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भारत के साथ खराब रिश्तों के बीच कनाडाई मंत्री ने कहा- 'भारत की यात्रा करने वालों की हो "विशेष जांच", जानें क्या हैं इसके मायने
कनाडाई परिवहन मंत्री अनीता आनंद ने भारत के साथ खराब रिश्तों के बीच एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि भारत की यात्रा पर जाने वाले सभी कनाडाई यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से उनके चेहरे और सामानों की स्क्रीनिंग आवश्यक है। यह काम एक कनाडाई एजेंसी को सौंपा गया है।
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साल 2023 से भारत और कनाडा के रिश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।खालिस्तानियों को शरण देने और उनका समर्थन करने का आरोप झेल रहे कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो भारत की नजर में चुभ रहे हैं। कनाडा लगातार भारत पर टिप्पणी कर रहा है। जिस पर भारत ने भी अपनी तरफ से तीखी प्रतिक्रिया दी है। दोनों देशों की तरफ से बिगड़ते रिश्तो में सुधार के लिए किसी तरह की कोई पहल नहीं हो रही है। कनाडा अपनी हरकतों से हर दिन भारत की नजरों में गिरता जा रहा है। इस बीच कनाडाई परिवहन मंत्री ने ऐलान के जरिए भारत को फिर से उकसाया है। कनाडा सरकार की परिवहन मंत्री अनीता आनंद ने 18 नवंबर को भारत की यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है।
18 नवंबर को कनाडाई प्रधानमंत्री अनीता आनंद की तरफ से दिए गए बयान के मुताबिक "उनका मंत्रालय भारत की यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा को बढ़ाएगा। भारत की यात्रा करने वालों लोगों की जांच में "अत्यधिक सावधानी" बरतने की बात कही है"। अनीता आनंद ने यह भी कहा कि "ट्रांसपोर्ट कनाडा भारत आने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा जांच उपाय अस्थायी तौर पर लागू करेगा। कनाडा सरकार द्वारा सुरक्षा से जुड़े इन नियमों के लागू होने की वजह से यात्रियों को स्क्रीनिंग में थोड़ी देरी का सामना करना पड़ सकता है।
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कनाडाई परिवहन मंत्री द्वारा अपने देश के नागरिकों के लिए भारत की यात्रा के दौरान सुरक्षा बरतने को लेकर सामान और चेहरे की स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी कैनेडियन एयर ट्रांसपोर्ट सिक्योरिटी अथॉरिटी एजेंसी को सौंपी गई है। यह एजेंसी कनाडा में एयरपोर्ट के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले यात्रियों और उनके सामान की स्क्रीनिंग करेगी।
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कनाडाई नागरिकों की भारत की यात्रा पर सुरक्षा को लेकर चेहरे के स्क्रीनिंग और कई सामानों की जांच की जिम्मेदारी कैनेडियन एयर ट्रांसपोर्ट सिक्योरिटी अथॉरिटी के द्वारा की जाएगी। इनमें किसी व्यक्ति पर संदेह होने या उसका पता लगने पर उसके हाथ की जांच होगी। एक्स-रे मशीनों से कैरी-ऑन बैग भेजना और यात्रियों की शारीरिक जांच करना भी शामिल है।
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कनाडाई परिवहन मंत्री अनीता आनंद द्वारा लिए गए इस फैसले पर हर कोई हैरान है। दरअसल, इस तरह का फैसला और ऐसे नियमों को लागू करने के पीछे वर्तमान में या पूर्व में किसी घटना को देखा जाता है। लेकिन कनाडाई प्रधानमंत्री द्वारा जारी बयान में किसी घटना से कोई संबंध नहीं है। यह ठोस कदम क्यों उठाया गया। इसके पीछे भी अनीता आनंद ने किसी ठोस वजह का खुलासा नहीं किया है। ऐसे में सवाल बनता है कि कनाडा के इस फैसले का क्या मकसद है ? क्या वह बेवजह भारत से बिगड़ते संबंधों को और भी खराब करने की कोशिश में है? हालांकि भारत की तरफ से इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।