Advertisement
छांगुर बाबा पर महिला का बड़ा खुलासा, सहारनपुर और कैराना सांसद पर भी लगाया गंभीर आरोप, नंदकिशोर गुर्जर से मिल सुनाई आपबीती
महिला का कहना है कि उसने सहारनपुर के सांसद और कैराना की सांसद से भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन दोनों ने कोई सहायता नहीं की. अब पीड़िता ने लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर से मिलकर न्याय की मांग की है.
Advertisement
धर्मांतरण के कथित सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. कर्नाटक की रहने वाली एक महिला ने छांगुर और उसके सहयोगियों पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. पीड़िता ने गाजियाबाद के बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर से मुलाकात कर अपनी आपबीती साझा की है.
वसीम ने राजू ने राठौड़ बन किया हिन्दू लड़की से दुष्कर्म
महिला के अनुसार, वह बेंगलुरु में ब्यूटी पार्लर संचालित करती थी. 2019 में उसकी सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति राजू राठौड़ से पहचान हुई, जो बाद में वसीम निकला. महिला का दावा है कि वसीम ने उसे शादी का झांसा देकर सऊदी अरब बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया.
Advertisement
छांगुर बाबा ने बनाया जबरन धर्मांतरण का दबाव
Advertisement
महिला का आरोप है कि सऊदी अरब में उसके साथ बदर अख्तर सिद्दीकी नामक व्यक्ति ने संपर्क किया और किसी अमीर शेख से निकाह कराने का प्रस्ताव रखा. इसी दौरान छांगुर बाबा से वीडियो कॉल कराई गई और उस पर जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाया गया.
धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर किया गया गैंगरेप
Advertisement
किसी तरह महिला भारत वापस लौटने में सफल रही, लेकिन यहां भी उसे धमकियां मिलती रहीं. महिला ने दावा किया कि वसीम के माता-पिता ने उसे सहारनपुर बुलाया और धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसके साथ गैंगरेप कराया गया.
'सहारनपुर और कैराना सांसदों ने नहीं की कोई मदद'
महिला का कहना है कि उसने सहारनपुर के सांसद और कैराना की सांसद से मदद की गुहार लगाई, लेकिन दोनों ने कोई सहायता नहीं की. अब पीड़िता ने विधायक नंदकिशोर गुर्जर से मिलकर न्याय की मांग की है.
Advertisement
विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने दिया पीड़िता का साथ
इस पूरे मामले पर विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा, "अगर सहारनपुर पुलिस पीड़िता की मदद नहीं करती तो मैं खुद वहां जाकर ईंट से ईंट बजा दूंगा. यह मानवता के खिलाफ अपराध है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा."
यह भी पढ़ें
इस घटना ने एक बार फिर धर्मांतरण और मानव तस्करी से जुड़े संगठनों की गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की निष्क्रियता और राजनीतिक हस्तक्षेप की बातों को लेकर भी जांच की मांग उठ रही है.