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चैटजीपीटी वाली कंपनी OpenAI का बड़ा फैसला, भारत में खोलेगी पहला ऑफिस

भारत अब AI की दुनिया में सिर्फ एक यूज़र नहीं बल्कि एक इनोवेशन हब बनता जा रहा है. ओपनएआई जैसी ग्लोबल कंपनियों का भारत में आना यह दिखाता है कि आने वाले समय में यहां AI से जुड़ी नौकरियों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा. अब भारत सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसका निर्माता बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.

Image Credit: ChatGPT
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Open AI India Office: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास इतनी तेजी से हो रहा है कि अब दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनियां भी भारत की तरफ ध्यान देने लगी हैं. पहले जहां कुछ टेक कंपनियां भारत को AI तकनीक के मामले में पीछे समझती थीं, वहीं अब भारत ने जिस तरह से AI के उपयोग और विकास में छलांग लगाई है, उसने सबको चौंका दिया है. आज भारत दुनियाभर की बड़ी AI कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार और टेक टैलंट का केंद्र बन गया है.

 ओपनएआई खोल रही है भारत में अपना पहला ऑफिस

AI की दुनिया की सबसे चर्चित कंपनी ओपनएआई, जिसने चैटजीपीटी बनाया है, अब भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओपनएआई जल्द ही नई दिल्ली में अपना पहला ऑफिस शुरू करने जा रही है. इस ऑफिस की स्थापना की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और एक टीम भी बननी शुरू हो गई है. कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन का कहना है कि भारत में AI को लेकर जबरदस्त उत्साह है और यहां अपार संभावनाएं मौजूद हैं.

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 अब AI को बनाएंगे सस्ता और आसान

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भारत में बढ़ती मांग को देखते हुए ओपनएआई का लक्ष्य है कि AI को हर किसी के लिए किफायती और आसान बनाया जाए. इसी सोच के तहत ओपनएआई ने हाल ही में भारतीय यूज़र्स के लिए सबसे सस्ता सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च किया है, जिसे "ChatGPT Go" कहा गया है। यह प्लान सिर्फ ₹399 प्रति माह में उपलब्ध है और खासतौर पर उन भारतीयों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो कम कीमत में AI का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं.

 AI कंपनियों की नजर अब भारत पर

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ओपनएआई ही नहीं, दूसरी AI कंपनियां भी भारत को लेकर काफी उत्साहित हैं. उदाहरण के लिए, अमेरिका की कंपनी Perplexity AI ने भारत की टेलीकॉम कंपनी Airtel के साथ साझेदारी की है. इस साझेदारी के तहत, Airtel के ग्राहक करीब 18,000 रुपये का Perplexity सब्सक्रिप्शन मुफ्त में पा रहे हैं। इससे साफ है कि भारत अब सिर्फ एक यूज़र मार्केट नहीं, बल्कि ग्लोबल AI रणनीति का हिस्सा बनता जा रहा है.

तेजी से बढ़ रहे हैं चैटजीपीटी के भारतीय यूज़र

भारत में चैटजीपीटी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में भारत में चैटजीपीटी के एक्टिव यूजर्स की संख्या 4 गुना बढ़ चुकी है. अमेरिका के बाद भारत, चैटजीपीटी का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता बन चुका है. इसी को ध्यान में रखते हुए, ओपनएआई भारत में ऑफिस खोल रही है ताकि वह भारतीय उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को और बेहतर तरीके से समझ सके और उनके लिए खास टूल्स विकसित कर सके.

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 सैम ऑल्टमैन का बदला नजरिया

आज से दो साल पहले, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा था कि भारत के लिए खुद का AI चैटबॉट बनाना बेहद मुश्किल होगा और अगर भारत ऐसा करेगा, तो वह असफल रहेगा. लेकिन अब उनका नजरिया पूरी तरह बदल चुका है. हाल में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत में AI को लेकर जो जोश, टैलंट और अवसर हैं, वे अविश्वसनीय हैं. भारत में टेक्नोलॉजी का जबरदस्त इकोसिस्टम है और यह देश AI का ग्लोबल लीडर बनने की काबिलियत रखता है.
उन्होंने ये भी कहा कि भारत में ऑफिस खोलना और लोकल टीम बनाना, ओपनएआई का ये पहला कदम है कि वो AI को और अधिक सुलभ और उपयोगी बना सके.

कुल मिलाकर, भारत अब AI की दुनिया में सिर्फ एक यूज़र नहीं बल्कि एक इनोवेशन हब बनता जा रहा है. ओपनएआई जैसी ग्लोबल कंपनियों का भारत में आना यह दिखाता है कि आने वाले समय में यहां AI से जुड़ी नौकरियों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा. अब भारत सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसका निर्माता बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.

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