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'भारत से बाद में पहले अफगानिस्तान से तो निपट लो...', पाकिस्तानी विपक्षी नेता मौलाना फजलुर रहमान ने PAK को दिखाई उसकी औकात

जमीयत उलेमा इस्लाम पार्टी के नेता मौलाना फजलुर रहमान ने कश्मीर को लेकर चौंकाने वाला बयान दे डाला है. भारत विरोधी सोच रखने वाले नेता रहमान ने इस्लामाबाद के एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा हम कश्मीर की बात तो जरूर करते है लेकिन हमें कश्मीर के मसले से पहले अफगानिस्तान के हवाले से विचार करना पड़ेगा.

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों की खाई और गहरी हो गई है. भारत सरकार ने पाकिस्तान को इस बार अच्छे से सबक सीखने के लिए कई बड़े फैसले लिए है. जिससे पूरे पाकिस्तान में बौखलाहट है. इस बीच जमीयत उलेमा इस्लाम पार्टी के नेता मौलाना फजलुर रहमान ने कश्मीर को लेकर चौंकाने वाला बयान दे डाला है. भारत विरोधी सोच रखने वाले नेता रहमान ने इस्लामाबाद के एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा हम कश्मीर की बात तो जरूर करते है लेकिन हमें कश्मीर के मसले से पहले अफगानिस्तान के हवाले से विचार करना पड़ेगा. 

दरअसल,भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा स्थिति को लेकर दोनों देशों के कई नेता अपनी-अपनी सोच के मुताबिक प्रतिक्रिया दे रहे है, भारत में विपक्षी पार्टियों ने पाकिस्तान पर एक्शन लिए जाने वाले हर फैसले में केंद्र सरकार को अपना समर्थन दिया है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में भी राजनीतिक दलों के नेताओं ने देश की जमीनी स्थिति को जाने बगैर गीदड़भभकी देना नहीं छोड़ा. इसी कड़ी में फजलुर रहमान ने कश्मीर के मुद्दे पर जो बयान दिया है, उसकी पूरे पाकिस्तान में चर्चा हो रही है, रहमान ने सवाल उठाया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के अपने अच्छे रिश्ते को क्यों नहीं बनाया?, उन्होंने यह भी कहा कि यह बातें याद रखें कि अफगानिस्तान में जहीर शाह से लेकर अशरफ घनी तक जितने भी सरकारें बनी सभी प्रो- इंडियन सरकारी थी. रमन ने यह भी कहा कि एक अमारत-ए-इस्लामी की हुकूमत है जिसको पाकिस्तान सियासी कामयाबी के साथ प्रो पाकिस्तान बनाने में कामयाब हो सकता था, 

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अफगानिस्तान प्रो-पाकिस्तान होता

रहमान ने कहा अगर आज हम सियासत को अच्छे से जानते तो अफगानिस्तान को पाकिस्तान वाला अफगानिस्तान होता लेकिन हम इन्हें धकेल रहे हैं, अफगनिस्तान से अच्छे रिश्ते करने के लिए हमें अपने बीच के मामलों को सुलझाना चाहिए लेकिन इसके बजाय लगातार उलझानें में लगे हुए हैं. दोनों देशों के बॉर्डर पर गाड़ियों की लंबी कटारे हैं, लोगों के समान ट्रैकों में खराब हो रहे है. रहमान ने अर्थव्यवस्था पर जोर देते हुए कहा आज इंडोनेशिया मलेशिया अफगानिस्तान ईरान बांग्लादेश और चीन की लगातार ऊपर जा रहे हैं, इन्हीं सब देशों के बीच में पाकिस्तान है, जिसकी अर्थव्यवस्था उठी नहीं पा रही है. 

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कश्मीर बाद में पहले अफगानिस्तान के बारे में सोचे

मौलाना रहमान ने प्रेसवार्ता के दौरान सात तौर पर कहा कि कश्मीर का मसला है लेकिन कश्मीर से पहले हमें अफगानिस्तान के लिए सोचना पड़ेगा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ अपने रिश्तों को बेहतर करने के लिए क्यों नहीं कदम बढ़ाए. पाकिस्तान सुना से मेरा यह पैगाम है कि इकरार कर लें, मौजूदा स्थिति में आपकी पीठ पर कोई भी मजबूत सियासी ताकत नहीं है. मैं उन्होंने यह भी दावा किया कि कश्मीर के मसले पर भारत की धमकियों के जवाब देने के लिए पूरा पाकिस्तान एक साथ है लेकिन अफगानिस्तान के मसले पर हम सभी एक क्यों नहीं होते प्रोपेगेंडा से कुछ नहीं होगा अगर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है तो हमें इस बारे में सूचना जरूरी है.

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