Advertisement

Loading Ad...

सरोगेट महिलाओं की जगह लेने को तैयार हुआ बच्चे को जन्म देने वाला ‘प्रेग्नेंसी रोबोट’… चीन की नई टेक्नोलॉजी ने मार्केट में मचाया तहलका

चीन के ग्वांगझोऊ शहर में स्थित एक टेक्नोलॉजी कंपनी, काइवा टेक्नोलॉजी, ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जिसमें इंसानी गर्भाशय की नकल करने वाला एक आर्टिफिशियल वूम्ब लगाया जाएगा.

Representational Pic
Loading Ad...

जब किसी महिला को बच्चा पैदा करने में परेशानी होती है, तो अक्सर वह सरोगेसी का सहारा लेती है. यानी कोई दूसरी महिला अपनी कोख से किसी और दंपत्ति के लिए बच्चा पैदा करती है. इस प्रक्रिया को ही सरोगेसी कहा जाता है. आज के दौर में यह एक सामान्य विकल्प बन चुका है, खासकर उन दंपत्तियों के लिए जो खुद गर्भधारण नहीं कर सकते. लेकिन यह प्रक्रिया काफी महंगी और भावनात्मक रूप से जटिल होती है. 

अमेरिका जैसे देशों में सरोगेसी पर लाखों रुपये खर्च होते हैं, और भारत में भी यह विवादों का मुद्दा रहा है. इसी बीच चीन ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जो सरोगेट महिलाओं की जगह ले सकता है. 

काइवा टेक्नोलॉजी ने तैयार किया रोबोट

Loading Ad...

चीन के ग्वांगझोऊ शहर में स्थित एक टेक्नोलॉजी कंपनी, काइवा टेक्नोलॉजी, ने एक ऐसा रोबोट तैयार किया है, जिसमें इंसानी गर्भाशय की नकल करने वाला एक आर्टिफिशियल वूम्ब लगाया जाएगा. इस प्रेगनेंसी रोबोट का विचार डॉक्टर झांग किफेंग ने पेश किया है, जो कि इस कंपनी के संस्थापक भी हैं. उनका दावा है कि यह रोबोट एक इंसानी महिला की तरह 10 महीने तक गर्भ में बच्चे को पाल सकेगा और उसके सभी विकास की जरूरतों को पूरा करेगा.

Loading Ad...

आर्टिफिशियल वूम्ब पहले से ही विकसित

डॉक्टर झांग ने बताया कि आर्टिफिशियल वूम्ब (कृत्रिम कोख) तकनीक पहले से ही विकसित हो चुकी है. अब इस तकनीक को केवल रोबोट के शरीर में लगाया जाना बाकी है. रोबोट के पेट में एक खास नली लगी होगी, जिसके जरिए भ्रूण को जरूरी पोषण और ऑक्सीजन दी जाएगी. यह प्रक्रिया वैसे ही होगी जैसी किसी इंसानी मां के गर्भ में होती है. उनका कहना है कि यह तकनीक उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो सरोगेसी पर निर्भर हैं लेकिन इसके खर्च या कानूनी पेचिदगियों से परेशान रहते हैं.

Loading Ad...

14 लाख रुपए की लगेगी लागत

इस 'प्रेगनेंसी रोबोट' से बच्चा पलवाने की लागत करीब 1 लाख युआन यानी लगभग 14 लाख रुपए होगी. अमेरिका में यह खर्च 75 लाख के करीब होता है. यही कारण है कि इस तकनीक को एक सस्ता और सरल विकल्प माना जा रहा है. ये उनके लिए वरदान हैं जो बे-औलाद हैं और सरोगेट मदर्स को तलाशने में वक्त बिताते हैं.

LIVE
अधिक →
Loading Ad...
Loading Ad...