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10 साल बाद YouTube ने लिया बड़ा फैसला, 'Trending' टैब बंद , मॉनिटाइजेशन पॉलिसी में भी बदलाव की घोषणा
YouTube के ये नए कदम स्पष्ट संकेत देते हैं कि कंपनी अब क्वालिटी और पर्सनलाइजेशन पर ज्यादा जोर दे रही है. हालांकि इससे क्रिएटर्स के लिए थोड़ी चुनौती जरूर बढ़ सकती है, लेकिन साथ ही उन्हें अपने कंटेंट को और ज्यादा रचनात्मक, प्रासंगिक और यूनिक बनाने की दिशा में प्रेरणा भी मिलेगी. जो क्रिएटर्स इन परिवर्तनों के अनुरूप खुद को ढाल पाएंगे, उनके लिए YouTube अभी भी एक बड़ा अवसर बना रहेगा.
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YouTube Trending Tab Shutting Down: YouTube ने हाल ही में दो बड़े बदलावों की घोषणा की है, जो प्लेटफॉर्म पर कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे. पहला बदलाव है मॉनिटाइजेशन पॉलिसी में सख्ती और दूसरा, सालों पुरानी "Trending" टैब को बंद करना. ये दोनों फैसले एक तरफ जहाँ यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर ये क्रिएटर्स के लिए कंटेंट बनाना और उससे कमाई करना थोड़ा और चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं.
क्या है ट्रेंडिंग टैब और क्यों था यह महत्वपूर्ण?
YouTube ने साल 2015 में अपने प्लेटफॉर्म पर "Trending" टैब लॉन्च किया था. यह टैब दर्शकों को यह दिखाने के लिए बनाया गया था कि उस समय कौन-से वीडियो तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. इसमें वायरल क्लिप्स, चर्चित समाचार वीडियो, म्यूजिक वीडियो रिलीज़ और कभी-कभी मशहूर शख्सियतों के वीडियो भी शामिल होते थे. यह फीचर खासतौर पर उन क्रिएटर्स के लिए उपयोगी था जो ट्रेंड को पकड़कर वैसा ही कंटेंट बनाते थे, जिससे वायरल होने की संभावना बढ़ जाती थी.
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अब क्यों बंद किया जा रहा है ट्रेंडिंग टैब?
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YouTube का कहना है कि वे दर्शकों को अब पहले से ज्यादा पर्सनलाइज्ड और कैटेगरी-बेस्ड कंटेंट एक्सप्लोर करवाना चाहते हैं. ट्रेंडिंग टैब को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है और इसकी जगह आने वाले हफ्तों में यूजर्स को कैटेगरी-स्पेसिफिक चार्ट्स दिखाए जाएंगे. उदाहरण के तौर पर, ट्रेंडिंग म्यूजिक वीडियो, वीकली टॉप पॉडकास्ट, मूवी ट्रेलर आदि. कंपनी का मानना है कि इससे दर्शकों को ज्यादा प्रासंगिक और रुचिकर कंटेंट मिलेगा, जो उनके व्यूइंग पैटर्न से मेल खाता हो.
क्रिएटर्स के लिए क्या बदलेगा?
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Trending टैब का बंद होना क्रिएटर्स के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है. अब उनके पास वह टूल नहीं रहेगा जिससे वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स को पहचान कर उसी के अनुसार कंटेंट बना सकें. इससे नए क्रिएटर्स के लिए कमाई का रास्ता और कठिन हो सकता है, खासकर उनके लिए जिनकी रणनीति ट्रेंड-आधारित कंटेंट पर टिकी होती थी.
15 जुलाई से मॉनिटाइजेशन में बदलाव:
इससे पहले YouTube ने 15 जुलाई, 2025 से लागू होने वाली नई मॉनिटाइजेशन पॉलिसी की भी घोषणा की थी. इस नई नीति के तहत, अब केवल वही क्रिएटर्स कमाई कर सकेंगे जिनका कंटेंट "नया और ओरिजिनल" होगा. Mass-produced यानी भारी मात्रा में कॉपी किए गए या एक जैसे कंटेंट पर अब YouTube सख्त रुख अपनाएगा.
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इसका सीधा असर उन चैनलों पर पड़ेगा जो पुराना, दोहराया गया या AI-जनरेटेड कंटेंट पोस्ट करके व्यूज और पैसा कमा रहे थे. इस नई पॉलिसी का उद्देश्य है YouTube को एक ओरिजिनल और क्वालिटी-कंटेंट हब बनाना.
क्या विकल्प देगा YouTube?
हालांकि ट्रेंडिंग टैब बंद हो रहा है, लेकिन YouTube यह सुनिश्चित कर रहा है कि क्रिएटर्स को लोकप्रिय कंटेंट की जानकारी मिलती रहे। इसके लिए कंपनी कुछ नए टूल्स और फीचर्स लाने की तैयारी में है:
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कैटेगरी आधारित ट्रेंडिंग चार्ट्स: जैसे ट्रेंडिंग म्यूजिक, टॉप पॉडकास्ट, मूवी ट्रेलर इत्यादि.
पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन: हर यूजर को उनकी रुचियों के अनुसार वीडियो सुझाव मिलते रहेंगे.
एनालिटिक्स और टूल्स: क्रिएटर्स को यह जानने के लिए डेटा मिलेगा कि उनके दर्शक क्या देखना पसंद कर रहे हैं.
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YouTube के ये नए कदम स्पष्ट संकेत देते हैं कि कंपनी अब क्वालिटी और पर्सनलाइजेशन पर ज्यादा जोर दे रही है. हालांकि इससे क्रिएटर्स के लिए थोड़ी चुनौती जरूर बढ़ सकती है, लेकिन साथ ही उन्हें अपने कंटेंट को और ज्यादा रचनात्मक, प्रासंगिक और यूनिक बनाने की दिशा में प्रेरणा भी मिलेगी. जो क्रिएटर्स इन परिवर्तनों के अनुरूप खुद को ढाल पाएंगे, उनके लिए YouTube अभी भी एक बड़ा अवसर बना रहेगा.