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पहले दबोचा, फिर 15 मिनट तक नोचते रहे… बैंकॉक में शेरों ने केयरटेकर को ही बना लिया शिकार, लाचार खड़े देखते रहे पर्यटक

बैंकॉक में 58 वर्षीय जियान रंगखारसामी चिड़ियाघर में एक जानलेवा गलती के कारण मारे गए. रंगखरसामी ने इस खुले चिड़ियाघर का सिक्योरिटी प्रोटोकॉल तोड़ा और अपनी कार से शेरों के बाड़े में घुस गया, जहां शेरों पर उसपर अटैक कर दिया और मार दिया.

पहले दबोचा, फिर 15 मिनट तक नोचते रहे… बैंकॉक में शेरों ने केयरटेकर को ही बना लिया शिकार, लाचार खड़े देखते रहे पर्यटक
Image Credit: Screengrab
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जंगली जानवरों पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है. कब वे हमला कर दें, कहा नहीं जा सकता, खासकर शेरों से. उनके चंगुल में फंसने के बाद बचना लगभग नामुमकिन होता है. ऐसी ही एक खौफनाक घटना बैंकॉक के सफारी वर्ल्ड चिड़ियाघर में 10 सितंबर को हुई. यहां शेरों के झुंड ने एक बुजुर्ग केयरटेकर को पर्यटकों के सामने ही बेरहमी से मार डाला. यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.

शेरों के बाड़े में केयरटेकर ने घुसाई कार

बैंकॉक पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, 58 वर्षीय जियान रंगखारसामी, जो 20 साल से ज्यादा समय से सफारी वर्ल्ड चिड़ियाघर में काम कर रहे थे, एक जानलेवा गलती के चलते मौत के शिकार हो गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रंगखारसामी ने सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर अपनी कार शेरों के बाड़े में घुसा दी. इसके बाद शेरों के झुंड ने उन पर करीब 15 मिनट तक बेरहमी से हमला किया. किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

रंगखारसामी को नोचते रहे शेर, लाचार होकर देखते रहे पर्यटक

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पूरी घटना पर्यटकों के सामने हुई और वे लाचार होकर यह खौफनाक नजारा देखते रहे. किसी के पास भी मदद करने का तरीका नहीं था, क्योंकि शेरों के पास जाना मौत को दावत देने जैसा था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ पर्यटकों ने कार के हॉर्न बजाकर और चिल्लाकर शेरों का ध्यान भटकाने की कोशिश की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ. शेर लगातार उस बुजुर्ग केयरटेकर को नोचते-काटते रहे तब तक, जब तक उसकी जान नहीं चली गई.

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15 मिनट में शेरों ने रंगखारसामी को मार डाला

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रा मोंगकुट क्लाओ अस्पताल के पूर्व प्रोफेसर और सर्जन कर्नल डॉ. थावाचाई कंचनारिन ने बताया कि चिड़ियाघर के केयरटेकर पर उस समय हमला किया गया जब वह शेरों के बाड़े में अपनी गाड़ी छोड़कर जा रहे थे. उन्होंने कहा, ‘शुरू में कुछ लोगों को लगा कि शेर उसे जानते हैं. शायद उन्होंने सोचा होगा कि वह कोई मालिक या देखभाल करने वाला होगा. कई प्रत्यक्षदर्शियों ने ये खतरनाक हमला देखा, लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि कैसे मदद करें. पर्यटकों ने अपनी गाड़ियों के हॉर्न बजाए और शेरों से उसे छोड़ने के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन शेर लगभग 15 मिनट तक उसे काटते रहे’.

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