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अगली सूचना आने तक नेपाल की यात्रा न करें...विरोध-प्रदर्शन को लेकर भारत सरकार ने जारी की एडवाइजरी, कहा - युवाओं की मौत से दुखी हैं

नेपाल में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने युवाओं की मौत पर दुख जताया है. इसके अलावा बयान जारी कर सभी भारतीयों को आगाह करते हुए कहा है कि 'भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टाल देनी चाहिए, जो लोग पहले से ही इस हिमालयी देश में हैं, वह सभी घर के अंदर ही रहें और सड़कों पर न निकलें.' इस बयान में आगे कहा गया है कि 'काठमांडू और नेपाल के कई अन्य शहरों में अधिकारियों ने कर्फ्यू लागू कर दिया है.'

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नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के बैन होने और देश में सरकार द्वारा लगातार बढ़ रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच हिंसक घटना में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले कुछ घंटे के अंदर देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सहित सरकार के कई मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है. Zen-Z युवाओं का यह प्रदर्शन अब चिंगारी की तरह फैलता जा रहा है. नेपाल में हो रहे विरोध-प्रदर्शन का असर भारतीय सीमा पर भी पड़ रहा है, जिसके चलते नेपाल सीमा से सटे कई राज्यों को अलर्ट कर दिया गया है. इस बीच नेपाल हिंसा को लेकर भारत सरकार ने नेपाल में फंसे यात्रियों के लिए इमरजेंसी नंबर जारी किया है. इसके अलावा सरकार का कहना है कि अंतिम सूचना आने तक कोई भी भारतीय नेपाल की यात्रा न करें.

अंतिम आदेश आने तक नेपाल की यात्रा न करें

बता दें कि नेपाल में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बयान जारी कर कहा है कि 'भारतीय नागरिकों को स्थिति सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टाल देनी चाहिए, जो लोग पहले से ही इस हिमालयी देश में हैं, वह सभी घर के अंदर ही रहें और सड़कों पर न निकलें.' इस बयान में आगे कहा गया है कि काठमांडू और नेपाल के कई अन्य शहरों में अधिकारियों ने कर्फ्यू लागू कर दिया है. 

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भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह 

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नेपाल में रह रहे भारतीयों के लिए सरकार ने बयान जारी कर सतर्क रहने को कहा है. सरकार ने बताया है कि 'सभी भारतीय नागरिक नेपाली अधिकारियों के निर्देशों व नियमों का पालन करें. इसके अलावा किसी भी तरह की आपातकालीन सेवा के लिए सरकार द्वारा जारी नंबर पर संपर्क करें.'

भारत सरकार ने जारी किया इमरजेंसी नंबर 

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नेपाल की मौजूदा हालातों को देखते हुए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने सहायता हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. इसमें बताया गया है कि 'कोई भी भारतीय अगर मुश्किल में फंसा है, तो वह भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकता है. इसके लिए इन दो नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं.'

पहला नंबर - +977-980 860 2881 (व्हाट्सएप और कॉलिंग दोनों पर उपलब्ध)

दूसरा नंबर - +977-981 032 6134 (व्हाट्सएप और कॉलिंग दोनों पर उपलब्ध)

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नेपाल हिंसा में हुई मौत पर विदेश मंत्रालय ने जताया दुख

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि 'हम कल से नेपाल में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और कई युवाओं की जान जाने से बहुत दुखी हैं. हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं. हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं. एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में, हम उम्मीद करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष संयम बरतेंगे और शांतिपूर्ण तरीकों व बातचीत के माध्यम से मुद्दों का समाधान करेंगे.'

नेपाल के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा

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नेपाल में हो रहे हिंसक-प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पटेल ने भी इस्तीफा दे दिया है. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके घर में आग लगा दी है. इसके अलावा कई सरकारी दफ्तर और मंत्रियों के आवास जला दिए गए. 

दबाव में आकर सौंपा अपना इस्तीफा - केपी शर्मा ओली 

बता दें कि 73 वर्षीय प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि वह 'समस्या का समाधान निकालने और संविधान के अनुसार राजनीतिक रूप से इसे सुलझाने में मदद करने' के लिए पद छोड़ रहे हैं.' वहीं नेपाल की  सेना ने अपने X हैंडल पर एक अपील जारी कर नागरिकों से ओली के इस्तीफे के बाद 'संयम बरतने' का आग्रह किया है. 

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नेपाल में हो रहे प्रदर्शन में 20 की मौत 300 घायल

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बता दें कि नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ हिंसक प्रदर्शन अब उग्र रूप ले चुका है. सोमवार को पुलिस और सेना के जवानों की गोलियों से 20 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. वहीं मंगलवार सुबह से प्रदर्शनकारियों ने फिर से सड़कों पर उतरकर देश के कई नेताओं, मंत्रियों के आवासों और सरकारी भवनों को आग के हवाले कर दिया.

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