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नेपाल में राजशाही बहाल करने की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे लोग, पूर्व डिप्टी पीएम गिरफ्तार

पिछले 3 दिनों से नेपाल में राजशाही प्रथा की बहाली की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. इसको लेकर नेपाल की राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और आरपीपी पार्टी समेत कई राजशाही समर्थकों ने आंदोलन के दिन तगड़ा विरोध जताया. इसमें नेपाल के पूर्व डिप्टी सीएम कमल थापा भी नजर आए, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

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भारत के पड़ोसी नेपाल में राजशाही लागू करने की मांग फिर से तेज हो गई है. राजधानी काठमांडू में लोगों ने पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह की तस्वीरों को लेकर बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया. इस प्रोडक्शन में नेपाल के पूर्व के डिप्टी सीएम कमल थापा भी नजर आए, जिनको पुलिस गाड़ी में बिठाकर लेकर गई. वहीं काठमांडू के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने के चक्कर में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि प्रदर्शनकारियों ने नेपाल में फिर से राजशाही और हिंदू देश स्थापित करने की मांग की.

नेपाल में राजशाही की मांग फिर से तेज

बता दें कि पिछले 3 दिनों से नेपाल में राजशाही की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इसको लेकर नेपाल की राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और आरपीपी पार्टी समेत कई राजशाही समर्थकों ने आंदोलन के दिन तगड़ा विरोध जताया. इसकी अगुवाई आरपीपी पार्टी के अध्यक्ष और राजशाही प्रथा के कट्टर समर्थक राजेंद्र लिंगडेन कर रहे हैं. 

काठमांडू पुलिस प्रवक्ता का बयान सामने आया

नेपाल की राजधानी काठमांडू के पुलिस प्रवक्ता अपील बोहोरा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रधानमंत्री के आवास की तरफ बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई. इस दौरान नेपाल के पूर्व डिप्टी सीएम थापा समेत अन्य को आसपास के प्रतिबंधित क्षेत्र का उल्लंघन करने की वजह से गिरफ्तार किया गया है. राजशाही प्रथा के लिए करीब 1200 से ज्यादा समर्थकों ने विरोध-प्रदर्शन जताया. 

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पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह की तस्वीरों के साथ किया प्रदर्शन 

बता दें कि प्रदर्शन के दौरान सभी प्रदर्शनकारियों के हाथों में नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह की तस्वीरें भी नजर आई. इस दौरान वर्तमान नेपाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी गई. सभी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती. तब तक उनका विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा.

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