Advertisement

Loading Ad...

डोनाल्ड ट्रंप का डबल गेम... ईरान पर हमला करने के लिए अमेरिका का अब ‘वेट एंड वॉच’ का रुख

मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ा दी हैं. इस बीच अमेरिका की भूमिका को लेकर बड़ा संकेत मिला है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, “इस बात की संभावना है कि ईरान के साथ निकट भविष्य में बातचीत हो सकती है या नहीं भी हो सकती.

Loading Ad...

मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ा दी हैं. इस बीच अमेरिका की भूमिका को लेकर बड़ा संकेत मिला है. व्हाइट हाउस ने गुरुवार को पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आने वाले दो हफ्तों में यह तय करेंगे कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होना चाहिए या नहीं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, “इस बात की संभावना है कि ईरान के साथ निकट भविष्य में बातचीत हो सकती है या नहीं भी हो सकती. राष्ट्रपति ट्रंप इसी आधार पर अगले दो हफ्तों के भीतर निर्णय लेंगे.”

ईरान पर ट्रंप का दोहरा रुख
 व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के सामने सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक समाधान दोनों विकल्प खुले रखे हुए हैं. लेकिन वो कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं. कैरोलिन ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप शांति के पक्षधर हैं और हमेशा विवादों के कूटनीतिक समाधान में विश्वास रखते हैं. वह ‘शक्ति के माध्यम से शांति’ के सिद्धांत को मानते हैं. अगर कूटनीति की संभावना होगी तो वे उसे जरूर अपनाएंगे.” हालांकि, लेविट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि परिस्थितियाँ बिगड़ती हैं, तो ट्रंप ताकत के इस्तेमाल से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा, “अगर शक्ति दिखाने की जरूरत पड़ी, तो राष्ट्रपति ट्रंप इससे पीछे नहीं हटेंगे.”

वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के बाद बढ़ा दबाव
व्हाइट हाउस का यह बयान उस वक्त आया है जब वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर सैन्य हमले की योजना का समर्थन कर चुके हैं, लेकिन अंतिम आदेश अभी नहीं दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप यह देखना चाहते हैं कि क्या ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम रोकने को तैयार है या नहीं.

Loading Ad...

ट्रंप ने दिए संकेत 
इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हवाई हमले और उसके जवाब में ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमलों की झड़ी के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख निर्णायक होता जा रहा है. ट्रंप ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा,"मैं हमला करूंगा भी और नहीं भी, अगला हफ्ता बहुत अहम होने वाला है, शायद इससे भी कम समय में फैसला हो जाएगा."

Loading Ad...

ईरानी हमले में इजरायल को हुआ भारी नुकसान
गुरुवार को ईरान ने अपने प्रमुख परमाणु केंद्रों पर हुए हमले का करारा जवाब दिया. ईरानी मिसाइलों ने दक्षिणी इजरायल के बियरशेवा शहर में स्थित सरोजा मेडिकल सेंटर को गंभीर नुकसान पहुंचाया. इस हमले ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी हमलों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा “तेहरान के तानाशाहों को इसकी पूरी कीमत चुकानी होगी. इजरायल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा.” 

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि इजरायल-ईरान के बीच युद्ध की स्थिति और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की भूमिका पर विश्वभर निगाहें टिकीं हैं. अगर ट्रंप सैन्य कार्रवाई का आदेश देते हैं, तो यह संघर्ष तीसरे मोर्चे में तब्दील हो सकता है, जिसमें अमेरिका की सक्रिय भागीदारी पूरी दुनिया की रणनीतिक स्थिरता को प्रभावित करेगी.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...