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"क्रब से भी खोद निकालेंगे"! नागपुर हिंसा के बाद फुल एक्शन मूड में देवेंद्र फडणवीस! पुलिस पर हमला करने वाले भी बख़्शे नहीं जाएंगे!

नागपुर हिंसा के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस काफी सख्त मूड में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि पुलिस वालों पर हमला करने वालों को अगर कब्र से भी निकालने की बात आई। तो वह भी किया जाएगा। मगर हम इन्हें किसी भी हाल में बख्शेंगे नहीं।

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नागपुर हिंसा पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस भयंकर गुस्से में नजर आ रहे हैं। इस हिंसक झड़प में पुलिस पर हमला करने वालों पर बड़े एक्शन की तैयारी चल रही है। विधानसभा सत्र के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने इस हिंसा को सुनियोजित घटना बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों पर हमला करने वालों को अगर कब्र से भी निकालने की बात आई, तो वह भी किया जाएगा। मगर हम इन्हें किसी भी हाल में बख्शेंगे नहीं।

हिंसा के दौरान 80 लोगों ने पत्थरबाजी की - देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि "हिंसा के दौरान 80 लोगों ने पत्थरबाजी की। इनमें एक पुलिस अधिकारी पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया गया। इसके अलावा तीन डिप्टी कमिश्नर को भी निशाना बनाया गया। कुछ मकानों को तो जानबूझकर निशाना बनाया गया। इनमें एक डीसीपी पर भी कुल्हाड़ी से हमला हुआ।" फडणवीस ने यह भी कहा कि "हिंसा के पीछे अफवाहों की बड़ी भूमिका रही। इसमें एक धार्मिक प्रतीक वाली चादर जलाने को लेकर यह हिंसा भड़की। अफवाहें फैलाई गई कि धार्मिक सामग्री जलाई गई है। यह पूरा सुनियोजित हमला है। कानून को हाथ में लेने का हक किसी को भी नहीं है।"

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कैसे भड़की हिंसा?

बता दें कि नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके के पास सोमवार को यह हिंसा भड़की थी। इनमें दक्षिणपंथी संगठन ने छत्रपति संभाजी नगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया था। उसी दौरान अफवाह फैली कि धार्मिक ग्रंथ के साथ खिलवाड़ की गई है। इसके बाद इलाके में पत्थरबाजी शुरू हो गई और पुलिस पर भी हमला हुआ।

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मुख्य आरोपी की हुई गिरफ्तारी

सोमवार को भड़की हिंसा के करीब 24 घंटे बाद ही पुलिस ने मंगलवार को मुख्य आरोपी फहीम खान की गिरफ्तारी कर लिया। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक उसने अलग-अलग जगहों से कई लोगों को इकट्ठा किया था। पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक सबसे पहले उसने पुलिस स्टेशन के पास लोगों को बुलाया। उसके बाद महल इलाके के पास भीड़ जुटाई। इसी जगह पर यह हिंसा हुई। 17 मार्च को हुई हिंसा में कई ऐसे वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। जहां लोग मुगल शासक औरंगजेब के पक्ष में नारे लगाते दिख रहे हैं। नारों के जरिए औरंगजेब को "आलमगीर हजरत" कहा जा रहा था। फहीम खान इस हिंसा का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। उस पर लोगों को इकट्ठा करने, हिंसा और अफवाह फैलाने को लेकर मामला दर्ज किया गया है।

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