है जिसमें देश आपस में व्यापार युद्ध में उलझकर अपनी अर्थव्यवस्था को खतरे में डालते हैं, और दूसरी ओर समझदारी का रास्ता है जहां बातचीत से रास्ता निकले। भारत को इस दौर में सबसे ज़्यादा संतुलन की ज़रूरत है अमेरिका से रिश्ते भी संभालने हैं और वैश्विक व्यापार के अवसर भी।

डोनाल्ड ट्रंप की नीति पर राय बंटी हो सकती है, लेकिन एक बात तय है – उन्होंने दुनिया को ये याद दिला दिया कि अमेरिका अब पहले जैसा चुप नहीं बैठेगा।
"मैं झुकेगा नहीं" का नारा सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक आर्थिक नीति का ट्रेलर है – और आने वाले समय में इसका असर हर देश की सड़कों से लेकर शेयर मार्केट तक दिखाई देगा।
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...