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पाकिस्तानी सेना पर भीषण अटैक, 12 जवान मारे गए, इस आतंकी संगठन ने ली हमले की जिम्मेदारी
पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान जिले में सुबह लगभग 4 बजे सेना के काफिले पर उस समय हमला हुआ, जब वह इलाके से गुजर रहा था. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि 'दोनों ओर से भारी हथियारों से फायरिंग की गई, जिसमें 12 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और 4 घायल हुए हैं. वहीं हमलावर मौके से सेना का हथियार-सामान लेकर फरार हो गए.' इस इलाके के सुरक्षा प्रभारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. यह हमला योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया.
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पाकिस्तान में घातक हमले में सेना के 12 जवान मारे गए. यह हमला पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी इलाके में शनिवार तड़के हुआ. इस हमले को पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) द्वारा किया गया है. इस हमले की पुष्टि स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने की है.
पाकिस्तान में हुए आतंकी हमले में 12 जवान मारे गए
बता दें कि पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान जिले में सुबह लगभग 4 बजे सेना के काफिले पर उस समय हमला हुआ, जब वह इलाके से गुजर रहा था. एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि 'दोनों ओर से भारी हथियारों से फायरिंग की गई, जिसमें 12 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई और 4 घायल हुए हैं. वहीं हमलावर मौके से सेना का हथियार-सामान लेकर फरार हो गए.' इस इलाके के सुरक्षा प्रभारी ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. यह हमला योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया.
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हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान ने ली
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इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन पाकिस्तानी तालिबान ने ली है, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नाम से जाना जाता है. बता दें कि यह हाल के महीनों में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सबसे घातक घटनाओं में से एक माना जा रहा है.
टीटीपी का यह मजबूत क्षेत्र था
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तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कभी इस क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति रखता था, लेकिन 2014 में पाकिस्तानी सेना के बड़े अभियान के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा था. हालांकि, अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से सीमावर्ती इलाकों में आतंकी गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है.
अफगानिस्तान से तनाव
जानकारी के लिए बता दें कि भले ही टीटीपी और अफगान तालिबान अलग-अलग संगठन हैं, लेकिन दोनों के बीच नजदीकी रिश्ते माने जाते हैं. यह पाकिस्तान पर लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकियों को खत्म करने में नाकाम रहा है, जो बाद में पाकिस्तान में हमले करते हैं. वहीं काबुल प्रशासन इन आरोपों से इनकार करता रहा है.
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पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में 460 लोग मारे जा चुके
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एक आकंड़े के मुताबिक, 1 जनवरी 2025 से अब तक खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में करीब 460 लोग आतंकी हमलों में मारे जा चुके हैं, इनमें अधिकतर सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं.