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युद्ध के बीच ईरान का बड़ा दावा- ओमान सागर में अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर मिसाइल से हमला, भारी नुकसान
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ओमान सागर में अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर मिसाइल और ड्रोन से हमले का दावा किया है, जिसे अमेरिका ने सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत बताया है.
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मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच, ईरान ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है. तेहरान का दावा है कि उसने अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincon) को निशाना बनाकर उसे भारी क्षति पहुँचाई है, वहीं वाशिंगटन ने इन आरोपों को पूरी तरह से आधारहीन और निराधार बताया है.
आपको पता है कि फिलहाल अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गंभीर संघर्ष जारी है. इसकी शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका-इजरायल संयुक्त ऑपरेशन में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई का निधन हो गया. उसके बाद से ईरान, इजरायल सहित खाड़ी देशों में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें बरसा रहा है. यह युद्ध दिन-प्रतिदिन और अधिक गहराता ही जा रहा है. इसी बीच, ईरान द्वारा अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर हमले के दावे ने सनसनी फैला दी है.
ईरान (IRGC) का क्या है दावा?
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ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि उसने अपने अत्याधुनिक ड्रोन्स और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करते हुए ओमान सागर में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर सटीक हमला किया.
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अमेरिकी युद्धपोत को भारी नुकसान
ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC ने यह भी आरोप लगाया कि हमले की तीव्रता को देखते हुए अमेरिकी बेड़ा आनन-फानन में वहां से पीछे हट गया और अब यह युद्धपोत युद्ध के लिए तैयार नहीं है. ईरान इसे अपनी बढ़ती सैन्य शक्ति और रक्षा क्षमता के प्रदर्शन के तौर पर पेश कर रहा है. वहीं, इस हमले के दावे का अमेरिका ने खंडन किया है.
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अमेरिका ने IRGC के दावों का किया खंडन
एक तरफ IRGC अमेरिकी युद्धपोत पर सटीक हमले का दावा कर रहा है. वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसका खंडन किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर स्पष्ट किया कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप पूरी तरह सुरक्षित है और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत अपनी समुद्री गश्त जारी रखे हुए है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जारी की तस्वीर
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अमेरिकी अधिकारियों ने तस्वीरें जारी करते हुए कहा कि युद्धपोत पूरी तरह से सक्रिय है और सामान्य परिचालन स्थिति में है. अमेरिका ने ईरान के इन बयानों को केवल दुष्प्रचार करार दिया और याद दिलाया कि अतीत में भी ईरान द्वारा किए गए ऐसे दावे झूठे साबित हुए हैं, जिनमें मिसाइलें अमेरिकी युद्धपोतों के पास भी नहीं पहुंच पाई थीं.