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'कैसी बातें कर रहा है ये आदमी!', शहबाज ने की ट्रंप की ऐसी चापलूसी, मुंह पर हाथ रखकर हंसी रोकती नजर आईं मेलोनी

मैन ऑफ पीस, बेस्ट कैंडिडेट फॉर नोबेल, सैल्यूट यू मिस्ट प्रेजीडेंट...मिस्त्र में शहबाज शरीफ ने ट्रंप की चापलूसी की हद पार कर दी. ऐसे जुमले मारे कि पीछे खड़ीं इटली की पीएम और पीएम मोदी की दोस्त जॉर्जिया मेलोनी का मनोभाव देखने वाला था. उन्हें कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि ये इनसान क्या बोल रहा है. उन्होंने पूरी स्पीच के दौरान चेहरे पर हाथ रखकर अपनी हंसी को जैसे-तैसे छिपाई और भाव को कंट्रोल में रखा. अब वीडियो जमकर वायरल हो रहा है.

'कैसी बातें कर रहा है ये आदमी!', शहबाज ने की ट्रंप की ऐसी चापलूसी, मुंह पर हाथ रखकर हंसी रोकती नजर आईं मेलोनी
Image: Screengrab (X)
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मिस्र के शर्म अल शेख़ में गाज़ा में शांति को लेकर हुए शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के नेता पहुंचे, भारत की भी मौजूदगी रही. यहां ट्रंप ने भी भाषण दिया और हिंदुस्तान-पीएम मोदी को महान एवं अपना दोस्त करार दिया. ट्रंप जो भी बोले हों, लेकिन बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ का वायरल हो रहा है. 

ऐसा नहीं है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कुछ ऐसा ऐतिहासिक बोला है जिसकी खूब चर्चा हो रही है, बल्कि परोसा वही अपना पुराना झूठ, दोहरा चेहरा. हालांकि उनके इस भाषण के दौरान हुआ कुछ ऐसा कि वीडियो वायरल हो गया. दरअसल शहबाज अपने भाषण में ट्रंप की चापलूसी की हर सीमा लांघ रहे थे, उन्हें मसीहा तक कह रहे थे, भारत-पाक जंग रुकवाने का श्रेय दे रहे थे लेकिन, उनके बयान की हकीकत सब जान रहे थे. वो कहना कुछ, कह कुछ रहे थे, और तो और चेहरे के भाव कुछ और थे.

शहबाज़ के भाषण को कोई पचा तक नहीं पा रहा था. पीछे खड़ी थीं PM मोदी की दोस्त और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलानी. शरीफ की स्पीच के दौरान उनके चेहरे के जो भी हाव-भाव थे वो अब वायरल हो रहे हैं.

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शहबाज शरीफ की चापलूसी, मेलोनी का एक्सप्रेशन वायरल

शरीफ ने ट्रंप के बारे में अंग्रेजी में कहा कि शांति स्थापित हो गई है, ट्रंप के नेतृत्व में ये सफलता मिली है, ट्रंप शांति के दूत हैं. उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप ने कड़ी और दिन रात इसके लिए मेहनत की है. उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच भी उन्होंने ही जंग रुकवाई, इसलिए उन्होंने नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया. शरीफ ने ट्रंप को नोबेल के लिए बेस्ट कैंडिडेट करार दिया और न जानें कौन-कौन से शब्द डिक्शनरी से शब्द ढूंढ कर ले आए. शरीफ इस दौरान ट्रंप की तरफ मुड़ते हैं और उन्हें सैल्यूट करने लगते है. इसके बाद मेलानी के चेहरे का एक्सप्रेशन देखने लायक था. किसी तरह उन्होंने मुंह पर हाथ रखकर अपना एक्सप्रेशन छिपाया, पूरे भाषण मुंह ढका रहा.

ट्रंप ने की भारत की तारीफ!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि भारत एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त है. उन्होंने शानदार काम किया है." उन्होंने इस दौरान भारत और पाकिस्तान के अच्छे से रहने की उम्मीद भी जताई.

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जब ट्रंप के सामने नतमत्सक हो गए शहबाज!

आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की तारीफ की. वहीं शहबाज शरीफ ने भी ट्रंप की तारीफ में कसीदे पढ़े. ऐसा लगा जैसे कोई मुल्क का प्रधानमंत्री नहीं बल्कि कोई कर्मचारी अपने मैनेजर की तारीफ कर रहा हो और टीम की सक्सेस का श्रेय भर-भर कर दे रहा हो, बदले में प्रमोशन-पर्क चाह रहा हो. मालूम हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने शिखर सम्मेलन को संबोधित करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया. वहां दुनिया और क्षेत्रीय शांति की बात करने की बजाय वो लगे ट्रंप को मनाने. अपने भाषण में शहबाज शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को रोकने के लिए ट्रंप को श्रेय दिया. उन्होंने कहा, "अगर यह सज्जन अपनी अद्भुत टीम के साथ उन चार दिनों के दौरान हस्तक्षेप न करते तो दोनों परमाणु देशों के बीच युद्ध उस स्तर तक बढ़ सकता था जहां कोई भी यह बताने के लिए जीवित नहीं बचता कि क्या हुआ." 

मिस्र शांति सम्मेलन में रही भारत की मौजूदगी!

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आपको बताएं कि मिस्र में हुए गाजा शांति शिखर सम्मेलन में भारत की भी मौजूदगी रही. भारत की तरफ से इस सम्मेलन में विदेश राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह देश का प्रतिनिधित्व किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी मिस्त्र के राष्ट्रपति ने सम्मेलन के लिए न्योता भेजा था. जिसके बाद कीर्ति वर्धन सिंह को पीएम के विशेष दूत के रूप में भेजा गया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने X (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि भारत इस ऐतिहासिक शांति समझौते का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि यह क्षेत्र में स्थायी शांति लाएगा.

इजरायली बंधकों की हमास के कब्जे से हुई रिहाई!

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गौरतलब हो कि गाजा में संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'पीस प्लान' के पहले चरण पर इजरायल और हमास ने मुहर लगाई. इसके तहत हमास के कब्जे में मौजूद सभी इजरायली बंधकों की रिहाई हो गई है. रेड क्रॉस ने उन्हें इजरायली सेना को सौंपा. 

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