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सिडनी में निर्दोष लोगों की हत्या, पुलिस ने कहा आतंकी हमला, किस देश से है आरोपियों का कनेक्शन?

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में यहूदियों को निशाना बनाकर किए गए हमले पुलिस ने आतंकी हमला करार दिया है. सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुसार 24 वर्षीय नवेद अकरम पाकिस्तान के लाहौर का रहने वाला है. वहीं, इसी साल भारत के पहलगाम में भी हिंदुओं को निशाना बनाकर किया गया हमला पाकिस्तानियों ने ही किया था.

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ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में यहूदियों पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना की पूरी दुनिया में निंदा हो रही है. इस हादसे पर इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरी दुनिया के नेताओं ने गहरा दुख जताया है. वहीं बॉन्डी बीच पर रविवार को हुई गोलीबारी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है. पुलिस के अनुसार, इस हमले को अंजाम देने वाले पिता और बेटे थे. यह जानकारी सोमवार को पुलिस ने दी. 

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, न्यू साउथ वेल्स राज्य की पुलिस ने बताया कि गोलीबारी के बाद अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. पुलिस के बयान के अनुसार, 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि दो लोगों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.

मृतकों की उम्र 10 साल से लेकर 87 साल तक है. इनमें हमलावरों में से एक भी शामिल है. सोमवार सुबह तक करीब 40 घायल लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा था. इनमें से पांच की हालत बेहद गंभीर बताई गई है.

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हमलावर निकला पाकिस्तानी!

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वहीं सोशल मीडिया के हवाले से सामने आ रहे दावों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिडनी में यहूदियों पर हुए हमले के हमलावर की पहचान पाकिस्तान के 24 वर्षीय नवेद अकरम के रूप में हुई है. वह मूल रूप से लाहौर का रहने वाला है और सिडनी के अल-मुराद इंस्टीट्यूट में छात्र था. अगर ये दावे सच हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि भारत के जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में इसी साल 22 अप्रैल को हुए निर्मम हमले, जिसमें करीब 26 हिंदुओं की हत्या उनका धर्म पूछकर कर दी गई थी, उसमें पाकिस्तानी आतंकियों की भूमिका सामने आई थी.

वहीं अब सिडनी में भी धर्म के आधार पर हुई हत्याओं में पाकिस्तानी का नाम सामने आना हैरान कर रहा है. पाकिस्तान पर आतंकवाद को प्रश्रय देने और इसका पर्याय बनने के आरोप लग रहे हैं. हालांकि यहां यह बता देना भी जरूरी है कि पुलिस अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, जांच पूरी होने के बाद ही वे किसी नतीजे पर पहुंचेंगे.

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पाकिस्तान क्रिकेट जर्सी पहने दिखा हमलावर!

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों के मुताबिक 24 वर्षीय नवेद एक लाइसेंस फोटो में पाकिस्तान क्रिकेट जर्सी पहने हुए दिखाई दे रहा है. अधिकारियों ने बताया कि हमले में शामिल दो बंदूकधारियों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या कोई तीसरा बंदूकधारी या कोई अन्य सहयोगी इस घटना में शामिल था.

वायरल वीडियो में क्या है?

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न्यू साउथ वेल्स के पुलिस आयुक्त माल लैन्योन ने इस घटना को आतंकवादी हमला घोषित किया है. हथियारों के प्रकार, घटनास्थल पर मिली कुछ अन्य वस्तुएं और कार में देसी बम का मिलना इस बात की पुष्टि कर रहा है कि यह एक सुनियोजित, टार्गेटेड हमला था. लैन्योन ने मौके पर आतंकियों से भिड़ने वाले और पूरी घटना का वीडियो बनाने वाले लोगों की भी तारीफ की. इस वीडियो में दिख रहा है कि एक प्रत्यक्षदर्शी हमलावरों में से एक से हाथापाई कर रहा था, उसकी राइफल छीन रहा था और उसे काबू में कर रहा था. 15 सेकंड के वीडियो में निहत्था व्यक्ति हमलावर की ओर दौड़ता हुआ, उसे पीछे से पकड़ता हुआ और उसी पर हथियार ताने हुए दिखाई दे रहा है. वायरल वीडियो में कथित तौर पर जिस हमलावर को निहत्था किया गया था, वह नवेद अकरम था, हालांकि घटनास्थल से भागने के बाद उसने कथित तौर पर और गोलियां चलाईं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

'बेटे ने किया कांड, फिर भी मां बोली, वो अच्छा लड़का था'

 वहीं सिडनी की घटना पर हैरानी जताते हुए नवीद की मां वेरेना ने कहा, "उसके पास कोई हथियार नहीं है. वह अपने दोस्तों के साथ बाहर भी नहीं जाता, वह शराब या सिगरेट नहीं पीता, वह गलत जगहों पर नहीं जाता...वह बस काम पर जाता है, घर आता है. हां व्यायाम करता है और बस...मेरे बेटे जैसा बेटा पाकर हर कोई खुश होगा, मेरा बेटा बहुत अच्छा लड़का है."

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नवीद ने इस्लामी सेंटर से की कुरान की पढ़ाई!

प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने बताया कि नवीद ऑस्ट्रेलिया के एक इस्लामी केंद्र में कुरान का अध्ययन करता था. वह अपने परिवार के साथ पश्चिमी सिडनी में रहता था. उसके पिता, अकरम, फलों की दुकान चलाते थे. रविवार की इस घटना में अब तक 16 लोगों के मारे जाने की खबर है.

कब हुआ आतंकी हमला?

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यह गोलीबारी रविवार शाम करीब 6 बजकर 47 मिनट पर हुई, जब कम से कम 1,000 लोग यहूदी त्योहार हनुक्का के पहले दिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए समुद्र तट पर जमा हुए थे. तभी दोनों हमलावरों ने भीड़ पर गोलियां चला दीं. पुलिस आयुक्त लैन्योन ने बताया कि रविवार रात इस घटना को आतंकवादी हमला घोषित किया गया था और इसके पीछे की मंशा को लेकर जांच अभी जारी है.

क्या बोले ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज?

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “ऑस्ट्रेलिया नफरत और हिंसा के आधार पर बंटेगा नहीं. हम इसका डटकर सामना करेंगे और यहूदी समुदाय सहित पूरे देश के साथ एकजुटता दिखाएंगे.” प्रधानमंत्री ने इससे पहले कहा था कि यह हमला पूरी तरह से बुराई का उदाहरण है और ऑस्ट्रेलिया यहूदी-विरोधी सोच को खत्म करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है और हम मिलकर इसे समाप्त करेंगे.

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यह घटना ऑस्ट्रेलिया में 1996 के बाद सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी मानी जा रही है. उस साल तस्मानिया के पोर्ट आर्थर में हुई गोलीबारी में 35 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद देश के हथियार कानूनों में बड़े बदलाव किए गए थे.

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