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पाकिस्तान में हिन्दू मंत्री पर जानलेवा हमला, शहबाज शरीफ की सरकार हिली!
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद और धार्मिक मामलों के राज्य मंत्री खील दास कोहिस्तानी शनिवार को हमला हुआ है. मामले के प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मच गया है. ख़ुद पाक के पीएम शहबाज शरीफ ने मंत्री खील दास को फ़ोन कर हाल-चाल जाना साथ ही इसपर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए.
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जब हिंदू मंत्री ही सुरक्षित नहीं, तो आम नागरिकों का क्या ही हाल होगा? ये लाइन इसलिए क्योंकि कटोरा थामे बर्बादी के कगार पर पहुंचे पाकिस्तान में आपराधिक घटनाएं थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. पाकिस्तान में हिंदू मंत्री भी सुरक्षित नहीं हैं, उनपर भी हमला हो जा रहा है. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद और धार्मिक मामलों के राज्य मंत्री खील दास कोहिस्तानी पर हमले की ख़बर सामने आ रही है. मामले के प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मच गया है. ख़ुद पाक के पीएम शहबाज शरीफ ने मंत्री खील दास को फ़ोन कर उनका हाल-चाल जाना. इस हमले ने न केवल देश की राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी सिंध में नई नहरों की योजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान, जब खील दास कोहिस्तानी का काफिला उस क्षेत्र से गुजर रहा था, तो भीड़ ने उनके काफिले पर टमाटर और आलू फेंके और कथित तौर पर बाद में उनकी जान लेने की भी कोशिश की गई.
पीएम शहबाज ने किया फ़ोन
अधिकारियों ने कहा कि हमले में कोहिस्तानी को कोई नुकसान नहीं हुआ है. रेडियो पाकिस्तान ने खबर दी कि प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ ने कोहिस्तानी को फोन किया और घटना की गहन जांच का आश्वासन दिया. प्रधानमंत्री ने कहा, "जन प्रतिनिधियों पर हमला अस्वीकार्य हैं. घटना में शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी."
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आईजी से मांगी गई रिपोर्ट
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घटना के बारे में जानकारी मिलते ही सूचना मंत्री अता तारर ने सिंध के पुलिस महानिरीक्षक गुलाम नबी मेमन से घटना का ब्यौरा और संघीय गृह सचिव से रिपोर्ट मांगी है. सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने भी इस घटना की निंदा की. उन्होंने हैदराबाद क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक को हमले में शामिल व्यक्तियों को तुरंत गिरफ्तार करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.
कौन है खील दास कोहिस्तानी?
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खील दास कोहिस्तानी सिंध के जमशोरो जिले से ताल्लुक़ रखते हैं. साल 2018 में कोहिस्तानी पीएमएल-एन से पहली बार संसद के सदस्य चुने गए थे. फिर साल 2024 में वो फिर निर्वाचित हुए और उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया.
पहले भी हुए हैं नेताओं पर हमले
ये कोई पहली बार नहीं है जब किसी नेता पर हमला हुआ है. इससे पहले भी कई नेताओं पर हमले की ख़बर ने सुर्ख़ियां बटोरी हैं. पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर गुजरांवाला में हमला हुआ था. पूर्व प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को रावलपिंडी के कंपनी बाग में मंच पर ही मार दिया गया था. पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वहीं पूर्व में गृह मंत्री रहे अहसान इकबाल पर पंजाब सूबे में एक रैली के दौरान जानलेवा हमला हुआ था.
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