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अमेरिका में 3300 उड़ानें रद्द... सरकारी शटडाउन से ठप हुआ US का आसमान, स्टाफ ने काम से किया इंकार

अमेरिका में 40 दिनों से जारी सरकारी शटडाउन के बीच हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हो गई है. रविवार को 3300 उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा. वेतन न मिलने से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स के काम पर न आने के कारण FAA ने उड़ानों में कटौती का आदेश दिया है.

America / Donald Trump
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अमेरिका इन दिनों एक अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है. सरकारी शटडाउन के चलते अब देश में हवाई यात्रा भी ठप पड़ने लगी है. रविवार को विमानन कंपनियों ने करीब 3300 उड़ानें रद्द कर दीं और हजारों यात्रियों को एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा. यह स्थिति केवल देरी की नहीं, बल्कि पूरे एयर नेटवर्क के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है.

अमेरिकी परिवहन मंत्री सीन डफी ने चेतावनी दी है कि अगर यह ‘शटडाउन’ थैंक्सगिविंग अवकाश तक जारी रहा तो देश का हवाई यातायात 'लगभग ठप' हो जाएगा. 40 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों पर तीसरे दिन भी उड़ानों में भारी व्यवधान रहा. हजारों उड़ानें रद्द या विलंबित रहीं, जिससे एयरपोर्ट्स पर अफरातफरी मच गई.

शटडाउन से क्यों टूटी हवाई व्यवस्था

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दरअसल, अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने सरकारी फंड की कमी के कारण देशभर में उड़ानों को सीमित करने का आदेश दिया है. कई एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स वेतन न मिलने के कारण काम पर नहीं आ रहे हैं. यही वजह है कि उड़ानों की संख्या घटाई जा रही है. हवाई यात्रा की स्थिति पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटअवेयर’ के मुताबिक, रविवार को करीब 7,000 उड़ानों में देरी हुई और 2,100 से अधिक रद्द कर दी गईं. शुक्रवार को 1,000 और शनिवार को 1,500 उड़ानें रद्द हुई थीं. FAA ने शुरुआत में 4 प्रतिशत की कटौती की थी, लेकिन 14 नवंबर तक यह 10 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी. यह नियम सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगा और सभी वाणिज्यिक उड़ानों पर असर डालेगा. सीन डफी ने कहा कि अगर स्थिति ऐसी ही रही तो उड़ानों में 20 प्रतिशत तक और कमी करनी पड़ सकती है.

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सीनेट में समझौते की उम्मीद

इस बीच 40 दिनों से चल रहे गवर्नमेंट शटडाउन को खत्म करने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं. सीनेट में डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स के बीच एक संभावित समझौते पर चर्चा चल रही है. रिपब्लिकन नेता सीनेटर जॉन थून ने संकेत दिए हैं कि दोनों दलों के बीच सहमति बनने के आसार हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ नेताओं ने स्वास्थ्य देखभाल सब्सिडी पर लचीलापन दिखाया है. उन्होंने ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट टैक्स क्रेडिट’ यानी ओबामाकेयर से जुड़ी सब्सिडी को लेकर चर्चा करने पर सहमति जताई है. हालांकि उनके दल के कुछ सदस्य इस फैसले से असहमत हैं और इसे जनता के साथ किया गया 'समझौता' बता रहे हैं. रविवार को सीनेट में सरकार के कामकाज को वित्तपोषित करने के मकसद से समझौता विधेयक को 60-40 के मत से मंजूरी दी गई. इसके बाद स्वास्थ्य देखभाल टैक्स क्रेडिट को बढ़ाने पर भी मतदान हुआ.

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डेमोक्रेट्स का प्रस्ताव 

डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने हाल ही में एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें ओबामाकेयर की सब्सिडी को कम से कम एक साल के लिए बढ़ाने की बात कही गई थी. शुरू में राष्ट्रपति ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी ने इसे ठुकरा दिया था, लेकिन अब माहौल बदल रहा है. रिपब्लिकन सांसद एक नए फाइनेंशियल पैकेज पर काम कर रहे हैं, जो वेटरन्स अफेयर्स, फूड एड और हाउसिंग जैसे अहम विभागों के लिए पूरे साल की फंडिंग सुनिश्चित कर सकता है. अगर यह बिल पास होता है, तो इससे शटडाउन खत्म करने का रास्ता साफ हो जाएगा.

सीनेट में नंबर गेम का दिलचस्प गणित

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यूएस सीनेट में फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 और डेमोक्रेट्स के पास 47 सीटें हैं. किसी भी बिल को आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 60 वोटों की जरूरत होती है, ताकि ‘फिलिबस्टर’ यानी अनंत बहस की प्रक्रिया रोकी जा सके. अगर यह प्रक्रिया लागू नहीं होती, तो साधारण बहुमत यानी 51 वोट से भी बिल पास हो सकता है. लेकिन शटडाउन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर क्लॉचर लागू करने के लिए रिपब्लिकन्स को कम से कम 7 डेमोक्रेट्स या निर्दलीय सांसदों का समर्थन चाहिए. पिछली बार जब 2025 में ‘कन्टीनुइंग रेजोल्यूशन’ पारित हुआ था, तब इसे 67-33 के बहुमत से मंजूरी मिली थी. इस बार भी कुछ वैसा ही समीकरण बनता दिख रहा है.

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बताते चलें कि अमेरिका में जारी शटडाउन अब सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं रहा, यह आम लोगों की जिंदगी से जुड़ा संकट बन गया है. एयरपोर्ट से लेकर अस्पतालों तक हर क्षेत्र पर इसका असर पड़ रहा है. अगर सीनेट में समझौता हो जाता है, तो राहत की उम्मीद है, लेकिन अगर वार्ता विफल हुई, तो आने वाले दिनों में अमेरिका का हवाई ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो सकता है. देश की सबसे शक्तिशाली सरकार का ठहर जाना इस बात का संकेत है कि लोकतंत्र में सहमति और बातचीत की कितनी अहम भूमिका होती है. 

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