Advertisement

Loading Ad...

सिखों के 'आनंद विवाह' रजिस्ट्रेशन के लिए नई नियमावली को योगी कैबिनेट की मंजूरी, तीन महीने के भीतर कराना होगा पंजीकरण

UP Anand Vivah Registration: इस नियमावली का उद्देश्य सिख धर्म में होने वाले पारंपरिक विवाह ‘आनंद कारज’ का पंजीकरण सरल और व्यवस्थित बनाना है. अब इस नियम के लागू होने के बाद सिख समुदाय के लोग अपने विवाह को आसानी से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करा सकेंगे.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने सिख समुदाय के विवाह पंजीकरण को आसान बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में “उत्तर प्रदेश आनंद विवाह रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 2026” को मंजूरी दे दी गई है.
इस नियमावली का उद्देश्य सिख धर्म में होने वाले पारंपरिक विवाह ‘आनंद कारज’ का पंजीकरण सरल और व्यवस्थित बनाना है. अब इस नियम के लागू होने के बाद सिख समुदाय के लोग अपने विवाह को आसानी से सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करा सकेंगे.

आनंद मैरिज एक्ट के तहत लागू होगी व्यवस्था

यह नियम Anand Marriage Act, 1909 (जिसमें 2012 में संशोधन हुआ था) की धारा-6 के तहत राज्य सरकार को मिले अधिकारों के आधार पर बनाया गया है.
इसके अलावा यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका Amanjot Singh Chaddha vs Union of India case में 4 सितंबर 2025 को दिए गए निर्देशों के पालन में लिया गया है. सरकार का कहना है कि इससे सिख समुदाय के विवाह को कानूनी रूप से दर्ज करना आसान होगा और उनकी धार्मिक परंपराओं का सम्मान भी बना रहेगा.

Loading Ad...

अलग-अलग स्तर पर होंगे रजिस्ट्रार नियुक्त

Loading Ad...

नई नियमावली के अनुसार विवाह पंजीकरण की व्यवस्था अलग-अलग प्रशासनिक स्तरों पर की जाएगी.
तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी (SDM) को रजिस्ट्रार बनाया जाएगा.
जिला स्तर पर जिलाधिकारी को जिला रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी दी जाएगी.
मंडल स्तर पर मंडलायुक्त को मंडलीय रजिस्ट्रार बनाया जाएगा.
राज्य स्तर पर अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के निदेशक को मुख्य रजिस्ट्रार नियुक्त किया जाएगा.
इस व्यवस्था से पंजीकरण प्रक्रिया को व्यवस्थित और सरल बनाने में मदद मिलेगी.

आवेदन की प्रक्रिया और शुल्क

Loading Ad...

नई नियमावली के तहत विवाह के बाद तीन महीने के भीतर विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन किया जा सकेगा. यह आवेदन निर्धारित फॉर्म में 1500 रुपये के न्यायालय शुल्क स्टाम्प के साथ जमा करना होगा.
अगर किसी कारण से तय समय के बाद आवेदन किया जाता है, तो भी पंजीकरण कराया जा सकेगा, लेकिन इसके लिए नियमों के अनुसार अतिरिक्त विलंब शुल्क देना होगा.

अपील की भी होगी सुविधा

नियमावली में यह भी व्यवस्था की गई है कि यदि कोई व्यक्ति रजिस्ट्रार के फैसले से संतुष्ट नहीं है तो वह जिला रजिस्ट्रार के पास अपील कर सकता है. अगर जिला रजिस्ट्रार के फैसले से भी असहमति होती है तो मामला मंडलीय रजिस्ट्रार के सामने अपील के रूप में ले जाया जा सकता है.

Loading Ad...

पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी

यह भी पढ़ें

नई नियमावली में विवाह रजिस्टर को सुरक्षित रखने और उसकी प्रमाणित प्रति प्राप्त करने से जुड़े नियम भी शामिल किए गए हैं.
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से उत्तर प्रदेश में सिख समुदाय के आनंद विवाह का आधिकारिक पंजीकरण आसान हो जाएगा. इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और लोगों को जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने में भी सुविधा मिलेगी.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...