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Yogi राज में एक पुलिस वाले को क्यों बेचनी पड़ रही है बीच सड़क पर चाय ?
सपाई मुखिया अखिलेश यादव के गढ़ मैनपुरी के रहने वाले निलंबित इंस्पेक्टर मोहित यादव को योगी राज में क्यों बेचनी पड़ रही है सड़क पर चाय, वजह जानकर दंग रह जाएंगे !
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तस्वीरों में जिस शख्स को आप देख रहे हैं। ये कोई चाय वाला नहीं है। इस शख्स का नाम है मोहित यादव। और ये यूपी पुलिस में दरोगा है। लेकिन आज अपने बच्चों का पेट पालने के लिए सड़क पर चाय बेचने को मजबूर है।
कभी उत्तर प्रदेश के जिला झांसी में इंस्पेक्टर रहे मोहित यादव आज कल सड़क पर स्टाल लगाकर इसी तरह से चाय बेचते हुए नजर आ रहे हैं। क्योंकि ड्यूटी में लापरवाही की वजह से उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। और अब चाय बेच कर ही अपने परिवार का खर्चा चला रहे हैं। जब मीडिया ने उनसे सवाल किया तो कहने लगे निलंबन अवधि में मैं अपनी सैलरी सरकार से नहीं लूंगा।इसीलिये चाय बेच कर अपने परिवार का खर्चा चला रहा हूं।
बात यहीं खत्म नहीं हुई। निलंबित इंस्पेक्टर ने यहां तक आरोप लगाया कि मेरी पत्नी और मेरा फोन टेप हो रहा है जैसे मैं कोई आतंकवादी हूं।
चाय की दुकान खोल कर बैठे मोहित यादव ने बताया कि अगर मैं अपनी सैलरी नहीं लेता हूं तो कोई भी धंधा कर सकता हूं। इसीलिये निलंबित अवधि तक वो विभाग से अपनी सैलरी नहीं ले रहा हैं। और अब चाय बेच कर ही अपने परिवार का खर्चा चला रहे हैं।
क्यों किया गया सस्पेंड ?
आजकल चाय बेच कर परिवार चला रहे झांसी पुलिस से निलंबित इंस्पेक्टर मोहित यादव इससे पहले 16 जनवरी को सड़क पर ही बैठ कर रोते हुए नजर आए थे। और सीनियर अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा था कि जब वो छुट्टी की परमिशन लेने के लिए गये थे तो आरआई ने उनके साथ मारपीट की थी।
यही नहीं निलंबित इंस्पेक्टर ने तो यहां तक आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे डिप्रेशन में डाल दिया गया, मेरा इलाज चल रहा है, अब आरआई ने मुझपर हाथ उठा दिया, ये सब सीनियर के कहे पर हो रहा है, उच्चाधिकारी मुझे पिटवा रहे हैं, कोई भी मेरी सुनवाई नहीं कर रहा, मैं तीन बार एप्लीकेशन दे चुका हूं।
14 जनवरी से ही मोहित यादव अपने सीनियर अधिकारियों पर आरोप पर आरोप लगाए जा रहे थे।जबकि झांसी के एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि निलंबित इंस्पेक्टर मोहित यादव ने जो भी आरोप हैं।सभी बेबुनियाद हैं। उन्हें पहले से ही तीन मिस कंडक्ट मिल चुके हैं। जबकि इस वक्त अनुशासनहीनता और विवेचना में लापरवाही की वजह से उन्हें सस्पेंड किया गया है।
कभी सड़क पर बैठ कर रोने। तो कभी चाय बेचने की वजह से चर्चा में आए निलंबित इंस्पेक्टर मोहित यादव दरअसल सपाई गढ़ माने जाने वाले जिला मैनपुरी के रहने वाले हैं। और साल 2012 में उन्हें मृतक आश्रित के तौर पर यूपी पुलिस में नौकरी मिली थी। साल 2023 के नवंबर महीने तक मोहित यादव की पोस्टिंग ललितपुर जिले में थी।जहां से ट्रांसफर होकर झांसी आए थे। और अब अनुशासनहीनता की वजह से सस्पेंड किया गया तो कभी सड़क पर बैठ कर रोते नजर आए। तो कभी अब सड़क पर चाय बेचते नजर आ रहे हैं। इस पूरे मामले पर आप किसे दोषी मानते हैं।
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