Advertisement
बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने शेख हसीना समेत 15 पर गिरफ्तारी वारंट जारी, जबरन गायब कराने के आरोप
बांग्लादेश के प्रमुख बंगाली दैनिक, जुगांतर की रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य औपचारिक आरोप पत्र में, हसीना और तारिक सहित 13 लोगों के खिलाफ संयुक्त पूछताछ सेल (जेआईसी) में कथित तौर पर जबरन गायब करने और यातना देने के पांच आरोप दायर किए गए हैं.
Advertisement
बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और सुरक्षा बलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया. आरोप है कि अवामी लीग के राज में लोगों को जबरन गायब कराया गया था.
शेख हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
इससे पहले, आईसीटी के अभियोजन पक्ष ने हसीना और उनके सुरक्षा एवं रक्षा सलाहकार, तारिक अहमद सिद्दीकी के खिलाफ दो औपचारिक आरोप पत्र दायर किए थे.
Advertisement
पूर्व प्रधानमंत्री सहित 15 अन्य पर लोगों को 'जबरन गायब' कराने का आरोप
Advertisement
अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक औपचारिक आरोप पत्र में हसीना, तारिक और रैपिड एक्शन बटालियन के पूर्व शीर्ष अधिकारियों सहित 15 अन्य लोगों पर टास्क फोर्स फॉर इंट्रोगेशन (टीएफआई) सेल से लोगों को जबरन गायब कराने और यातना देने के पांच आरोप लगाए गए हैं.
बांग्लादेश के प्रमुख बंगाली दैनिक, जुगांतर की रिपोर्ट के अनुसार, एक अन्य औपचारिक आरोप पत्र में, हसीना और तारिक सहित 13 लोगों के खिलाफ संयुक्त पूछताछ सेल (जेआईसी) में कथित तौर पर जबरन गायब करने और यातना देने के पांच आरोप दायर किए गए हैं.
Advertisement
कई पूर्व अधिकारियों के नाम भी शामिल
इसके अतिरिक्त, इस मामले में लेफ्टिनेंट जनरल और मेजर जनरल सहित, खुफिया बल महानिदेशालय (डीजीएफआई) के कई पूर्व अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं.
पिछले साल जुलाई में हुए प्रदर्शनों के दौरान रामपुरा हत्याकांड में कथित संलिप्तता के लिए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल रेडवान अहमद और तीन अन्य के खिलाफ भी औपचारिक आरोप पत्र दायर किए गए थे.
Advertisement
यूनुस के नेतृत्व में होगी कार्रवाई
ये ताजा घटनाक्रम मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत अवामी लीग के नेताओं और पार्टी समर्थकों पर चल रही कार्रवाई के बीच सामने आया है.
इससे पहले मंगलवार को, स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीटी की जांच एजेंसी ने जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराधों के कथित आरोपों को लेकर एक राजनीतिक दल के रूप में अवामी लीग की औपचारिक जांच शुरू की.
Advertisement
जांच अधिकारी की नियुक्ति पहले ही हो चुकी
इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए, न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक मोहम्मद ताजुल इस्लाम ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि एक जांच अधिकारी की नियुक्ति पहले ही कर दी गई है.
यह घोषणा 5 अक्टूबर को एक प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य अभियोजक की उस टिप्पणी के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने अवामी लीग की औपचारिक जांच शुरू होने का संकेत दिया था.
Advertisement
यह भी पढ़ें
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम यूनुस शासन द्वारा किया जा रहा एक बड़ा राजनीतिक प्रतिशोध है. अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री हसीना के पद से हटने के बाद, उनके पार्टी सदस्यों और उनके कार्यकाल में कार्यरत अधिकारियों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे.