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अब गलियों में भी मिलेगा एकदम सटीक पता, Airtel ने लॉन्च की देश की पहली AI लोकेशन सर्विस
भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में, जहां तकनीक अब गांवों तक पहुंच रही है, वहां इस तरह की एडवांस लोकेशन सर्विस एक गेम चेंजर साबित हो सकती है.
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Airtel Launch India's First AI Loaction Service: भारत में अब लोकेशन बताने की तकनीक और भी एडवांस होने जा रही है. टेलिकॉम कंपनी एयरटेल ने मंगलवार को एक बड़ा ऐलान किया कि वो देश की पहली क्लाउड-बेस्ड लोकेशन सर्विस लेकर आई है. इस सर्विस की खास बात ये है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसी स्मार्ट टेक्नोलॉजी से चलती है. इसके चलते अब यूजर्स को पहले से 100 गुना ज्यादा सटीक लोकेशन मिलेगी..
अमेरिकी कंपनी के साथ साझेदारी
इस नई सर्विस को लाने के लिए एयरटेल ने अमेरिका की एक टेक कंपनी Swift Navigation के साथ पार्टनरशिप की है. इस सर्विस का नाम रखा गया है Airtel-Skylark Precise Positioning Service. अब ये सर्विस पूरे देश में एयरटेल के 4G और 5G नेटवर्क पर उपलब्ध होगी. इसका मतलब ये हुआ कि भारत के किसी भी कोने में, जहां एयरटेल का नेटवर्क है, वहां ये लोकेशन सर्विस काम करेगी.
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किन-किन जगहों पर होगी इस टेक्नोलॉजी से मदद?
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एयरटेल का कहना है कि ये नई सर्विस सिर्फ मोबाइल यूजर्स के लिए नहीं है, बल्कि इससे कई अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ को भी बहुत फायदा होगा...
- टोल टैक्स सिस्टम में अब सैटेलाइट से पैसे वसूलना आसान और सटीक हो सकेगा.
- इमरजेंसी रिस्पॉन्स, जैसे कि एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड को किसी घटना की बिल्कुल सही जगह तक पहुंचने में मदद मिलेगी.
- डिजिटल मैपिंग, यानी ऑनलाइन मैप्स को और सटीक और अपडेटेड बनाया जा सकेगा.
- कंस्ट्रक्शन, फ्लीट मैनेजमेंट, यूटिलिटी सर्विसेज (जैसे बिजली, पानी आदि) में भी ये लोकेशन सिस्टम बहुत काम आएगा.
एयरटेल बिजनेस के CEO का बयान
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एयरटेल बिजनेस के सीईओ शरत सिन्हा ने कहा कि भारत जैसे देश में, जहां गली-मोहल्ले अक्सर टेढ़े-मेढ़े और संकरे होते हैं, वहां हर सेंटीमीटर की लोकेशन की सटीकता बहुत जरूरी होती है, खासकर जब बात किसी इमरजेंसी की हो. उन्होंने बताया कि Swift Navigation के साथ मिलकर अब वो देश की पहली ऐसी GNSS सुधार सेवा (यानी सैटेलाइट से मिली लोकेशन को और सटीक बनाना) शुरू कर रहे हैं, जो क्लाउड पर चलती है और AI व ML से लैस है. यह तकनीक भविष्य में इंडस्ट्री के लिए एक नया स्टैंडर्ड बनेगी और कई नए इनोवेशन को जन्म देगी.
Swift Navigation का भी आया बड़ा बयान
Swift Navigation के एक वरिष्ठ अधिकारी होल्गर इप्पाच ने कहा कि उन्हें एयरटेल के साथ पार्टनरशिप कर भारत में Skylark सर्विस लाने की खुशी है. उनका कहना है कि इससे भारत में काम कर रहे बिजनेस और डेवलपर्स को IoT (Internet of Things) और ऑटोमेशन के लिए एक बहुत ही सटीक लोकेशन टेक्नोलॉजी मिलेगी. इससे ना सिर्फ उनका काम आसान होगा, बल्कि नए टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स भी बेहतर तरीके से काम कर पाएंगे.
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क्या है इस टेक्नोलॉजी का असली फायदा?
अब तक जो GPS या लोकेशन सर्विस हम अपने मोबाइल में इस्तेमाल करते थे, वह कुछ मीटर तक की गलती कर सकती थी. लेकिन अब Airtel Skylark सर्विस की मदद से सेंटीमीटर-लेवल तक सटीक लोकेशन मिलेगी. यह खासतौर पर उन कामों में उपयोगी है जहां हर इंच की सटीकता जरूरी हो – जैसे ड्राइवरलेस गाड़ियों की नेविगेशन, मशीनों से की जा रही खेती, या सटीक डिलीवरी सिस्टम.
क्यों है ये भारत के लिए बड़ा कदम?
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भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में, जहां तकनीक अब गांवों तक पहुंच रही है, वहां इस तरह की एडवांस लोकेशन सर्विस एक गेम चेंजर साबित हो सकती है. इससे न सिर्फ तकनीकी प्रगति में तेजी आएगी, बल्कि देश के अलग-अलग सेक्टर्स में सुरक्षा, समय की बचत और स्मार्ट कामकाज को बढ़ावा मिलेगा.