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Sarvam AI ने दुनिया में मचाई हलचल, Google Gemini और ChatGPT को दे रहा सीधी टक्कर
Sarvam AI: Sarvam AI का मकसद सिर्फ टेक्नोलॉजी बनाना नहीं है, बल्कि भारत को AI डेवलपमेंट का एक बड़ा केंद्र बनाना है. इसके मॉडल ग्लोबल स्टैंडर्ड के हैं और कुछ मामलों में ChatGPT, Google Gemini जैसे बड़े नामों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं.
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Sarvam AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अब तक अमेरिका और चीन का ही दबदबा माना जाता था. अक्सर भारत को केवल टैलेंट या प्रतिभा का स्रोत समझा जाता था, लेकिन असली AI मॉडल बनाने वाला देश नहीं. लेकिन अब बेंगलुरु की स्टार्टअप Sarvam AI इस सोच को बदल रही है. कंपनी ने भारत में ही तैयार किए गए अपने AI मॉडल के दम पर दुनिया के बड़े टेक कंपनियों को चुनौती देना शुरू कर दिया है.
Sarvam AI का मकसद सिर्फ टेक्नोलॉजी बनाना नहीं है, बल्कि भारत को AI डेवलपमेंट का एक बड़ा केंद्र बनाना है. इसके मॉडल ग्लोबल स्टैंडर्ड के हैं और कुछ मामलों में ChatGPT, Google Gemini जैसे बड़े नामों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं.
Sarvam Vision: OCR में बड़ी सफलता
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Sarvam AI के टूल्स में सबसे ज्यादा चर्चा में है Sarvam Vision. यह एक OCR (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) आधारित AI मॉडल है, जो दस्तावेज़ों से टेक्स्ट निकालने में मदद करता है. कई बेंचमार्क टेस्ट में इसने ChatGPT, Google Gemini और Anthropic Claude जैसे बड़े AI मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है.
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Sarvam Vision की खासियत यह है कि यह सिर्फ सामान्य टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि जटिल टेबल्स, गणितीय फॉर्मूले और तकनीकी दस्तावेज़ भी आसानी से पढ़ सकता है. इसका मतलब है कि जो काम पुराने OCR सिस्टम्स के लिए मुश्किल था, अब Sarvam Vision आसानी से कर पा रहा है.
बेंचमार्क स्कोर ने बढ़ाई दुनिया की दिलचस्पी
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Sarvam AI के को-फाउंडर प्रत्युष कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि Sarvam Vision ने olmOCR-Bench पर 84.3 प्रतिशत की सटीकता हासिल की है. यह स्कोर Google Gemini 3 Pro और DeepSeek OCR v2 से बेहतर है. इसके अलावा, OmniDocBench v1.5 पर 93.28 प्रतिशत का शानदार स्कोर हासिल किया.
इन आंकड़ों से साफ है कि Sarvam Vision कड़ी प्रतिस्पर्धा में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है. यह तकनीक उन दस्तावेज़ों को भी आसानी से पढ़ सकती है, जहां पारंपरिक सिस्टम अक्सर फेल हो जाते हैं.
आलोचना से सराहना तक का सफर
पहले Sarvam AI को केवल भारतीय भाषाओं पर फोकस करने के लिए संदेह की नजर से देखा गया था. लोग सोचते थे कि यह मॉडल बड़े ग्लोबल AI प्लेटफॉर्म्स का मुकाबला नहीं कर पाएगा. लेकिन अब वही लोग इसकी तारीफ कर रहे है.
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टेक कमेंटेटर Deedy Das ने भी माना कि उन्होंने Sarvam AI को कम आंका था. उन्होंने कहा कि Sarvam के OCR और स्पीच मॉडल भारतीय भाषाओं के लिए बेहद मजबूत हैं. यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी यही दिखाती हैं कि लोग Sarvam के टूल्स से हैरान और खुश दोनों हैं.
Bulbul V3: भारतीय भाषाओं के लिए नया AI वॉयस मॉडल
Sarvam AI ने OCR के अलावा अपना नया टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल Bulbul V3 भी लॉन्च किया है. यह AI वॉयस टूल भारतीय भाषाओं में नेचुरल और एक्सप्रेसिव आवाजें बनाने पर फोकस करता है.
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Bulbul V3 का कॉन्सेप्ट अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म ElevenLabs जैसा है, लेकिन इसे भारत की जरूरतों के हिसाब से खास तौर पर तैयार किया गया है. अभी इस मॉडल में 11 भारतीय भाषाओं में 35 से ज्यादा आवाजें उपलब्ध हैं. कंपनी जल्द ही इसे 22 भाषाओं तक बढ़ाने की योजना में है.
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Bulbul V3 का उद्देश्य यह है कि लोग अपनी भाषा में सही और प्राकृतिक आवाज़ वाले AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकें, जिससे तकनीक और अधिक सुलभ और उपयोगी बने.