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पेट्रोल-डीजल और सिलेंडर की भ्रामक खबरों पर योगी सरकार सख्त, जमाखोरों पर एक्शन के निर्देश, अफवाह उड़ाने वालों पर होगी कार्रवाई
Yogi government takes strict: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन उत्पादों की कथित किल्लत की अफवाहें फैलाकर इसकी आड़ में जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए.
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CM Yogi: योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है. हर जिले में पेट्रोल-डीजल की पूरी उपलब्धता के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, किसी भी प्रकार की कमी नहीं है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन उत्पादों की कथित किल्लत की अफवाहें फैलाकर इसकी आड़ में जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए.
पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस सिलेंडर की कमी नहीं
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल-डीजल व गैस आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जाए; इसके अनुपालन में जिलों में अधिकारियों द्वारा पेट्रोल-डीजल फिलिंग स्टेशनों तथा गैस एजेंसियों के निरीक्षण का काम किया जा रहा है.
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सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ स्थानों से कालाबाजारी और किल्लत की बातें सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से सामने आ रही हैं. ये भ्रामक हैं. प्रशासन को ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है. आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर भी लगातार निगरानी की जा रही है.
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अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें. सरकार का कहना है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल व एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है. भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
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गैस बुकिंग सिस्टम में क्या बदलाव हुआ
हाल ही में गैस बुकिंग के नियम में थोड़ा बदलाव किया गया है. अब अगर किसी उपभोक्ता ने एक सिलेंडर ले लिया है तो वह दूसरा सिलेंडर कम से कम 25 दिन बाद ही बुक कर सकेगा.
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यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि सभी उपभोक्ताओं को बराबरी से गैस मिल सके और कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा न कर सके. सरकार का कहना है कि यह बदलाव गैस की कमी के कारण नहीं बल्कि सप्लाई को व्यवस्थित और संतुलित रखने के लिए किया गया है.