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हरियाणा: मर्डर केस में गवाही न देने वाले SHO पर फूटा जज का गुस्सा, दे डाली ऐसी सजा जो जिंदगी भर रहेगी याद

इंस्पेक्टर राजेश इंस्पेक्टर राजेश कुमार वर्तमान में सिरसा जिले के बड़ाबूढ़ा थाने में बतौर एसएचओ तैनात हैं. उन पर आरोप है कि वह गवाही के लिए कई तारीखों पर कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए, जिसके चलते अदालत ने 29 अगस्त को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए थे. गुरुवार को जब वह गवाही देने पहुंचे तो अदालत ने उन्हें एक घंटे के लिए कोर्ट परिसर के बक्शीखाना (सलाखों) में रखने का आदेश दे दिया.

हरियाणा: मर्डर केस में गवाही न देने वाले SHO पर फूटा जज का गुस्सा, दे डाली ऐसी सजा जो जिंदगी भर रहेगी याद
इंस्पेक्टर राजेश कुमार
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हरियाणा के कैथल जिले में गुरुवार (11 सितंबर) को जिला न्यायालय ने एक अनोखा और सख्त फैसला सुनाया. हत्या के एक मामले में गवाह के तौर पर पेश होने आए इंस्पेक्टर राजेश कुमार को कोर्ट में देर से पहुंचने पर लॉकअप में बंद करने और उनकी सैलरी अटैच करने के आदेश जारी कर दिए.

क्यों लिया गया यह फैसला?

इंस्पेक्टर राजेश हत्या के एक केस में जांच अधिकारी (IO) थे. उन्हें अतिरिक्त सेशन जज मोहित अग्रवाल की अदालत में गवाही देनी थी. लेकिन वे आधा घंटा देर से यानी सुबह 10:30 बजे कोर्ट पहुंचे, जबकि सुनवाई का समय सुबह 10 बजे तय था. अदालत ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि इंस्पेक्टर को सुबह 10:30 से 11:30 बजे तक बख्शी खाने (लॉकअप) में रखा जाए.

कोर्ट ने यह भी कहा कि इंस्पेक्टर राजेश कई बार कोर्ट की अवमानना कर चुके हैं और उनके खिलाफ पहले गैर जमानती वारंट (NBW) भी जारी हो चुके हैं.

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हाईकोर्ट का दबाव

इस मामले में पीड़ित पक्ष ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी कि केस की सुनवाई में लगातार देरी हो रही है. हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर 2024 को जिला अदालत को आदेश दिए थे कि समयबद्ध तरीके से फैसले सुनाए जाएं. इसके बावजूद इंस्पेक्टर राजेश बार-बार पेशी पर अनुपस्थित रहते थे, जिससे केस में देरी हो रही थी.

क्या है मामला?

वर्ष 2021 में कैथल जिले के थाना सीवन क्षेत्र में एक युवक की हत्या हुई थी.

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मृतक के चाचा ने न्याय में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

उस वक्त इंस्पेक्टर राजेश इस केस के जांच अधिकारी थे.

फिलहाल वे सिरसा जिले में तैनात हैं.

वेतन अटैच करने का आदेश

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पहले भी 29 अगस्त को अदालत ने कैथल पुलिस अधीक्षक (SP) को आदेश जारी किया था कि इंस्पेक्टर राजेश की वेतन राशि अटैच की जाए. गुरुवार को गवाही पूरी होने के बाद कोर्ट ने उन्हें छोड़ दिया, लेकिन सख्त चेतावनी भी दी.

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